भारत देश में आज भी जिन्दा है बहुत सी अद्भुत प्रथाएं  

भारत देश में आज भी जिन्दा है बहुत सी अद्भुत प्रथाएं  

भारत की पूरी दुनिया में बहुत सी विशेषताओं के कारन एक अलग ही पहचान है| इधर की भाषाएँ, पहनावा, रहन-सहन, खान-पान इन सबके कारण एक अलग ही पहचान है विश्व भर में, भारत में इसके अलावा इधर की प्रथाएं भी बहुत अद्भुत है|

 हमारा देश परम्परओं और विविधताओं का देश है। यहां पर आपको हर कदम पर नई परम्परा और कुछ न कुछ भिन्नता देखने को मिल जायेगी, जिन्हें शायद ही आप जानते हों ऐसे ही परम्परागत और विविधताओं से भरे इस देश में विवाह भी कई प्रकार के होते हैं। जिनके बारे में शायद ही आप अवगत हों। ये विवाह हिंदू विवाह में प्रचलित आम मान्यताओं से भिन्न हैं। इन सबके होने का तरीका बाकि जगह से बहुत अलग है| आज आपको जिन शादियों के बारे में हम बताने जा रहे है उसे सुनकर आप भी  हैरान हो जायेंगे।

मेघालय में महिलाएं का बहुविवाह
भारत में कई जनजातियां हैं। सबकी अलग -अलग प्रथाएं हैंं। उन्ही प्रथाओं में से मेघालय की खासी जनजात‍ी की यह अनोखी प्रथा प्रचलित है। इस प्रथा के चलते इस जनजाती की महिलाएं जितनी चाहे शादियां कर सकती हैं । इतना ही नहीं वे चाहें तो अपने शादी के बाद पत‍ियों को ससुराल में ही रख भी सकती हैं। इस समुदाय में पुरुषों की नहीं बल्‍क‍ि मह‍िलाओं की हुकूमत चलती है,  हालांकि इस प्रथा को बदलने की मांग भी हो रही है। 

एक ही लड़की से सभी भाई करते हैं शादी
 हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले में शादी को लेकर एक अलग ही प्रथा हैं। इस प्रथा को यहां की भाषा में घोटुल प्रथा कहते हैं। सदियों पुरानी इस प्रथा के चलते सभी भाई एक साथ एक लड़की से शादी करते हैं। जीवन भर सब साथ में रहते हैं|  इस रि‍वाज को लेकर जो मान्यता है वह पाण्डव और द्रोपदी से जुड़ी है। मान्‍यता है कि महाभारत काल के दौरान पांडवों ने द्रौपदी और मां कुंती के साथ अज्ञातवास के कुछ पल किन्नौर जिले की गुफाओं में बि‍ताए थे। 

भाई-बहनों के बीच शादी
छत्तीसगढ़ आदिवासी बहुल राज्य है| इधर एक आदिवासी समाज में भी शादी को लेकर कई अनोखी प्रथाएं हैं। यहां पर धुरवा आदिवासी जनजात‍ि में भाई-बहन आपस में शादी करते हैं। यहां पर ममेरे -फुफेरे भाई बहन के बीच शादी का चलन है। ऐसे में जो लोग शादी का प्रस्‍ताव के लिए मना कर देते हैं,  उन पर समाज द्वारा जुर्माना लगाया जाता है। यही कारण है कि आज इस समाज में भी बहुत से लोग शादी करवाने की इस अनोखी परम्परा के खिलाफ हैं।

शादी करने के लिए पहले पैदा करना होता है बच्चा
आपको बता दें कि राजस्थान के उदयपुर, सिरोही और पाली जिलो में और गुजरात में रहने वाले गरासिया जनजाति में शादी की एक अनोखी प्रथा है। गरासिया जनजाति गुजराती, भीली, मेवाड़ी और मारवाड़ी भाषा बोलते हैं। यहां पर शादी से पहले बच्‍चा पैदा करने का र‍िवाज है। यहां शादी से पहले लड़के-लड़क‍ियां एक साथ रहते हैं। उसके बाद अगर उन्‍हें बच्‍चा नहीं पैदा होता है तो इस र‍िश्‍ते को मान्‍यता नहीं म‍िलती है।




मामा-भांजी के बीच शादी

दक्षिण भारतीय समाज में सगे मामा-भांजी में शादी सबसे उत्‍तम मानी जाती है। बड़ी संख्‍या में आज भी यहां पर लोग इसे सबसे पहले वरीयता देते हैं। कई बार मामा-भांज‍ियों के न चाहने पर भी उनका व‍िवाह करा द‍िया जाता है। इस अनोखी प्रथा के पीछे जमीन-जायदाद मुख्‍य वजह मानी जाती है। कहा जाता है क‍ि बहन मायके में हक न मांगे, इसलि‍ए उसकी बेटी को घर में शादी करके रख ल‍िया जाता है।


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