लद्दाख बोर्डर पर हिन्दुस्तान  का दबदबा: दक्षिणी पैंगॉन्ग के विवादित क्षेत्र में सेना ने जमाया कब्जा, चीन (China) ने क्षेत्र  से कैमरे हटाए; चीनी विदेश मंत्री ने कहा- दोनों देशों के बीच सीमा निश्चित नहीं

लद्दाख बोर्डर पर हिन्दुस्तान  का दबदबा: दक्षिणी पैंगॉन्ग के विवादित क्षेत्र में सेना ने जमाया कब्जा, चीन (China) ने क्षेत्र  से कैमरे हटाए; चीनी विदेश मंत्री ने कहा- दोनों देशों के बीच सीमा निश्चित नहीं

भारतीय सेना के अनुसार हिन्दुस्तान ने स्पांगुर गैप, स्पांगुर झील और इसके किनारे की चीनी सड़क पर भी कब्जा जमा लिया है|

चीन (China) के विदेश मंत्रालय ने कहा- हमारी सेनाओं ने कभी भी सीमा पार नहीं की, लगता है कि कुछ संवादहीनता का मसला है|

चीनी सेना की घुसपैठ के दो दिन बाद हिन्दुस्तान  ने लद्दाख सीमा को लेकर बड़ा खुलासा किया है। सेना के सूत्रों के मुताबिक, दक्षिणी पैंगॉन्ग के विवादित क्षेत्र में पूरी तरह से हिन्दुस्तान  का कब्जा है। यहां की कई चोटियों(HILS) पर सेना मौजूद है। सेना की तरफ से यह भी कहा गया है कि चोटियों(HILS) पर हमारे जवान इसलिए काबिज हैं, क्योंकि लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (एलएसी) को लेकर हिन्दुस्तान  की स्थिति एकदम साफ है।

Indian Army beats Chinese in occupying strategic height near Pangong lake southern bank

सेना के सूत्रों ने यह भी बताया कि हमने मुश्किल समझे जाने वाले स्पांगुर गैप, स्पांगुर झील और इसके किनारे की चीनी सड़क पर भी कब्जा कर लिया है। चीन (China) लद्दाख सीमा पर कई चोटियों(HILS) पर अपना दावा करता रहा है। वह पैंगॉन्ग सो झील के पूरे दक्षिणी हिस्से और स्पांगुर गैप पर भी कब्जा करना चाहता था, ताकि बढ़त हासिल कर सके।

कैमरों की परवाह किए बिना हक जमाया

indo-china-war-15July

सेना के मुताबिक, चीन (China) ने पहाड़ों पर कैमरे और निगरानी उपकरण लगा रखे थे, ताकि उन्हें हमारी गतिविधियों का पता चल सकें। इन सबके बावजूद जवानों ने विवादित क्षेत्र में कब्जा कर लिया। इतना ही नहीं, भारतीय सेना के कब्जे के बाद चीन (China) ने अपने कैमरे और सर्विलांस इक्विपमेंट्स हटा लिए।

बैकफुट पर चीन (China), विदेश मंत्री और मंत्रालय दोनों के बयान आए हिन्दुस्तान  के ठोस दावे के बाद चीन (China) की बौखलाहट दिखी। विदेश मंत्री वांग यी ने कहा, ‘‘हिन्दुस्तान  और चीन (China) के बीच विवाद की वजह सीमा का निर्धारण न होना है। इसके चलते हमेशा समस्या बनी रहेगी। फिर भी हम हिन्दुस्तान  से बातचीत के जरिए मुद्दे सुलझाने को तैयार हैं।’’

वहीं, विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने कहा कि दोनों पक्षों (हिन्दुस्तान -चीन (China)) को तथ्यों को ध्यान में रखना चाहिए, ताकि द्विपक्षीय रिश्तों में कोई अड़चन न आए और सीमा पर शांति कायम रहे। चीन (China) न तो कभी युद्ध भड़काने में विश्वास रखता है, न ही हमने किसी दूसरे देश की इंच जमीन कब्जाई है। हमारी सेनाओं ने कभी भी सीमा पार नहीं की। लगता है कि कुछ कम्युनिकेशन का मसला है।

