“मास्क लगाना अगले साल तक ज़रूरी, कोरोना की तीसरी लहर की आशंका बरकरार “

मास्क लगाना अगले साल तक ज़रूरी, कोरोना की तीसरी लहर की आशंका बरकरार..
भारत में कोरोना वायरस: Covid  प्रोटोकॉल में मास्क पहनना, सैनिटाइज़र से हाथ धोना, सामाजिक शारीरिक दूरी रखना आदि शामिल हैं। संक्रामक रोगों से निपटने के लिए मास्क पहनना सबसे कारगर उपाय माना जाता है।

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Covid19 delta plus Variant
"अगले साल तक अनिवार्य होगा मास्क, तीसरी लहर से इंकार नहीं"..

CoronaVirus In India: आखिर हमें कब तक पहनना होगा मास्क? पढ़िए डॉक्टर वीके पॉल का जवाब

CoronaVirus In India: आम नागरिक के मन में ये सवाल है कि आखिर हमें कब तक पहनना होगा मास्क? जानिए इस बारे में नीति आयोग के सदस्य डॉक्टर वीके पॉल ने क्या दिया है आंसर..

नई दिल्ली: नीति आयोग के सदस्य वीके पॉल ने कहा है देश में कोरोना मरीजों की बढ़ती और घटती संख्या को देखते हुए अगले साल तक मास्क पहनना होगा. साथ ही कोरोना की तीसरी लहर की आशंका से भी इंकार नहीं किया जा सकता।

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डॉ वीके पॉल ने कहा कि मास्क पहनना अब बंद नहीं होगा। आपको अगले सालों तक या आने वाले सालों तक भी मास्क पहनना होगा। क्योंकि कोरोना के खिलाफ लड़ाई केवल अनुशासन, टीके और प्रभावी दवाओं से ही जीती जा सकती है। मुझे विश्वास है कि हम इस महामारी पर विजय पा लेंगे।

तीसरी लहर की संभावना के बारे में पूछे जाने पर डॉ. पॉल ने कहा कि कोरोना की तीसरी लहर से इंकार नहीं किया जा सकता। पॉल ने कहा कि अगले तीन से चार महीने काफी अहम हैं. हमें खुद को बचाने और प्रकोप को रोकने की जरूरत है। आगामी त्योहार के दौरान सुरक्षा उपाय कम ना करने की चेतावनी दी। ऐसा करने से बड़े पैमाने पर संक्रमण फैल सकता है।

इस बीच कोविड प्रोटोकॉल में मास्क पहनना, सैनिटाइजर से हाथ धोना, सामाजिक दूरी रखना आदि शामिल हैं। संक्रामक रोगों से निपटने के लिए मास्क पहनना सबसे कारगर उपाय माना जाता है। देश में कोरोना की दूसरी लहर थम गई है। देश में हर दिन रिकॉर्ड संख्या में कोरोना वायरस देखने को मिल रहा था। 

अब तक नागरिकों को वैक्सीन की 75 करोड़ खुराक दी जा चुकी है और युवाओं का टीकाकरण इस साल के अंत तक पूरा होने की उम्मीद है, लेकिन इस बीच एक अध्ययन ने चिंता बढ़ा दी है। 

आईसीएमआर-क्षेत्रीय चिकित्सा अनुसंधान केंद्र (भुवनेश्वर) ने पाया कि इस बीच, जिन लोगों को वैक्सीन का टीका लगाया गया है, उनमें एंटीबॉडी का स्तर दो से तीन महीने के बाद कम होने लगता है।


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