फेंग शुई और आप: फेंगशुई टिप्स: घर में करें ये काम, जागेगा सोया हुआ भाग्य

फेंग शुई और आप: फेंगशुई टिप्स: घर में करें ये काम, जागेगा सोया हुआ भाग्य

 

फेंग शुई का अर्थ है हवा और पानी पूर्वी देशों में बहुत सारी अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त सामान बनाने वाली कंपनियों के अन्त में राई या सुई शब्द लगा होता है। या फिर शंग, संग, काया या फंग लगा होता है। मानव जीवन को सदियों आगे बनाए रखने के लिए हवा, पानी और सामान्य शरीर द्वारा सहा जा सकने वाले तापमान की आवश्यकता रहती है।

ये भी पढ़ें..फेंगशुई : क्या है लाल रिबन में बंधे सिक्कों का राज

फेंगशुई टिप्स 3
हवा, पानी और सामान्य तापमान ही मानव जीवन को सदियों में जीवन दान देता रहा है। इन तीन चीजों की कमी के कारण दूसरे बहुत से तारों, "ग्रहों एवं गैलेक्सियों" पर जीवन की संभावनाएं न के बराबर खोजी गई हैं।

सुखी जीवन जीने के लिए अपने नए भवन को इस प्रकार बनाए कि हवा, धूप का प्रकाश हर कमरे में अवश्य आए। पूर्वी खिड़की रोशनदान या द्वार से पूर्वी कमरों में प्रकाश आए| दक्षिण दिशा की तरफ जाने वाली दोपहरी धूप दक्षिणी खिड़की या द्वार से आए या फिर पश्चिमी दिशा की तरफ से आने वाली धूप, हवा या हल्का प्रकाश आए।

उत्तरी दिशा वाले मकान में ज्यादा से ज्यादा रोशनदान व दरवाजे रखें। एग्जॉस्ट का प्रयोग अवश्य करें। सर्दियों में भी हवा को अन्दर बाहर करने के लिए पंखे का सप्ताह में एक बार कुछ मिनटों के लिए अवश्य चलाएं। इससे गंदी हवा बाहर निकल जाती है।

ये भी पढ़ें..घर पर सुख-समृद्धि बनाए रखने में बहुत कारगर होते हैं फेंगशुई के उपाय

मकान में सादी कलई सफेदी दीवाली के आसपास कराने का रिवाज है, क्योंकि बरसात से उत्पन्न होने पर नमी, सीलन आदि से पैदा होने वाली, न दिखाई देने वाली बारीक कीट व नेगेटिव ऊर्जा घर से बाहर हो जाए। पेंट वाली दीवारों की साल दो साल में धुलाई अवश्य कराएं। 

चीनी कहावत है कि भाग्य 8, 12, 20 वर्ष के गुणक में सौभाग्य बदल सकता है तो भाग्य वर्ष 8, 12, 20 के गुणक में दुर्भाग्य में भी बदल सकता है। इस बात में सबसे बड़ा रोल पर में जमा नमी, हम्प, सीलन व शरीर के तापमान के बराबर घरेलू मकान का तापमान न बने रहना। इसलिए हर आठ साल पूरे होने से पहले मकान में सफेदी (कलई) करवा में या दीवारे धुलवा लें।

कुछ लोग फिटकरी को बाथरूम, टॉयलेट किचन व तक में खुली रखते हैं, ताकि सीलन द्वारा पैदा की गई नेगेटिव ऊर्जा को कम किया जा सके। कुछ लोग मोटा नमक किसी खुले धोनी के बर्तन में रखते हैं। कुछ लोग फर्श धुलवाते हैं। रेखाएं व छिलके फर्श पर फिर बाहर चले जाएंगे। नीबू, संतरा, नमक आदि से दो-चार महीने में एक दो बार पानी में डालकर फर्श धोने से नेगेटिव ऊर्जा व सीलन का प्रभाव कम होता है।

फेंगशुई टिप्स 2
भारतीय संस्कृति में पानी में नमक नहीं डाला जाता। पूर्वी देशों की संस्कृति में नमक, नीबू, हरी मिर्च सौभाग्य का प्रतीक है। बाहर जाने से पहले नमक खिलाया जाता है। दुकानों पर संतरा, नीबू रखना, नींबू मिर्च का नजरबट्टू टांगना भी एक प्रकार से नेगेटिव ऊर्जा को कम करके सामान्य जीवन जीने की विचारधारा है।

आपके वस्त्र:-

आप अपने कपड़े, जूते आदि के बारे में खूब सोचें। ध्यान से नोट करने पर आपको पता चलेगा कि कौन सा कपड़ा पहनने पर कौन सा दिन बहुत बढ़िया गुजरता है और कौन सा कपड़ा पहनने पर दिन बुरा जाता है।

ये भी पढ़ें..वास्तु दोष कैसे दूर करें

जिस रंग के कपड़े पहनने से दिन बढ़िया गुजरे व बिगड़े काम बनें, उसी तरह के कपड़े पहनना शुरू कर दें। जिस रंग के कपड़े पहनने से दिन बेकार जाए, परेशानियां बढ़ें। उस रंग के कपड़े पहनना छोड़ दें।


