हिंद महासागर में मुश्किल:25 जुलाई से फंसे जहाज के दो टुकड़े होने का खतरा

हिंद महासागर में मुश्किल:25 जुलाई से फंसे जहाज के दो टुकड़े होने का खतरा

मॉरिशस के तट पर 18 दिन से फंसा जापान का जहाज की हालत अब और भी खराब होती जा रही है। जहाज़ अब कभी भी दो टुकड़ों में बंट सकता है। इस जहाज पर 2500 मीट्रिक टन तेल है। जहाज़ से एक हजार टन तेल रिस कर फैल चुका है। इस तेल ने आसपास के पानी को बहुत ज्यादा गंदा कर दिया है। तेल की सफाई करने में जुटे वॉलंटियर्स को मंगलवार को जहाज में नई दरारें नजर आईं। अब ये जहाज टूटता है तो समुद्र में रहने वाले हजारों जीव के मारे जाने का खतरा है। इसके साथ ही पर्यावरण को भी काफी नुकसान होगा। समुद्र के अंदर फेले इतने बड़े एरिया में सफाई आसान नहीं होगी। सफाई करने में समय लगा तो बहुत से जीवों के मरने की आशंका है |

जहाज पर 2500 मीट्रिक टन कच्चा तेल
मॉरिशस के हिसाब से  इस पर तेल से भरे तीन टैंक हैं। इनमें से एक टैंक से तेल का रिसाव शुरू हुआ था। फिलहाल, इस टैंक की मरम्मत कर दी गई है। जहाज़ के अंदर बाकि के टेंक से दूसरे जहाजों और टैंकों की मदद से तेल निकालने का ऑपरेशन जारी है। ऑपरेशन को युद्ध स्तर पर किया जा रहा है उनका मानना है कि जहाज के टूटने से पहले सारा कच्चा तेल इससे निकाल लिया जाए। अब भी जहाज पर हजारों मिट्रिक टन कच्चा तेल है। मौसम का अच्छा साथ मिल रहा है उसके कारण जहाज को खाली करने का काम तेजी से किया जा रहा है।


मॉरिशस ने एनवॉयरमेंटल इमरजेंसी (Environmental emergency) घोषित की
मॉरिशस के प्रधानमंत्री ने इस मामले पर 8 अगस्त को Environmental emergency (पर्यावरण आपातकाल) का ऐलान किया था। देश के पर्यावरण मंत्री ने कहा है कि यह हमारे देश के पर्यावरण से जुड़ा बड़ा संकट है। मॉरिशस की अर्थव्यस्था टूरिस्ट पर टिकी है| जहाज ऐसी जगह पर फसा  हुआ है जो ब्लू बे मरीन पार्क रिजर्व और आइलैंड के पास है। इससे मरीन रिजर्व पार्क के समुद्री जीवों और पौधों की कई प्रजातियों को खतरा है। आसपास कई समुद्री तट ऐसे हैं, जहां पर बड़ी तादाद में टूरिस्ट पहुंचते हैं। रिसाव के बाद मॉरिशस के कई समुद्री तटों पर पानी का रंग काला हो गया है।


फ्रांस और जापान ने अपनी टीमें मॉरिशस भेजी
फ्रांस के प्रधानमंत्री  ने अपनी रेस्पॉन्स टीमों को मॉरिशस रवाना कर दिया है। जापान ने भी अपनी 6 सदस्यों वाली Disaster relief team भेजी है। तेल की सफाई के लिए 400 सी बूम को भी लगाया गया है। इसके साथ ही वहां के स्थानीय  हजारों वॉलंटियर्स भी इसमें मदद कर रहे हैं। Mauritius ने इस आपदा से  निपटने के लिए जरूरी सुविधाएं नहीं होने की बात कही थी,  जापान और फ्रांस से मदद की अपील की थी।


खराब मौसम की वजह से जहाज को नुकसान हुआ था
Cargo Ship MV Vaccio जापानी कंपनी मिटसुई ओएसके लाइन्स की है। चीन से ब्राजील जाने के समय ख़राब मौसम के कारण जहाज़ ख़राब हो गया था । निचली सतह में दरार की भी जानकारी मिली। इसके बाद से शिप को खाली किए जाने की मशक्कत जारी है। कंपनी ने तेल रिसने की वजह से हुए नुकसान को लेकर माफी मांगी है। Company ने कहा है कि उसने Mauritius Government की मदद के लिए एक्सपर्ट टीम भेजने का फैसला किया है।

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