20 जून: बिजनेस टॉप 10: गोल्ड रेट – NEWS UPDATES

20 JUNE: BUSINESS TOP 10

Gold Rate, June 2020 : सोने और चांदी की कीमतें फिर से गिर गईं हैं। इस पूरे सप्‍ताह उतार-चढ़ाव के बीच अब आज सप्‍ताह के आखिरी कारोबारी दिन में सोने व चांदी के वायदा दाम घट गए हैं। एमसीएक्‍स एक्‍सचेंज पर आगामी 5 अगस्‍त के लिए सोने का वायदा दाम आज सुबह करीब साढ़े नौ बजे 25 रुपए घट गया था। 

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इसके बाद यह 47 हज़ार 330 रुपए प्रति दस ग्राम पर ट्रेंड में था। गुरुवार को घरेलू सर्राफा बाजार में सोने का हाजिर दाम 280 रुपये की बढ़त के साथ 48 हज़ार 305 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया था। उधर वैश्विक स्तर पर आज सुबह सोने की वायदा और हाजिर दोनों कीमतों में बढ़त दर्ज की गई है।
Reserve Bank of India (RBI) की एक समिति ने एटीएम (ATM) से 5000 रुपए से ज्यादा की निकासी पर ग्राहकों से शुल्क (चार्ज) वसूले जाने की सिफारिश की थी। ATM से नगद निकासी में कमी लाने के लिए चार्ज लगाने की सिफारिश की गई थी। आरटीआई (RTI) के जरिए मिली RBI की रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है।

क्रेडिट रेटिंग एजेंसी फिच रेटिंग्स ने गुरुवार को आठ साल में पहली बार भारत का आर्थिक परिदृश्य 'स्थिर' से घटाकर 'नकारात्मक' कर दिया। रेटिंग एजेंसी ने कहा कि कोरोना महामारी न भारत की आर्थिक वृद्घि को लेकर संभावनाएं कमजोर की हैं। इस बीच सरकार के समक्ष बढ़ते कर्ज से जुड़ा जोखिम भी पैदा हो गया है।

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया(SBI) 21 जून को अपनी ऑनलाइन सेवाओं में कुछ फेरबदल करने जा रही है। इस दौरान बैंक की कुछ ऑनलाइन सेवाएं प्रभावित रहेगी। बैंक ने कहा कि इस संबंध में उसने अपने ट्विटर हैंडल @TheOfficialSBI पर सूचना दी है। 

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इस संबंध में बैक का कहना है कि इस दौरान उपभोक्ताओं को कुछ असुविधा हो सकती है इसलिए वह इसके लिए तैयार रहें और अपने ऑनलाइन बैंकिंग के कामकाज को इसके अनुसार निर्धारित कर लें।
पेट्रोल और डीजल के दामों में जैसे आग लगी हुई है। इनकी कीमतों में पिछले 11 दिनों से जारी तेजी 12वें दिन भी जारी रही। आज पेट्रोल जहां 53 पैसे तो डीजल 64 पैसे महंगा हुआ है। इसके बाद दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 77.81 रुपए प्रति लीटर और डीजल के दाम 76.43 रुपए प्रति लीटर हो गई है। 

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इसके बाद देश में इन 12 दिनों में पेट्रोल के दाम जहां 6.55 रुपए बढ़ गए हैं वहीं डीजल 7.04 रुपए महंगा हुआ है। हालांकि, राज्यों में दामों में बढ़ोतरी लगने टैक्स पर भी निर्भर करेगी।
Mukesh Ambani बने दुनिया के 11वें सबसे अमीर, नेट वर्थ 4.58 लाख करोड़ रुपए हुई… शुक्रवार को दुनिया के 11वें सबसे अमीर बन गए। उनकी रियल टाइम नेट वर्थ 4.58 लाख करोड़ रुपए हो गई हैं।

