अमेरिकी सीनेट में पेश हुए नए बिल से भारतीय डॉक्टरों को होगा फायदा

अमेरिकी सीनेट में पेश हुए नए बिल से भारतीय डॉक्टरों को होगा फायदा

संयुक्त राज्य अमेरिका में डॉक्टरों की कमी को दूर करने के लिए विदेशी नागरिकों को आकर्षित करने की योजना पर काम शुरू हो गया है। इसके लिए, प्रभावशाली सांसदों के एक द्विदलीय समूह ने एक दूसरे विधेयक की घोषणा की है जो देश के ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में काम करने के लिए विदेशी डॉक्टरों को आकर्षित करेगा। इस प्रावधान से भारतीयों को भी निश्चित तौर पर फायदा होगा।

सीनेट स्वास्थ्य, शिक्षा, श्रम और पेंशन समिति के सदस्य सीनेटर जैकी रोजन सहित कई सांसदों द्वारा दूसरी बार बिल पेश किया गया है।

US Senate
ऐसा ही एक विधेयक सांसद ब्रैड स्नाइडर ने प्रतिनिधि सभा में पेश किया था। अगर बिल अमेरिका के दोनों सदनों से पास हो जाता है और राष्ट्रपति के हस्ताक्षर हो जाते हैं, तो इससे वहां बसे लाखों भारतीय डॉक्टरों को फायदा होगा। साथ ही जो डॉक्टर नौकरी पेशा के लिए अमेरिका जाना चाहते हैं उन्हें भी इस प्रस्तावित कानून का सीधा फायदा मिलेगा।

कॉनराड स्टेट 30 और फिजिशियन एक्सिस रिऑथराइजेशन एक्ट का पुन: परिचय उन विदेशी डॉक्टरों को सक्षम करेगा जिनके निवास प्रशिक्षण कार्यक्रम उन क्षेत्रों में सेवाएं प्रदान करने की सीमा तक पहुंच गए हैं जहां डॉक्टरों की कमी है।

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वर्तमान प्रावधान के तहत, संयुक्त राज्य अमेरिका में J-1 वीजा पर काम करने वाले अन्य देशों के डॉक्टरों को रेजीडेंसी प्रशिक्षण कार्यक्रम पूरा करने के बाद दो साल के लिए घर लौटना होता है। इसके बाद ही वे वीजा या ग्रीन कार्ड के लिए आवेदन कर सकते हैं। हालांकि, प्रस्तावित नए कानून के तहत विदेशी डॉक्टरों को अपने देश वापस नहीं लौटना पड़ेगा। और वे अमेरिका में रहकर उन क्षेत्रों में सेवा कर सकेंगे जहां तीन साल से डॉक्टरों की कमी है।

इस बीच, अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जैक सुलिवन ने कहा कि देश की लोकतांत्रिक सुधार की राष्ट्रीय भावना और मताधिकार की मूल भावना राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा है। सुलिवन ने यह बात राष्ट्रपति जो बाइडेन की पदभार ग्रहण करने के बाद पहली विदेश यात्रा से पहले कही।

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बाइडेन इंग्लैंड, ब्रुसेल्स और जिनेवा की यात्रा करेंगे। वहां वह जी-9 शिखर बैठक में भी शामिल होंगे। सुलिवन ने कहा, "हमारी प्रतिस्पर्धा निरंकुश शासन वाले देशों के साथ है।" हम दुनिया को दिखाना चाहते हैं कि अमेरिकी लोकतंत्र और स्पष्ट लोकतांत्रिक व्यवस्था काम करने और वांछित परिणाम देने में सक्षम हैं।



Priyam Mishra



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