मोदी मंत्रिमंडल का विस्तार : MP से ये नाम तय? …. दो मंत्री हटेंगे 2 जुड़ेंगे 

मोदी मंत्रिमंडल का विस्तार : MP से ये नाम तय? …. दो मंत्री हटेंगे 2 जुड़ेंगे 

अगले दो-तीन दिन में मोदी मंत्रिमंडल का विस्तार संभव,प्रहलाद और थावर हटेंगे श्रीमंत – कैलाश बनेंगे मंत्री? 

इसके साथ 27 नए नेता और हो सकते हैं मोदी मंत्रिमंडल का हिस्सा

भोपाल/नई दिल्ली: 

उप्र विधानसभा चुनाव की सुगबुगाहट के साथ ही मोदी मंत्रिमंडल में फेरबदल और विस्तार की चर्चाओं ने एक बार फिर गति पकड़ ली है। खबर है कि अगले दो-तीन दिन में मोदी मंत्रिमंडल का विस्तार हो सकता है। मोदी के नये मंत्रिमंडल विस्तार में मप्र से ज्योतिरादित्य सिंधिया और कैलाश विजयवर्गीय शामिल किया जा सकता है। जबकि केंद्रीय मंत्री थावरचंद गहलोत और प्रहलाद पटेल हटाया जा सकता है। इसके अलावा सुशील मोदी, सर्वानंद सोनोवाल, नारायण राणे और भूपेंद्र यादव सहित 27 संभावित नेता केंद्रीय मंत्रिपरिषद के बड़े पैमाने पर फेरबदल और विस्तार का हिस्सा हो सकते हैं। यह फेरबदल अगले साल मार्च 2023 में यूपी में होने वाले विधानसभा चुनाव और 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव के मद्देनज़र अहम् हैं। बतौर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूसरे कार्यकाल का यह पहला विस्तार होगा। भाजपा के दिल्ली सूत्रों के अनुसार मोदी मंत्रिमंडल के इस विस्तार में ज्योतिरादित्य सिंधिया को शामिल किया जा सकता है। कांग्रेस से उनके मतभेद की वजह से पिछले साल भाजपा को मध्यप्रदेश की सत्ता वापसी में मदद मिली थी। इनके अलावा मप्र से भाजपा के कद्दावर नेता एवं बंगाल के प्रभारी रहे कैलाश विजयवर्गीय और असम के कदावर नेता सर्वानंद सोनोवाल को भी मित्रमंडल में मौका मिल सकता है। सोनोवाल ने असम में भाजपा को जीत दिलाकर हेमंत बिस्वा सरमा को राज्य का मुख्यमंत्री बनाने की राह बनाई थी।

 

Kailash Vijayvargiya

ये भी हो सकते हैं शामिल

इसके अलावा मोदी मंत्रिमंडल में शामिल होने वालों चेहरों की सूची में राज्यसभा सांसद अनिल जैन, ओडिशा से सांसद अश्विनी वैष्णव और बैजयत पांडा, बंगाल के पूर्व रेल मंत्री दिनेश त्रिवेदी, राजस्थान से मोदी सरकार में पू केंद्रीय मंत्री पी.पी. चौधरी, चूरू से प्रदेश के सबसे युवा सांसद राहुल कस्या और सीकर के सांसद सुमेधानंद सरस्वती भी संभावितों में शामिल हैं। दिल्ली से एकमात्र चेहरा नई दिल्ली की सांसद मीनाक्षी लेखी हो सकती है। बिहार में महत्वपूर्ण मंथन के बीच चिराग पासवान के खिलाफ बगावत करने वाले पशुपति पारस को लोजपा से मंत्री बनाए जाने की संभावना है। इसी तरह से जेडीयू के नामांकन आर.सी.पी. सिंह और संतोष कुमार भी इस सूची में हैं। कर्नाटक का प्रतिनिधित्व राज्यसभा सांसद राजीव चंद्रशेखर कर सकते हैं। गुजरात भाजपा अध्यक्ष सी. आर. पाटिल और अहमदाबाद पश्चिम सांसद किरीट सोलकी को मंत्री बनाया जा सकता है। हरियाणा से सिरसा की सासद सुनीता दुग्गल, एक पूर्व आयकर अधिकारी भी संभावितों की सूची में शामिल है। अपने संसद भाषण से प्रभावित करने वाले लाख के सांसद जामयांग सेरिंग नामग्याल पर भी विचार किया जा रहा है।

