पूरक पोषण आहार पर तीन साल में 4 हजार करोड़ खर्च, बावजूद नौ लाख बच्चे कुपोषित.. डॉ. नवीन जोशी


स्टोरी हाइलाइट्स

भोपाल: मर्ज बढ़ता ही गया ज्यों-ज्यों दवा की कुछ इसी तर्ज पर राज्य में बच्चों के कुपोषण के मामले बढ़ रहे हैं और सरकारी बजट..

पूरक पोषण आहार पर तीन साल में 4 हजार करोड़ खर्च, बावजूद नौ लाख बच्चे कुपोषित.. डॉ. नवीन जोशी भोपाल: मर्ज बढ़ता ही गया ज्यों-ज्यों दवा की कुछ इसी तर्ज पर राज्य में बच्चों के कुपोषण के मामले बढ़ रहे हैं और सरकारी बजट लगातार अधिक मात्रा में खर्च हो रहा है, वर्ष 2021 के सर्वे में यह सच्चाई उजागर हुई है। राज्य के महिला एवं बाल विकास विभाग ने पिछले तीन साल में ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित आंगनवाड़ी/उप आंगनवाड़ी केंद्रों के 3 वर्ष से 6 वर्ष तक के बच्चों को पूरक पोषण आहार (नाश्ता एवं भोजन) में कुल 3 हजार 807 करोड़ 17 लाख रुपये व्यय किये परन्तु इसके बावजूद वर्ष 2020-21 के सर्वे में 8 लाख 96 हजार 485 बच्चे अति कम वजन के यानि कुपोषित पाये गये हैं। प्राप्त अधिकृत जानकारी के अनुसार, पूरक पोषण आहार हेतु महिला एवं बाल विकास विभाग ने वर्ष 2018-19 के अपने बजट में 1 हजार 518 करोड़ 95 लाख 61 हजार रुपयों का प्रावधान किया था परन्तु इसमें से 1 हजार 306 करोड़ 47 लाख 60 हजार रुपये ही व्यय हो पाया। इसी प्रकार, वर्ष 2019-20 के बजट में 1 हजार 497 करोड़ 28 लाख 86 हजार रुपये का प्रावधान किया किन्तु इसमें से 1 हजार 393 करोड़ 85 लाख 3 हजार रुपये ही व्यय हो पाया। वर्ष 2020-21 के सालाना बजट में 1 हजार 156 करोड़ 95 लाख 94 हजार रुपयों का प्रावधान किया परन्तु इसमें से 1 हजार 106 करोड़ 77 लाख 54 हजार रुपये ही व्यय हो पाये। इस प्रकार, 366 करोड़ 10 लाख 24 हजार रुपये की राशि लैप्स हो गई। इधर विभाग के सर्वे में वर्ष 2018-19 में प्रदेश में 11 लाख 58 हजार 351, वर्ष 2019-20 में 13 लाख 51 हजार 130 तथा वर्ष 2020-21 में 8 लाख 96 हजार 485 बच्चे अति कम वजन के पाये गये। जबलपुर जिले में इन तीन वर्षों में अति कम वजन के बच्चे क्रमश: 15 हजार 766, 19 हजार 807 एवं 17 हजार 782 पाये गये। सतना जिले में क्रमश: 51 हजार 241, 56 हजार 848 एवं 35 हजार 204 बच्चे अति कम वजन के पाये गये। छिंदवाड़ा जिले में यह संख्या क्रमश: 26 हजार 934, 32 हजार 429 एवं 26 हजार 138, सिंगरौली जिले में क्रमश: 9 हजार 859, 11 हजार 229 एवं 6 हजार 738 और छतरपुर जिले में क्रमश: 35 हजार 795, 33 हजार 513 एवं 25 हजार 138 पाई गई।