क्रेडिट कार्ड पर ईएमआई कंवर्जन से पहले इन बातों का रखें ध्यान क्रेडिट कार्ड..


स्टोरी हाइलाइट्स

महंगी पड़ सकती है कार्ड कंपनियों की यह सुविधा, क्रेडिट कार्ड पर ईएमआई कंवर्जन से पहले चार बातों का रखें ध्यान।क्रेडिट कार्ड यूजर कई बार समय..

क्रेडिट कार्ड पर ईएमआई कंवर्जन से पहले इन बातों का रखें ध्यान क्रेडिट कार्ड.. महंगी पड़ सकती है कार्ड कंपनियों की यह सुविधा, क्रेडिट कार्ड पर ईएमआई कंवर्जन से पहले चार बातों का रखें ध्यान। क्रेडिट कार्ड यूजर कई बार समय पर पूरा बिल नहीं चुका पाते हैं। ऐसे लोगों को राहत देने के लिए क्रेडिट कार्ड जारी करने वाला बैंक या कंपनी पूरे बिल या उसके एक हिस्से को कम ब्याज पर कुछ माह के लिए ईएमआई में बदलने की सुविधा देती हैं। लेकिन, ऐसा करने से पहले सभी विकल्पों पर गौर कर लेना चाहिए। जरूरत पड़ने पर अपने लिए ईएमआई कंवर्जन का सबसे मुफीद विकल्प चुनें। चुनिंदा ट्रांजेक्शन को ईएमआई में पूरे बिल या उसके एक हिस्से को कन्वर्ट करें| यह विकल्प क्रेडिट कार्ड का पूरा बिल या उसके एक हिस्से को ईएमआई में बदलने की सुविधा देता है। ऐसा करके आप भारी ब्याज दर और लेट पेमेंट फीस से बच जाएंगे। आप छोटी-छोटी किस्तों में बकाया बिल चुका सकते हैं। ईएमआई कंवर्जन पर लागू व्याज दर: ईएमआई कंवर्जन पर लागू ब्याज दर उस 23% से 49% सालाना व्याज दर से कम होती है, जिसे क्रेडिट कार्ड के बकाया बिल पर लगाया जाता है। हालांकि ईएमआई कंवर्जन पर लागू ब्याज दर क्रेडिट कार्ड और कार्डधारक की क्रेडिट प्रोफाइल, उसके पेमेंट रिकॉर्ड और ट्रांजैक्शन पैटर्न के आधार पर अलग-अलग होती है। ईएमआई कंवर्जन पर प्रोसेसिंग फीस भी लग सकती है। लोन ही क्यों न उठा लें: कंवर्ट करें यह विकल्प कार्ड यूजर को एक तय सीमा से ज्यादा रकम के ट्रांजैक्शन को ईएमआई में बदलने की अनुमति देता है। यह विकल्प उनके लिए फायदेमंद हो सकता है जो सिर्फ चुनिंदा ट्रांजैक्शन को ईएमआई में कंवर्ट करना चाहते हैं। ईएमआई कंवर्जन की भुगतान अवधि: क्रेडिट कार्ड के चुनिंदा ट्रांजैक्शन को ईएमआई में बदलने या ईएमआई पर क्रेडिट कार्ड बैलेंस ट्रांसफर की अवधि आमतौर पर 3 से लेकर 48 महीनों के बीच होती है, जबकि पूरे बिल को ईएमआई में बदलने की अवधि 3 से लेकर 60 महीने तक हो सकती हैं। ज्यादा समय में अधिक ब्याज लगता है, इस लिहाज से हमेशा सबसे छोटी अवधि का विकल्प चुनना फायदेमंद होता है। ईएमआई पर क्रेडिट कार्ड बैलेंस ट्रांसफर करें: कई बैंक क्रेडिट कार्ड बैलेंस ट्रांसफर पर ईएमआई कंवर्जन फैसिलिटी देते हैं। यह विकल्प बकाया बिल को किसी अन्य बैंक के क्रेडिट कार्ड में ट्रांसफर करने और फिर उसे ईएमआई में कंवर्ट करने की सुविधा देता है। यह सस्ता पड़ सकता है। अन्य सस्ते क्रेडिट विकल्प भी खंगालें: यदि आप क्रेडिट कार्ड से बड़ी खरीदारी करके बिल को ईएमआई में बदलना चाहते हैं तो पहले विक्रेता से नो-कॉस्ट ईएमआई फैसिलिटी के बारे में पूछें। नो-कॉस्ट ईएमआई के मामले में ब्याज पर मर्चेंट की तरफ से छूट दी जाती है। ऐसे में कार्ड धारक को ईएमआई फैसिलिटी लेने के बावजूद अतिरिक्त भुगतान नहीं करना पड़ता है। हालांकि, ब्याज पर जीएसटी का भुगतान करना होगा। ये भी पढ़ें.. यदि आप जवान हैं तो लंबी उम्र पाने के लिए आज से ही यह करें? P अतुल  बड़े ट्रांजैक्शन के लिए पर्सनल लोन और क्रेडिट कार्ड बैलेंस पर लोन जैसे विकल्पों की ब्याज दर और अन्य लागत की तुलना करनी चाहिए। अच्छी क्रेडिट प्रोफाइल वाले कार्डधारक के लिए कई बैंक/ कंपनियों के पर्सनल लोन की ब्याज दरे ईएमआई कंवर्जन लागत से कम होती हैं।
News Puran Desk

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