क्या आप जानते हैं रावण(RAVANA) के मरने के बाद सूर्पनखा का क्या हुआ? क्या अभी जीवित है सूर्पनखा?

क्या आप जानते हैं रावण(RAVANA) के मरने के बाद सूर्पनखा का क्या हुआ? क्या अभी जीवित है सूर्पनखा?

श्रीलंका में एक महिला ने खुद के शूर्पणखा(SURPNAKHA) के अवतार होने का दावा किया है इसके बारे में आगे बताएँगे पहले बताते हैं सूर्पनखा का क्या हुआ? रावण(RAVANA) की बहन शूर्पणखा(SURPNAKHA) का वास्तविक नाम मीनाक्षी था, उसके नाखून() बड़े होने के कारण (बड़े नाखून रखने का शौक की वजह) शूर्पणखा(SURPNAKHA) छाप हो गया था। विश्रवा ऋषि(The sage) और कैकसी की बेटी थी।कालकेय के पुत्र विद्युज्जह की धर्मपत्नी थी रावण(RAVANA),कुम्भकर्ण और विभीषण की बहिन(SISTER) अपने पूर्व जन्म में सूर्पणखा इन्द्रलोक की नयनतारा नामक अप्सरा थी उर्वशी, मेनका, पुंजिकस्थला और रम्भा आदि प्रमुख अप्सराओं में इसकी गिनती होती थी।

एक बार इन्द्र की सभा में नयनतारा नृत्य(DANCE) कर रही थी,और भी अप्सराओं के साथ नयनतारा भ्रू भंगिमाओं से अर्थात आंखों से रिझा भी रही थी।इस बात पर इन्द्र देव मोहित हो गए।तब से नयनतारा इन्द्र की प्रेमिका बन गई। उसी समय पृथ्वी पर वज्रा नामक ऋषि(The sage) घोर तपस्या कर रहे थे। उनकी तपस्या को भंग करने के लिए नयनतारा को पृथ्वी पर भेजा। ऋषि(The sage) ने तपस्या भंग होने पर उसे राक्षसी होने का श्राप दे दिया। ऋषि(The sage) से क्षमा याचना करने पर नयनतारा से कहा , "तू राक्षसी रुप में ही प्रभु के दर्शन करेगी "। परन्तु उसने सूर्पणखा होकर जब राम(RAMA) जी को देखा तो उनके रुप पर मोहित हो गई ।और उसने वैराग्य रुपी लक्ष्मण(LAXMAN) व भक्ति रूपी सीता की अवहेलना करती हुई श्री राम(RAMA) जी परमब्रह्म को पति रूप में पाने की इच्छा व्यक्त किया।अतः लक्ष्मण(LAXMAN) जी ने सूर्पणखा के नाक कान काट लिए। तभी उसके ज्ञान चक्षु खुल गए,और वह प्रभु कार्य (विनाशाय च दुष्कृताम) में संलग्न हो, रावण(RAVANA), कुंभकर्ण, मेघनाद आदि राक्षसों का विनाश करवा दिया।और प्रभु भक्ति के लिए पुष्कर जी में आकर जल में खड़ी हो महादेव शंकर की आराधना में जुट गई।

कोलंबो। रावण(RAVANA) की बहन शूर्पणखा(SURPNAKHA) के बारे में कहा जाता है कि रावण(RAVANA) की डेथ के पश्चात वह वनवास चली गई थी और उसने तपस्या कर मुक्ति प्राप्त की थी लेकिन इसके बाद उसका कहीं पर कोई उल्लेख नहीं है। लेकिन श्रीलंका में एक महिला ने खुद के शूर्पणखा(SURPNAKHA) के अवतार होने का दावा किया है और गंगा (GANGA) सुदर्शनी नामक इस महिला का दावा है कि उसके पास दिव्य शक्ति है जिससे उसे भविष्य में होने वाली घटनाओं का पूर्वाभास हो जाता है। गंगा (GANGA) सुदर्शनी का जन्म श्रीलंका की राजधानी कोलंबो से करीब 200 किलोमीटर दूर स्थित एक गांव महियांग्ना में हुआ था। कहा जाता है कि गंगा (GANGA) सुदर्शनी की नाक पर चोट का निशान, कटे हुए कान के निशान हैं, ठीक वैसे ही जैसा कि रामायण में इस घटना का उल्लेख किया जाता है। इस महिला के घर पर लोगों का प्रतिदिन दरबार लगता है और लोगों का इलाज भी किया जाता है। लोगों का कहना है कि गंगा (GANGA) के पास आज भी वही प्राचीन दिव्य शक्तियां हैं। वह लोगों की बीमारियां भी हाथ लगाते ही इलाज कर देती है और जब चाहे तब वह लोगों के सामने ही बारिश करा देती है और बारिश रुकवा भी देती है।


गंगा (GANGA) खुद को रावण(RAVANA) की बहन शूर्पणखा(SURPNAKHA) का ही अवतार बताती है और इसके पास एक से एक बड़ी शक्तिशाली हस्तियां आशीर्वाद लेने आती हैं। श्रीलंका की गंगा (GANGA) सुदर्शनी को लोग रावण(RAVANA) की बहन शूर्पणखा(SURPNAKHA) का दर्जा देते हैं। गंगा (GANGA) न केवल शूर्पणखा(SURPNAKHA) के वंश की है बल्कि सरकार द्वारा उन्हें बाकायदा पेंशन और तनख्वाह तक दी जाती है। उल्लेखनीय है कि 2004 में श्रीलंका में आई सुनामी के पहले गंगा (GANGA) ने इसकी भविष्यवाणी भी कर दी थी। लोग बताते हैं कि गंगा (GANGA) के शरीर पर इस तरह के कई चिन्ह मौजूद हैं, जो उनको रावण(RAVANA) की बहन शूर्पणखा(SURPNAKHA) साबित करते हैं। उनके बारे में सच्चाई जो कुछ भी है लेकिन इतना सभी जानते हैं कि श्रीलंका के प्रभावशाली लोग उनसे अपना भविष्य जानने के लिए आते हैं।


एस्ट्रोलॉजर नहीं भविष्यवक्ता...

- गंगा का कहना है कि मैं एस्ट्रोलॉजर नहीं हूं, क्योंकि मैंने कभी भी इसकी पढ़ाई नहीं की। मैं भविष्यवाणी कर सकती हूं।
- उन्होंने बताया कि बचपन में अपने पिता के दोस्त की गाड़ी का एक्सिडेंट होने की भविष्यावाणी की थी, जो सच साबित हुई।
- गंगा का दावा है कि उनकी कोई भी भविष्यवाणी गलत साबित नहीं हुई। भविष्य बताने के लिए इंसान का नाम और जन्म की  जानकारी ही काफी है। 
- गंगा ने कहा कि उन्हें भविष्य में होने वाली घटना अच्छी है या बुरी, इसका आभास भी हो जाता है।
- गंगा की भविष्यवाणी की बात 1974 में तब सामने आई, जब मार्टिन एयर फ्लाइट डीसी8 क्रैश हुई, जिसमें 191 लोग मारे गए थे।
- उन्हें देश में लोग वीवीआईपी की तरह देखते हैं। राजनेता से लेकर धार्मिक और हर क्षेत्र से जुड़े लोग इनके यहां पहुंचते हैं।
- गंगा के मुताबिक,''मुझे फॉलो करने वाले मां की तरह से मानते हैं और मेरे निर्देशों से अपनी जिंदगी की असुरक्षाएं दूर करते हैं।''






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