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Reliance Industries (RIL) के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर Mukesh Ambani शुक्रवार को दुनिया के 11वें सबसे अमीर बन गए। Mukesh Ambani की रियल टाइम नेट वर्थ पहली बार 60 बिलियन डॉलर के पार हुई। BloomBerg Billionaires Index के अनुसार Mukesh Ambani की रियल टाइम नेट वर्थ अब 60.3 बिलियन डॉलर (4.58 लाख करोड़ रुपए) हो गई हैं।

Mukesh Ambani की संपत्ति में एक दिन में 1.16 बिलियन डॉलर का इजाफा हुआ क्योंकि RIL के शेयर की कीमत शुक्रवार को रिकॉर्ड 1737.95 रुपए पर पहुंच गई। यह पिछली क्लोजिंग 1655 रुपए की तुलना में करीब 5 प्रतिशत ज्यादा है। Mukesh Ambani इसी के साथ स्पेनिश फैशन रिटेल चेन Zara के संस्थापक और पूर्व चेयरमैन Amanico Ortega को पीछे छोड़ दिया। Ortega की नेट वर्थ इस समय 59 बिलियान डॉलर हैं।
PPF, सेविंग्स अकाउंट के ब्याज पर देना पड़ सकता है GST! GST पंजीकरण के लिए सीमा की गणना करते समय PPF, बचत बैंक खाते पर मिलने वाले ब्याज को कर योग्य आपूर्ति में शामिल किया जाएगा।

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GST पंजीकरण के लिए सीमा की गणना करते समय PPF, बचत बैंक खाते तथा परिवार/दोस्तों को दिए गए कर्ज पर मिलने वाले ब्याज को कर योग्य आपूर्ति में शामिल किया जाएगा। माल एव सेवा कर (GST) कानून के तहत 20 लाख या उससे ज्यादा के सकल कारोबार वाली कंपनियों और व्यक्तियों को GST पंजीकरण कराना होगा।

किसी भी कारोबार से नहीं जुड़े एक व्यक्ति ने AAR की गुजरात पीठ से यह जानना चाहा था कि क्या बचत बैंक खाता, PPF और परिवार के सदस्यों को दिए गए कर्ज पर मिलने वाले ब्याज पर GST कानून के तहत पंजीकरण के लिए 20 लाख रुपए की सीमा के आकलन के मकसद से विचार किया जाना चाहिए। इस शख्स ने अपने आवेदन में बताया था कि साल 2018-19 में उसकी कुल प्राप्ति 20,12 लाख रुपए थी। इसमें से 9.84 लाख रुपए किराया और शेष राशि बैंक जमा, पीपीएक जमा और दोस्तों तथा परिजनों को दिए गए कर्ज पर ब्याज से प्राप्त हुए थे।
Indore Commodity Market : कालीमिर्च के भाव बढ़े, किसानों को राहत

कालीमिर्च का निर्यात बढ़ने से वियतनाम में भाव बढ़े हैं। श्रीलंका के रस्ते अवैध आयात पर रोक के कारण कोधिा में भाव 25 रुपये किलो तक बढ़ने से किसानों को काफी राहत मिली है। यूरोप के साथ ही एशियाई देशों में मांग बढ़ने के कारण पिछले एक महीने में मुख्य उत्पादक वियतनाम में कालीमिर्च के भाव 10 प्रतिशत तक बढ़े हैं। नए माल में अच्छे किस्म की उपलब्धता कम होने की वजह से भी तेजी को समर्थन मिला है। अधिकांश देशों में लॉकडाउन खुलने के साथ मांग बढ़ने के चलते फिलहाल भाव मजबूत रहने के आसार हैं।

