ब्रेन ट्यूमर : कारण – लक्षण, आधुनिक तकनीक एवं इलाज..

ब्रेन ट्यूमर : कारण – लक्षण, आधुनिक तकनीक एवं इलाज..
शीघ्र डायग्नोसिस और समय पर इलाज कराने से ब्रेन ट्यूमर से होने वाले दीर्घकालीन नुकसान को कम करने में मदद मिलती है। ब्रेन ट्यूमर की डायग्नोसिस एमआरआई, एंजियोग्राफी, सीटी स्कैन या पेट स्कैन टेस्ट से कराई जाती है। किसी भी प्रकार के कैंसर का मुख्य इलाज सर्जरी है जिसमें प्रभावित हिस्से के टिश्यू को यथासंभव माइक्रोसर्जिकल तकनीकों से निकाला जाता है। ज्यादातर मामलों में पूरा टिश्यू निकाल पाना संभव नहीं होता है और इसलिए इसका इलाज नॉन इनवेसिव रेडिएशन तकनीकों से भी जारी रहता है।

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रेडिएशन की आधुनिक मशीनें:-


रेडिएशन के लिए आधुनिक मशीनों का इस्तेमाल करते हुए ट्यूमर पर ही ध्यान केंद्रित करना अब आसान हो गया है। अभी भी आसपास के टिश्यू को नुकसान पहुंचाए बगैर मस्तिष्क के अन्य हिस्सों को सुरक्षित रखना संभव नहीं हो पाया है। इस वजह से इलाज के बाद भी पक्षाघात और मेमोरी लॉस जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। एक आकलन के मुताबिक, दुनिया में हर साल लगभग 2,50,000 लोगों में ब्रेन ट्यूमर के मामले पहचान में आते हैं। इस बीमारी के लक्षण जो सामने प्रकट होते हैं वे इस बात पर निर्भर होते हैं कि ट्यूमर मस्तिष्क के किस हिस्से में विकसित हो रहा है। 

सामान्य लक्षणों में सिर में लगातार दर्द, दौरा, नजर की तकलीफ, उल्टी और मानसिक स्थिति में बदलाव आदि हैं। ब्रेन ट्यूमर के कारण मरीज के सिर में अत्यधिक दबाव बनता है जिसके कारण उसे सुबह के वक्त सिरदर्द और उल्टी का अहसास हो सकता है। इसके अलावा मरीज को चलने-फिरने, बोलने में तकलीफ जैसी कुछ समस्याएं उभर सकती हैं।

लीनियर एक्सीलेरेटर (लिनैक) कैंसर के मरीजों के एक्सटर्नल बीम रेडिएशन इलाज के लिए इस्तेमाल होने वाला एक प्रचलित उपकरण है। यह मरीज के ट्यूमर वाले हिस्से में हाई-एनर्जी एक्स-रे भेजता है। इनका इलाज इस तरीके से किया जाता है कि यह एक्स-रे आसपास के टिश्यू तक फैलने वाली कैंसर कोशिकाओं को नष्ट कर दे।

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लिनैक का इस्तेमाल परंपरागत तरीके अपनाते हुए शरीर के सभी हिस्सों में किया जा सकता है। इलाज के अन्य साधनों में गामा नाइफ रेडिएशन से रेडियोथैरापी भी शामिल है, जो आमतौर पर मामूली या मस्तिष्क में बार-बार उभरने वाले गंभीर ट्यूमर का इलाज करने के लिए इस्तेमाल की जाती है।

ब्रेन ट्यूमर किसी भी उम्र में हो सकता है:-


ब्रेन ट्यूमर के लक्षण उनके आकार, प्रकार और स्थान पर निर्भर करते हैं। वयस्कों में प्राइमरी ब्रेन ट्यूमर का सबसे आम प्रकार एस्ट्रोसाइटोमा, मेनिनजियोमा और ओलिगोडेंड्रोग्लियोमा है। पारिवारिक पृष्ठभूमि और एक्स-रे की हाई डोज ब्रेन ट्यूमर के रिस्क फैक्टर्स माने जाते हैं।

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डॉक्टरों द्वारा ब्रेन ट्यूमर की डायग्नोसिस मस्तिष्क और नर्वस सिस्टम की मेडिकल हिस्ट्री और शारीरिक जांच तथा विभिन्न प्रकार की विशेष जांच के नतीजों पर आधारित होती है। ब्रेन ट्यूमर के इलाज के अन्य विकल्पों में सर्जरी, रेडिएशन थैरेपी तथा कीमोथैरेपी या एक साथ ये सभी इलाज शामिल हैं।


 

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