अंधेरे में सुखाए गए कपड़ों पर प्रेस करके ही पहने| शरीर पर पहना जाने वाला कपड़ा कुछ नवाया गर्म ही हो, तो सोभाग्य जागता है। नवजात शिशु के कपड़े अधेरे में न रखें ये प्रेस करके ही पहनाएं या फिर नवाए या धूप में सुखाकर ही पहनाएं।

शरीर बड़ा नाजुक होता है। कब कहां कैसे क्या कुछ हो जाए, कोई नहीं जान सकता। कपड़े धोकर ही पहने। इससे नेगेटिव ऊर्जा कपड़े से हट जाती है। मिट्टी की सीलन, अधेरे की सीलन में रखे कपड़े धोकर धूप में सुखाकर प्रेस करके पहनने से ही सौभाग्य सुरक्षित रह सकता है।

रात भर कपड़े तार रस्सी या हेंगर पर सुखाने के लिए लटकाए न रखें ये कपड़े ज्यादा नेगेटिव शक्तियां सोख लेती हैं| रात भर बाहर कम्बल, रजाई, बेडशीट आदि खुले में न रहने दें। इससे दुर्भाग्य पैदा होता है| 

नवजात शिशु के कपड़े धूप में ही सुखाएं। कपड़े धूप रहते ही अपने बेडरूम में ले जाने चाहिए। कारण सर्दी की रातों में कपड़ों में ऐसी नम ठंडक पैदा हो जाती है, जो बच्चे बूढ़े व जवान के शारीरिक तापमान व गर्मी से मेल नहीं खाती। यह ठंडक अपना दबाव बनाए रखती है जिससे स्वास्थ्य व दिमाग आदि पर बुरा प्रभाव पड़ता रहता है।

ऐसी धारणा है कि दफ्तर, व्यापार व कामकाज में ज्यादा उलझे रहने वाले लोग रात को अपने कपड़े धो पाते हैं। ऐसे नौजवान पुरुष हों या स्त्री जो रात भर बाहर सुखाए गए कपड़े ही पहनने के आदि होते हैं। वे अक्सर या तो अकेले अकेले जीवन बिताते हैं या फिर तनावपूर्ण अधूरी गृहस्थी के शिकार होते हैं।

इस दशा में यदि कपड़ों पर प्रेस ठीक तरह से की जाए व बिना प्रेस का बनियान या अंडरवियर भी न पहना जाए। तौलिए पर भी प्रयोग से पहले प्रेस हो तो इस नम ठंडक की सुनसान घातक शक्ति से शरीर व स्वास्थ्य को बचाया जा सकता है। अंधेरे कमरों में जहां कभी धूप नहीं आती, नहीं रहना चाहिए। ऐसे अंधेरे कमरे में सुखाए गए कपड़े भी कभी नहीं पहनने चाहिएं। नए ऑर्डर, नई नौकरी, नए जीवन साथी की तलाश में ये कपड़े बाधक रहते हैं।

ये भी पढ़ें.. धन लक्ष्मी आगमन के वास्तु उपाय-Dhan Lakshmi

फेंगशुई टिप्स 1
शोरूम के अंधेरे पैक में काफी समय से रखे कपड़ों को लाकर सीधे नहीं पहनना चाहिए। उन्हें धोकर चमकीली धूप में सुखाकर अच्छी तरह गर्म प्रेस करके ही पहनने चाहिए अलमारी या संदूक में काफी समय से रखे कपड़े दोबारा घुलवा कर धूप में सुखा कर प्रेस करवाकर ही पहनने चाहिए। बच्चों के कपड़े अंधेरे में न पड़े रहने है उन्हें धूप लगाते रहिए।

यदि आपका बनियान या अंडरवियर फट गया है या उससे सुराख हो गए हैं, उसे तुरंत बदल दीजिए। एक बार बिस्तर छोड़ देने के बाद रात भर गीली चादर पर मत बैठे रात भर का चार्ज सुबह नेगेटिव चार्ज में बदल जाता है। हो सके तो चादर को उठाकर झाड़कर या पलट कर बिछाएं। सप्ताह में अवश्य चादर व तकिए के कवर की धुलाई करें| साफ कपड़े पहनने पर काम मिलता है, भाग्य सामान्य हो जाता है।

यदि फर्श पर मेट बिछा है, फिर भी पूजा करते समय उस पर अलग आसन बिछाए। पूजा से उठते ही उसे पलटकर या लपेटकर रखें । 

Rajendra Vipin 

EDITOR DESK



हमारे बारे में

न्‍यूज़ पुराण (PURAN MEDIA GROUP)एक कोशिश है सत्‍य को तथ्‍य के साथ रखने की | आपके जीवन में ज्ञान ,विज्ञान, प्रेरणा , धर्म और आध्‍यात्‍म के प्रकाश के विस्‍तार की |
News Puran is a humble attempt to present the truth with facts. To spread the light of knowledge, promote scientific temper, inspiration, religion and spirituality in your life.


संपर्क करें

0755-3550446 / 9685590481



न्‍यूज़ पुराण



समाचार पत्रिका


    श्रेणियाँ