भारतीय रेलवे के प्राइवेट ट्रेन प्रोजेक्ट को जबर्दस्त रिस्पांस, हवाई सेवाओं की तर्ज पर तय होगा किराया

भारतीय रेलवे के प्राइवेट ट्रेन प्रोजेक्ट को जबर्दस्त रिस्पांस, हवाई सेवाओं की तर्ज पर तय होगा किराया

भारत में एक अच्छी ट्रेन का सफ़र करना अब जल्दी ही पूरा होने वाला है | अब आम जनता भी साफ़ सुथरी ट्रेन में सफ़र केर सकेगी |  भारतीय रेलवे यात्रियों को तेज और आरामदायक सफर उपलब्ध कराने के लिए प्राइवेट ट्रेनें चलाने की तैयारी कर रही है।  रेलवे ने इसके पूरी तयारी केर ली है ओर उसके लिए कोम्पन्यिओन से  प्री-बिड भी मांगे जा रही है । उसके लिए बैठकों का आयोजन चालू हो गया है| पहली प्री-बिड में 16 कंपनियों ने हिस्सा लिया था और इसी कड़ी को आगे बढ़ाते हुए बुधवार को हुई दूसरी प्री-बिड बैठक में 23 कंपनियों ने प्राइवेट ट्रेन चलाने में दिलचस्पी दिखाई है। इसमें बॉम्बार्डियर, अलस्टॉम, सिमेंस, भारत का नेशनल इन्वेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर फंड (एनआईआईएफ) और भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (भेल) जैसी कंपनियां शामिल हैं।


Fare response to private train project of Indian Railways, fare will be fixed on the lines of air services

कैसे तय होगा किराया और क्या महंगा होगा ट्रेन का सफर
Company Will Decide the Fare in Private Train
रेलवे मंत्री पियूष गोयल ने प्राइवेट कंपनियों के ट्रेन चलाने से जुड़ी जानकारियां दी थीं। 10 दिन पहले प्राइवेट ट्रेन चलाने से संबंध में हुई बैठक में भी चर्चा हुई थी। बैठक में फेसला आया के सरकार 109 रूट पर निजी कंपनियों को 151 ट्रेनों के संचालन की अनुमति देगी। यह अनुमति 35 साल के लिए होगी।

साथ ही रेलवे की ओर से कहा गया है कि प्राइवेट ट्रेन के किराए वही कंपनियां तय करेंगी, जो इसे चलाएंगी। यह किराया बाजार के मुताबिक होगा। कंपनियों को टोटल फ्री हैण्ड दिया गया है उनको  किसी मंजूरी की जरूरत नहीं होगी। शायद अभी भारतीय रेलवे को कैबिनेट या संसद से इस तरह के मामलों के लिए अनुमति लेनी होगी। रेलवे एक्ट के अनुसार देश में केवल केंद्र सरकार या रेलवे मंत्रालय ही पैसेंजर ट्रेन का किराया तय कर सकता है।

कुछ अधिकारियों का ऐसा मनना है, प्राइवेट ट्रेनों का किराया मौजूदा किराये से ज्यादा होगा। ये इसलिए भी हो सकता है की इन ट्रेनों में किराया तय करने का नियम नहीं है। वैसे अभी भी अहमदाबाद से मुंबई तक चलने वाली शताब्दी एक्सप्रेस का किराया वर्तमान ट्रेनों के किराए से काफी महंगा है। पैसेंजर इन प्राइवेट ट्रेनों का टिकेट ऑनलाइन भी ले सकते है|हालांकि उन्हें वेबसाइट के बैकएंड को Railway Passenger Reservation System के साथ जोड़कर रखना होगा, जो अभी भारतीय रेलवे के पास है।

भारत में तैयार की जाएंगी ट्रेनें जो 109 रूटों पर चलेंगी

निजी कंपनियों की इन ट्रेनों को 70 फीसदी भारत में ही तैयार किया जायेगा । नयी ट्रेनें 160 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम रफ्तार से चलने लायक बनाई जाएगी । 130 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से सफर के समय में 10 से 15 फीसदी, जबकि 160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से सफर के समय में करीब 30 फीसदी की कमी आएगी। कुल मिलाकर यात्रियों का समय बचेगा। इन ट्रेनों में 16 कोच होंगे। जानकारी के मुताबिक भारत में अभी तेजस एक्सप्रेस के नाम से निजी ट्रेनें चल रही हैं।
रेलवे ने निजी क्षेत्र की मदद से 109 रूट पर ट्रेन चलाने की योजना बनाई है। इसके तहत साल 2023 से 12 ट्रेन चलाकर इसकी शुरुआत की जाएगी। जबकि साल 2027 तक इन सभी रूटों पर कुल 151 निजी ट्रेनें दौड़ने लगेंगी। यह ट्रेनें तकनीक और अन्य सुविधाओं के लिहाज से काफी आधुनिक होंगी। इसके लिए रेलवे ने निजी कंपनियों से प्रस्ताव मांगे हैं। इस परियोजना में निजी क्षेत्र से करीब 30,000 करोड़ रुपए का निवेश होने की संभावना जताई गई है।






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