भारत में मई के मध्य तक लॉकडाउन के कारण किसानी स्टॉक बाजार में आने के दौर में ही श्रीलंका से सस्ते आयात के कारण जो परेशानी आ रही थी, उस पर पिछले दिनों सख्ती के बाद अब राहत है। किसानों और स्थानीय कारोबारियों को उपज और स्टॉक के सही दाम मिलने लगे हैं।
देश में फैले कोरोना वायरस के संक्रमण की वजह से आयकर दाखिल करने की तारीख 30 नवंबर 2020 तक बढ़ा दी गई है। आमतौर पर आयकर दाखिल करने की तारीख 31 जुलाई या 31 अक्टूबर होती है, जो विभिन्न वर्ग के करदाताओं के लिए अलग-अलग है। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने पिछले वित्तीय वर्षों के लिए ITR फाइलिंग की प्रक्रिया को पहले ही शुरू कर दिया है। आयकर विभाग ने नए आईटीआर फॉर्म अधिसूचित किए हैं, जो आईटीआर दाखिल करने के लिए करदाताओं के विभिन्न वर्गों द्वारा इस्तेमाल किए जाएंगे।

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CBDT ने ITR-1 से लेकर ITR-7 तक सात ITR फॉर्म निर्धारित किए हैं, जिनका उपयोग करदाताओं द्वारा इस आकलन वर्ष के लिए किया जाएगा। जानिए कि आपको कौन सेITR फॉर्म को भरना होगा।

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यह करदाताओं के लिए सबसे सरल आईटीआर फॉर्म है, जिनकी कुल वार्षिक आय 50 लाख रुपए से कम है और वेतन, एक घर की संपत्ति, ब्याज आय और कृषि आय जैसे अन्य स्रोतों से आय 5,000 रुपए तक है। हालांकि, यदि आपके पास व्यवसाय, पेशे, पूंजीगत लाभ या एक से अधिक घर की संपत्ति से आय है, तो आप ITR-1 फॉर्म का उपयोग नहीं कर सकते हैं।

कारोबारियों के संगठन ने किया चीनी सामान के बहिष्कार का आह्वान, 500 से अधिक वस्तुओं की लिस्ट की जारी… कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स ने 500 चीनी उत्पादों की लिस्ट तैयार की है।

30 लाख किसानों को होगा फायदा, आय दोगुनी करने के लिए सरकार ने उठाया यह कदम

Farmer Producer Organizations:किसान उत्पादक संगठन के जरिए देश के 30 लाख किसानों को सीधा लाभ मिलने का अनुमान है।

Share Market Today...These 6 simple steps will help you grow your equity investment

Investing, especially in equities, has always been perceived as risky and that is why perhaps retail investor participation in India is amongst the lowest in the world. Most small investors prefer mutual funds rather than exercising their own acumen and building direct portfolios. Here we look at the art of significant wealth creation in equities while minimising the risk.

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To be honest, it is quite simple and six simple steps is all that there is to it. Yet, it is one of the most difficult things to do as it needs tremendous discipline. Quite a contradiction! The discipline is needed to stick to the beliefs and not get lured by short-term gains and market movements. The discipline is needed to break the cycle of greed and fear.

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PNB ग्राहकों के लिए राहत भरी खबर…. Punjab National Bank (PNB) के ग्राहकों को चिंता करने की जरूरत नहीं हैं। विलय के बावजूद उनके ATM कार्ड में कोई बदलाव नहीं होगा।

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Punjab National Bank (PNB) में यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया और ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स का विलय हुआ है। इस विलय के बाद देश के इस दूसरे सबसे बड़े बैंक PNB में कई तरह के बदलाव हुए हैं। PNB के ग्राहक यह सोचकर उलझन में चल रहे थे कि क्या उनकी चेकबुक, पासबुक और ATM कार्ड में बदलाव होगा या नहीं। अब बैंक ने इस बारे में अपना नजरिया साफ करते हुए ग्राहकों को राहत प्रदान की।

PNB ने साफ कर दिया कि किसी भी ग्राहक को ATM कार्ड बदलना नहीं होगा और पुराने ATM कार्ड ही पहले की तरह चलते रहेंगे। ग्राहक बगैर किसी अतिरिक्त शुल्क के उसके 13 हजार से ज्यादा ATM का उपयोग कर सकेंगे। यदि किसी ग्राहक को अपना मोबाइल नंबर या ईमेल आईडी अपडेट या रजिस्टर करना हो तो वो अपने मूल बैंक की किसी भी शाखा में जाकर करा सकते हैं।

