ईसाई धर्म (Christian Religion)

ईसाई धर्म (Christian Religion)

भारत की जनसंख्या में हिन्दू एवं मुसलमानों के बाद तीसरा स्थान ईसाई समुदाय का है। ईसाई धर्म यीशु मसीह की शिक्षाओं पर आधारित है। यीशू का जन्म इसराइल में यरूशलेम के बैतलहम नामक स्थान पर मेरी के घर एक गौशाला में हुआ था।

 वर्तमान में प्रचलित ईस्वी सन् यीशु के जन्म की स्मृति में प्रचलित किया गया। यीशु ने अपने चमत्कारों से इसराइल के यहूदियों को अपनी ओर आकर्षित किया। यीशु ने अपने चमत्कारों से इसराइल के यहूदियों को अपनी ओर आकर्षित किया। यहूदी धर्म-गुरुओं के यह बात पसन्द नहीं आई। उन्होंने यीशू को सूली (क्रास) पर चढ़ा दिया । 

यीशू तीन दिन बाद पुनः जीवित हो उठे और चालीस दिनों तक उपदेश देकर पचास दिन पुनः स्वर्ग चले गए। यीशू के 12 प्रमुख शिष्य थे जिन्होंने बाद में ईसाई धर्म का खूब प्रचार किया चौथी शताब्दी में इसे रोमन साम्राज्य के राजधर्म के रूप में मान्यता मिली। तभी से चर्च स्थापना प्रारम्भ हुई। इसके पश्चात् ईसाई मिशनरियों ने ईसाई धर्म को खूब फैलाया यूरोपीय देशों ने अन्य देशों में औपनिवेशक शासन स्थापित किया, जिसके परिणामस्वरूप राज्याश्रय में ईसाई मिशनों को धर्म-प्रचार करने का अवसर और सुविधाएँ प्राप्त हुई। आज सम्पूर्ण विश्व में लगभग एक सौ करोड़ लोग इस धर्म के अनुयायी है।

भारतीय ईसाइयों का वर्गीकरण (Classification of Indian Christians) भारत में तीन प्रकार के ईसाई पाए जाते हैं

1. वे ईसाई जो यूरोप के निवासियों की भारत में बसी हुई संतानें हैं। 2 वे ईसाई जो धर्म परिवर्तन द्वारा हिन्दुओं की अनुसूचित जातियों, जनजातियों

तथा मुसलमानों में से ईसाई बनाए गए हैं तथा 3 वे ईसाई जो इन दोनों प्रकार के ईसाइयों की मिश्रित संताने हैं। ईसाई धर्म के सम्प्रदाय (Christian Sects)

यूरोप में हुए धर्मयुद्धों एवं वैचारिक संघर्षों के कारण ईसाई धर्मावलम्बी दो समूहों में विभाजित हो गए हैं - 1. रोमन कैथोलिक, 2 प्रोटेस्टेन्ट। वास्तव में इन दोनों धार्मिक समूहों में अधिक अन्तर नहीं है।

ईसाई धर्म दर्शन यूनानी विचारधारा के अनुकूल है हिन्दू धर्म के समान ही ईसाई धर्म में ईश्वर के चमत्कारों का वर्णन करने वाली कई पौराणिक गाथाएँ प्रचलित हैं सिद्धांततः ईसाई धर्म में जातीय संस्तरण या अस्पृश्यता जैसी धारणा नहीं है| परन्तु धर्म परिवर्तन से बने भारतीय ईसाइयों में जाति संस्कार एवं छुआछूत जैसी भावनाएँ भी पाई जाती हैं।


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