असम: 14 तालिबान समर्थकों को मिली जमानत, कोर्ट ने कहा उनके खिलाफ कोई सबूत नहीं


स्टोरी हाइलाइट्स

असम: सोशल मीडिया पर तालिबान शासन का समर्थन करने के आरोप में असम प्रशासन ने 16 लोगों को गिरफ्तार किया था.....

असम: 14 तालिबान समर्थकों को मिली जमानत, कोर्ट ने कहा उनके खिलाफ कोई सबूत नहीं   असम: सोशल मीडिया पर तालिबान शासन का समर्थन करने के आरोप में असम प्रशासन ने 16 लोगों को गिरफ्तार किया था. गिरफ्तार किए गए लोगों में से 14 कों एक स्थानीय अदालत ने जमानत दे दी है. अदालत ने इन लोगों को अपर्याप्त सबूत के कारण जमानत दे दी. गिरफ्तार किए गए लोगों में से एक को छोड़कर सभी पर कठोर यूएपीए के तहत आरोप लगाए गए थे, जिसमें जमानत बहुत मुश्किल हो जाती है.     पिछले महीने 21 अगस्त को असम के अलग-अलग जिलों में तालिबान शासकों के समर्थन में कुछ लोगों ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था, जिसके बाद मुख्यमंत्री हेमंत बिस्वा सरमा ने पक्षपाती और पुलिस कों डर के बिना कार्रवाई करने का आदेश जारी किया था. पुलिस ने अलग-अलग जगहों से 16 लोगों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ यूएपीए के तहत मामला दर्ज किया था. स्थानीय अदालत ने मामले में 14 लोगों को जमानत दे दी है.   मौलाना फजलुल करीम कासिमी :   AIUDF के पूर्व महासचिव और जमीयत के राज्य सचिव मौलाना फजलुल करीम कासिमी को गुवाहाटी उच्च न्यायालय ने छह अक्टूबर को जमानत दे दी थी. हाई कोर्ट के जज ने कहा कि फजलुल करीम के खिलाफ फेसबुक पोस्ट के अलावा कोई आपत्तिजनक सामग्री जब्त नहीं की गई और अपराध से जुड़े होने का कोई ट्रैक रिकॉर्ड नहीं है. आवेदन को रोकने की कोई आवश्यकता नहीं है. गुवाहाटी उच्च न्यायालय के एक वरिष्ठ अधिवक्ता ने कहा कि अधिकांश आरोप अनजाने में लग रहे थे, जिसमें यूएपीए जैसे खंड की आवश्यकता नहीं थी.