माइक्रोमैक्स, लावा, कार्बन, इंटेक्स जैसे इंडियन ब्रांड्स वापसी को तैयार; चीनी प्रॉडक्ट्स के विरोध का फायदा मिलने की उम्मीद

फैसला / भारत में क्लीन एंड क्लियर फेयरनेस प्रोडक्ट्स की बिक्री बंद करेगी जॉनसन एंड जॉनसन

राहत / पीएमसी बैंक के ग्राहक अब अपने खाते से 1 लाख रुपए निकाल सकेंगे, आरबीआई ने बढ़ाई लिमिट

शेयर बाजार का लेखा-जोखा / 2020 में अब तक इक्विटी मार्केट में 17.18% तक का नुकसान, सोने ने 13.02% का रिटर्न दिया

भारत में चीनी जड़ें / भारत में स्मार्टफोन का मार्केट साइज 2 लाख करोड़ रुपए का, 72% हिस्सा चीन की कंपनियों का; मार्केट से उनको हटा पाना होगा बेहद मुश्किल काम

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भारत और चीन के बीच लद्दाख के गलवान में चल रहे टकराव ने एक बार फिर भारत में चीनी कंपनियों के बिजनेस और दबदबे को लेकर चर्चा तेज हो गई है। चीन के लिए भारत एक बहुत बड़े बाजार के रूप में उभरा है। दोनों देशों में विशाल आबादी के कारण एक बहुत बड़ा कंज्यूमर बेस है। दरअसल, चीन की कंपनियों के सस्ते उत्पाद भारत में अपनी जड़ें इस कदर जमा चुके हैं कि उनको उखाड़ पाना बेहद मुश्किल है। यही नहीं, चीनी कंपनियां भारत में निवेश भी कर रही हैं। 

हालांकि, भारत सरकार अपने बाजार को एक हथियार की तरह इस्तेमाल करने की सोच रही है। चीनी कंपनियों को भारत सरकार से या प्राइवेट सेक्टर से फिलहाल कोई कॉन्ट्रैक्ट जल्द मिलने की संभावना नहीं है। सबसे अहम बात यह है कि हुवावे कंपनी के भारत के 5जी मार्केट में उतरने की संभावनाएं काफी कम हो गई हैं।

चीनी कंपनियों के बंद करने और बहिष्कार करने के सवाल पर सीएनआई रिसर्च के सीएमडी, किशोर ओस्तवाल का कहना है कि भारत किसी भी देश का इंपोर्ट या अन्य बिजनेस को बंद नहीं कर सकता। इसका कारण विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) है। डब्ल्यूटीओ के नियमों के मुताबिक, किसी देश की सरकार आयात या बिजनेस को बंद नहीं कर सकती। अगर ऐसा होता है तो फिर चीन भारत के व्यापार को रोकेगा। ऐसे में ग्लोबलाइजेशन ही खत्म हो जाएगा। हमारे प्रधानमंत्री ने जो कहा, वह लोग समझ नही नहीं पाए। उन्होंने कहा था कि देश आत्मनिर्भर बने। उन्होंने बहिष्कार की बात नहीं की।
भारत कारोबार खत्म कर चीन को करीब 75 अरब डॉलर (5.7 लाख करोड़ रुपए) का नुकसान पहुंचा सकता है। इसके लिए भारत को सिर्फ करीब 18 अरब डॉलर (करीब 1.37 लाख करोड़ रुपए, 76.14 रुपए प्रति डॉलर की विनिमय दर से) का नुकसान सहन करना पड़ेगा। भारत चीन से जितना आयात करता है, उसकी तुलना में काफी कम उसे निर्यात करता है। 