इधर, बैठकों का दौर

लद्दाख में चीनी घुसपैठ से बढ़े तनाव के बीच राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल ने मंगलवार को हालात की समीक्षा की। बताया जा रहा है कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह आज हाईलेवल मीटिंग बुला सकते हैं।

इस बीच, लद्दाख में सीमा पर तनाव के बीच हिन्दुस्तान -चीन (China) के सेना अफसर लगातार दूसरे दिन मीटिंग कर रहे हैं। पैंगॉन्ग सो झील के दक्षिणी किनारे की एक पहाड़ी पर चीन (China) के कब्जे की नाकाम कोशिश के बाद ये बातचीत की जा रही है।

न्यूज एजेंसी के मुताबिक दोनों देशों के ब्रिगेड कमांडर लेवल के अधिकारी चर्चा में शामिल हैं। ये मीटिंग चुशूल सेक्टर में नियंत्रण रेखा से 20 किलोमीटर दूर स्थित मॉल्दो में हो रही है।

चीन (China) ने 29-30 अगस्त की रात घुसपैठ की कोशिश की थी रक्षा मंत्रालय ने सोमवार को एक नोट जारी कर चीन (China) की धोखेबाजी के बारे में बताया था।

इसके मुताबिक 29-30 अगस्त की रात चीन (China) के करीब 500 सैनिकों ने एक पहाड़ी पर कब्जे की कोशिश की थी, जिसे भारतीय सेना ने नाकाम कर दिया। रक्षा मंत्रालय ने कहा कि हमारी सेना शांति चाहती है, लेकिन अपनी सीमाओं की सुरक्षा करना भी जानते हैं।

चीन (China) की चाल: भारतीय चोटी बम्प हिल पर कब्जा चाहता था सेना के अधिकारियों ने बताया कि चीन (China) का इरादा अपने क्षेत्र की ब्लैक टॉप नाम की पहाड़ी के सामने वाली भारतीय चोटी पर कब्जा करना था। इसके बाद चुशूल के बड़े क्षेत्र में चीन (China) की पकड़ मजबूत हो सकती थी। चीन (China) के सैनिक उस निचले इलाकों में डटे हुए हैं, जो 3 चोटियों(HILS) पर बैठे भारतीय सैनिकों की निगरानी में है।

चीन (China) की सीनाजोरी: कहा- हिन्दुस्तान  ने ही एग्रीमेंट तोड़ा चीन (China) ने उल्टा दोष मढ़ते हुए कहा है कि भारतीय सैनिकों ने वार्ता में बनी आम सहमति का ध्यान नहीं रखा। हम मांग करते हैं कि हिन्दुस्तान  अपने सैनिकों को पीछे हटाए।

कैलाश-मानसरोवर झील के किनारे चीन (China) की मिसाइलें तैनात न्यूज एजेंसी के मुताबिक चीनी सेना ने लद्दाख से लगे होतान एयरबेस पर जे-20 फाइटर प्लेन तैनात किए हैं। कैलाश-मानसरोवर झील के किनारे जमीन से हवा में मार करने वाली मिसाइलें भी तैनात कर दी हैं।

चीन (China) 3 इलाकों से पीछे नहीं हट रहा सेना और डिप्लोमैटिक लेवल की कई राउंड की बातचीत के बावजूद चीन (China) पूर्वी लद्दाख के फिंगर एरिया, देप्सांग और गोगरा इलाकों से पीछे नहीं हट रहा। चीन (China) के सैनिक 3 महीने से फिंगर एरिया में जमे हुए हैं। अब उन्होंने बंकर बनाने और दूसरे अस्थायी निर्माण करने भी शुरू कर दिए हैं।


हमारे बारे में

न्‍यूज़ पुराण (PURAN MEDIA GROUP)एक कोशिश है सत्‍य को तथ्‍य के साथ रखने की | आपके जीवन में ज्ञान ,विज्ञान, प्रेरणा , धर्म और आध्‍यात्‍म के प्रकाश के विस्‍तार की |
News Puran is a humble attempt to present the truth with facts. To spread the light of knowledge, promote scientific temper, inspiration, religion and spirituality in your life.


संपर्क करें

0755-3550446 / 9685590481



न्‍यूज़ पुराण



समाचार पत्रिका


श्रेणियाँ