 

मोदी मंत्रिमंडल

क्यों जरूरी है विस्तार

केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान और सुरेश अंगड़ी जैसे नेताओं के असामयिक निधन और अकाली दल और शिवसेना के बाहर होने के कारण कुछ रिक्तियों के कारण फेरबदल की आवश्यकता हो रही है। UP में आगामी साल में होने वाले विधानसभा चुनाव भी फेरबदल का एक कारक है और एक मजबूत संगठनात्मक चेहरे भूपेंद्र यादव के प्रवेश के साथ सरकार में कुछ अतिरिक्त चेहरे को भी जोड़ने की जरूरत है।

प्रहलाद का उपयोग यूपी में लोधी वोट साधने होगा

भाजपा के दिल्ली सूत्रों का कहना है कि केंद्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल को मोदी मंत्रिमंडल से इसलिए विश्राम दिया जा रहा है क्योंकि भाजपा संगठन अगले सात मार्च-अप्रैल 2022 में उम्र में होने वाले विधान सभा चुनाव में उनका व्यापक उपयोग उम्र के बड़े वोट बैंक लोधा-लोधी समाज को साधने करना चाहती है। उप में करीब चार करोड़ लोधी है। किसी दल को हार-जीत में जिनकी अहम भूमिका रहती है। अभी पार्टी के लोधी समाज का ऐसा कोई भी बड़ा चेहरा नहीं है, जो इतने बड़े वोट बैंक को साथ सके। इसलिए प्रहलाद को विधानसभा चुनाव के मद्देनजर उतारा जा सकता है। बताते है कि पहलाद को संगठन में राष्ट्रीय महासचिव बनाया जा सकता है।

थावरचंद को बनाया जा सकता है राज्यपाल

भाजपा के दिल्ली सूत्रों के अनुसार प्रहलाद पटेल के अलावा मोदी मंत्रिमंडल से सामाजिक एवं न्याय केंद्रीय मंत्री थावरचंद गहलोत को भी हटाए जाने की चर्चा है। बताते है कि थावरचंद को किसी प्रदेशका राज्यपाल बनाया जा सकता है। इसके अलावा उन्हें मंत्रिमंडल से इसीलिए भी विश्राम दिया जा रहा है क्योंकि उनके विभाग के परफारमेंस को लेकर पीएमओ खुश नहीं है। हालांकि शावरचंद गहलोत को मोदी के सबसे करीबी मंत्रियों में शुमार माना जाता है।

खंडवा से भाजपा प्रत्याशी हो सकते हैं कैलाश

इधर भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव एवं पश्चिम बंगाल के प्रभारी रहे कैलाश विजयवर्गीय को भी मोदी मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है। इसके साथ उन्हें खंडवा लोकसभा उपचुनाव में बतौर भाजपा प्रत्याशी बनाए जाने की चर्चाएं हैं। हम बता दे कि कांग्रेस ने इस सीट से मप्र कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव को प्रत्याशी बनाया जाना लगभग तय कर लिया है।

सूत्रों का यह भी कहना है कि इस विस्तार में कई मौजूदा मंत्रियों के विभाग कम होंगे। अभी 9 मंत्रियों के पास एक से ज्यादा विभाग विभाग है। इनमें प्रकाश जावडेकर, पीयूष गोयल, धर्मेंद्र प्रधान, कम होंगे नितिन गडकरी, डॉ. हर्षवर्धन, नरेंद्र सिंह तोमर, रविशंकर प्रसाद स्मृति ईरानी और हरदीप सिंह पुरी शामिल हैं।

अमृत दर्शन : महेश दीक्षित

Mahesh Dixit

EDITOR DESK



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