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कांफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (सीएआईटी) का कहना है कि अगर चीन से आयात होने वाले उत्पादों पर निर्भरता कम करे तो इससे भारत का चीन के साथ व्यापार में घाटा कम हो जाएगा। सीएटी के मुताबिक, अगर ऐसा होता है तो चीन के फिनिश्ड गु्ड्स से करीबन एक लाख करोड़ रुपए का आयात घाटा दिसंबर 2021 तक बच सकता है।
रिपोर्ट / जल्द ही भारत में शुरू होगी आईफोन SE(2020) की मैन्युफैक्चरिंग, आयात पर लगने वाला 20% टैक्स बचाएगी एपल

एपल जल्द ही भारत में नए आईफोन SE की मैन्युफैक्चरिंग शुरू करने की तैयारी में है। रिपोर्ट के मुताबिक, देश में नए आईफोन मॉडल के आयात पर लगने वाले 20 प्रतिशत टैक्स से बचने के लिए कंपनी ने यह फैसला लिया है। एपल की ताइवान बेस्ड कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरर कंपनी विस्ट्रॉन भारत में आईफोन बनाने के लिए कम्पोनेंट प्राप्त करने की प्रक्रिया में हैं। 2017 में भी एपल ने इम्पोर्ट टैक्स से बचने और देश में बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए भारत में अपने कुछ आईफोन मॉडल बनाना शुरू किया था। हालांकि, कंपनी अब तक केवल पुराने आईफोन मॉडल का प्रोडक्शन कर रही है।


चीन के एक एपल सप्लायर को जुलाई से भारत में विस्ट्रॉन के लिए नए आईफोन SE के लिए कम्पोनेंट भेजने के लिए कहा गया है। इस कदम से एपल को इम्पोर्ट टैक्स से बचने में मदद मिलेगी अन्यथा देश में नए आईफोन मॉडल को लाने के लिए कंपनी को यह रकम चुकानी होगी।
बयान / आरबीआई की ब्याज दरों की कटौती का लाभ ग्राहकों को मिलेगा, वित्तमंत्री ने दिया पीएचडीसीसीआई को आश्वासन

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आश्वासन दिया है कि वह यह सुनिश्चित करेंगी कि आरबीआई द्वारा दरों में की गई कटौती का लाभ ग्राहकों को मिले। यह जानकारी पीएचडीसीसीआई ने दी है। इस एसोसिएशन ने कहा कि  आरबीआई द्वारा दरों में कटौती के लाभों को ग्राहकों तक पास करने की मांग उसने वित्तमंत्री से की थी। जिससे ग्राहकों पर ब्याज का बोझ कम हो सके। वित्त मंत्री यहां एक वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स के सदस्यों को संबोधित कर रही थीं।

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पिछले महीने आरबीआई ने 40 बीपीएस की कटौती की थी पीएचडीसीसीआई ने एक ट्वीट में कहा कि वित्तमंत्री ने आश्वासन दिया है कि वह व्यक्तिगत रूप से यह सुनिश्चित करेंगी कि बैंक ग्राहकों की मुश्किल समाप्त करने के लिए ब्याज दरों में कटौती का फायदा उन्हें दें। पिछले महीने आरबीआई ने रेपो रेट घटा दी थी। यह 40 बेसिस पॉइंट्स घटकर 4 फीसदी के ऐतिहासिक निचले स्तर पर आ गया था।

कई बैंकों ने ब्याज दरों में नहीं की कटौती ऐसी शिकायत मिली थी कि आरबीआई द्वारा दरों में कटौती के बाद काफी बैंकों ने ब्याज दरों में कटौती नहीं की है। इसी के बाद एसोसिएशन ने यह मुद्दा वित्तमंत्री के समक्ष रखा था। हालांकि कुछ बैंकों ने ब्याज दरों में कटौती की और यह ऐतिहासिक रूप से निचले स्तर पर पहुंच गई है। फंड बेस्ड लेंडिंग रेट (एमसीएलआर) की 1 साल की मीडियन मार्जिनल कॉस्ट में 90 बीपीएस की गिरावट आई हाल के समय में आई है।


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