भोपाल को स्विटजरलैंड कहने वाला बच्चा कैसे बना भारत का नंबर 1 दुश्मन


स्टोरी हाइलाइट्स

पाकिस्तान के परमाणु बम के जनक अब्दुल कादिर खान, जो कोरोना के परीक्षण के बाद लंबे समय से बीमार थे, का निधन हो गया। अब्दुल कादिर खान ने.....

पाकिस्तान के परमाणु बम के जनक अब्दुल कादिर खान का निधन हो गया है अब्दुल कादिर खान ने इस्लामाबाद के एक अस्पताल में अंतिम सांस ली भोपाल में जन्मे अब्दुल कादिर खान को मिला पाकिस्तान का सर्वोच्च नागरिक सम्मान पाकिस्तान के परमाणु बम के जनक अब्दुल कादिर खान, जो कोरोना के परीक्षण के बाद लंबे समय से बीमार थे, का निधन हो गया। अब्दुल कादिर खान ने इस्लामाबाद के एक अस्पताल में अंतिम सांस ली। भोपाल में जन्मे अब्दुल कादिर खान को पाकिस्तानी परमाणु बम विस्फोट करने के बाद देश के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। पाकिस्तान में अब्दुल कादिर खान को एक नायक के रूप में सम्मानित किया जाता था, लेकिन दुनिया में वह दूसरे देशों में परमाणु बम तकनीक पहुंचाने के लिए कुख्यात थे। भारत से नफरत करने वाले अब्दुल कादिर खान का जन्म भोपाल में हुआ था। भोपाल में जिस घर में उन्होंने अपना बचपन बिताया वह गिन्नोरी इलाके में स्थित है। अब्दुल कादिर का घर सरकारी स्कूल के पीछे एक संकरी गली में है। अब्दुल 1951 में अपनी मां, तीन भाइयों और दो बहनों के साथ पाकिस्तान चले गए। पिता और नन्हा भारत जाने को तैयार नहीं थे। Image Source: Instagram बचपन में अब्दुल कादिर खान भोपाल को भारत का स्विटजरलैंड कहते थे पिता अब्दुल गफूर और छोटे भाई अब्दुल हफीज ने भोपाल नहीं छोड़ा। परिजनों का कहना है कि दोनों पाकिस्तान के घोर विरोधी थे। अब्दुल कादिर खान, जिन्हें भारत के खिलाफ जहर दिया गया था, पाकिस्तान जाने के खिलाफ थे। एक पाकिस्तानी परमाणु वैज्ञानिक के पिता अब्दुल गफूर होशंगाबाद जिले के एक स्कूल के प्रधानाध्यापक थे। 1956 में उनका निधन हो गया। वहीं छोटे भाई अब्दुल हफीज भोपाल नगर निगम के अधिकारी थे। उसकी भी मौत हो गई। हॉलैंड से आई थी निधन की खबर भोपाल में रहने वाले अब्दुल कादिर खान के करीबी लोगों को रविवार सुबह 7 बजे हॉलैंड से संदेश मिला कि अब्दुल कादिर का निधन हो गया है। परिजनों ने बताया कि उसकी मौत इस्लामाबाद में हुई है।