लखीमपुर हिंसा मामले में किसानों का राष्ट्रपति को पत्र, केंद्र पर लगाए गंभीर आरोप


स्टोरी हाइलाइट्स

लखीमपुर: उत्तर प्रदेश के लखीमपुर में किसान और एक केंद्रीय मंत्री के बेटे के बीच हुई हिंसक घटना में नौ लोगों की..

लखीमपुर हिंसा मामले में किसानों का राष्ट्रपति को पत्र, केंद्र पर लगाए गंभीर आरोप
लखीमपुर: उत्तर प्रदेश के लखीमपुर में किसान और एक केंद्रीय मंत्री के बेटे के बीच हुई हिंसक घटना में नौ लोगों की मौत हो गई। इससे विपक्ष और आंदोलन कर रहे किसानों में भारी आक्रोश है। संयुक्त किसान मोर्चा ने अब राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को पत्र लिखकर मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है। पत्र में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा को पद से निष्कासित करने और उनके बेटे आशीष मिश्रा के खिलाफ धारा 302 के तहत हत्या का मामला दर्ज करने और जांच के लिए एसआईटी गठित करने की मांग की गई है। पत्र में हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर पर हिंसा भड़काने का भी आरोप लगाया और कहा कि उन्हें पद से हटा दिया जाना चाहिए।

लखीमपुर 12 क

'उत्तर प्रदेश और केंद्र सरकार की साजिश' :



संयुक्त किसान मोर्चा ने केंद्र और राज्य सरकार पर आरोप लगाते हुए राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को पत्र लिखा है। मोर्चा ने कहा कि,  लखीमपुर खीरी में तीन अक्टूबर को दिनदहाड़े किसानों की हत्या की घटना निंदनीय है। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा के बेटे और उनके कुछ कार्यकर्ताओं ने बेरहमी से किसानों कों गाड़ी से कुचल दिया। पत्र में कहा गया है कि यह केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार की बड़ी लापरवाही है।



यूपी सरकार ने पंजाब को लिखा पत्र :



इस बीच उत्तर प्रदेश सरकार ने पंजाब के मुख्य सचिव को पत्र लिखकर राज्य से अनुरोध किया है कि किसी को भी लखीमपुर खीरी न जाने दिया जाए। लखीमपुर खीरी में कल हुई हिंसा में नौ लोगों के मारे जाने के बाद सीआरपीसी की धारा 144 लागू कर दी गई है। उत्तर प्रदेश के पड़ोसी राज्यों की सीमाओं पर भी स्तिथि गंभीर बताई जा रही है। ऐसे में डीएनडी टोल प्लाजा पर दिल्ली की ओर से यूपी में प्रवेश करने वाले सभी वाहनों के निरीक्षण के बाद ही यूपी की सीमा में प्रवेश की अनुमति दी गई है।