भारत के प्रमुख पर्यटन स्थल:- मनाली

भारत के प्रमुख पर्यटन स्थल:- मनाली

 

मनाली, कुल्लू से लगभग 40 किलोमीटर दूर उत्तर की ओर एक लुभावनी घाटी है। समुद्र-तल से लगभग 1915 मीटर ऊंचाई पर बसा यह पर्यटन स्थल ट्रेकर्स (पर्वतारोही) के लिए स्वर्ग है। 

बर्फ से ढकी आसमान छूती चोटियां, देवदार के ऊंचे वृक्ष तथा कल-कल बहती व्यास नदी यहां के प्रमुख आकर्षणों में से हैं। मनाली के बाजार से आप तिब्बती गलीचे, कलात्मक वस्तुएं, गर्म शालें व काष्ठ कला की बेहतरीन चीजें खरीद सकते हैं।

अर्जुन गुफा

यह गुफा मनाली से 5 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है एक किंवदंती के अनुसार महाभारत के वीर पात्र अर्जुन ने यहां तपस्या करके पशुपत अस्त्र प्राप्त किया था।

वशिष्ठ मंदिर

लगभग 1800 साल पुराने वशिष्ठ की प्रतिमा वाले इस मंदिर का निर्माण राजा तक्षपाल द्वारा कराया गया था। कहा जाता है कि यहां कभी वशिष्ठ ने तपस्या की थी। यहां गर्म पानी के स्त्रोत भी हैं, जहां नहाने की विशेष व्यवस्था है।

हिडिंबा देवी का मंदिर

यों तो मनाली में कई आकर्षण हैं, लेकिन पगोडा शैली में बना भीम की पत्नी हिडिंबा देवी का यह मंदिर ऐतिहासिक वास्तुकला की दृष्टि से एक महत्त्वपूर्ण आकर्षण है। इस मंदिर का निर्माण सन् 1553 ई. में कुल्लू के शासक महाराजा बहादुर ने करवाया था। यह मंदिर मनाली से लगभग 3 किलोमीटर दूर है तथा समुद्र तल से इसकी ऊंचाई 1,982 मीटर है।

इस मंदिर से सटे पार्क में टहलकर प्रकृति के अद्भुत नजारों का आनंद उठाया जा सकता है।

जगत सुख

मनाली से 6 किलोमीटर की दूरी पर स्थित यह स्थल अपने प्राचीन मंदिरों के लिए प्रसिद्ध है। यहां के गौरीशंकर मंदिर का निर्माण 8वीं शताब्दी के दौरान किया गया था, जो हिमाचल प्रदेश के पुराने मंदिरों में से एक है।

नेहरू कुंड

नेहरू कुंड मनाली से लगभग 5 किलोमीटर दूर है तथा एक रमणीय पिकनिक स्थल भी है। यहां की ठंडी हवाओं और ठंडे पानी का आकर्षण पर्यटकों को दूर से ही अपनी ओर आकर्षित करता है।

कोठी

कोठी मनाली से 12 किलोमीटर दूर रोहतांग मार्ग पर स्थित है। यह स्थान एक आकर्षक व मनोहारी पिकनिक स्थल है। यहां पी. डब्ल्यू.डी. का एक विश्राम गृह भी है, जहां ठहरकर घाटी का सौंदर्य निहारा जा सकता है।

रोहतांग पास

मनाली से लगभग 51 किलोमीटर की दूरी पर केलौंग-मनाली राजमार्ग पर स्थित यह स्थान बर्फीले पहाड़ों का अवलोकन करने के लिए उपयुक्त जगह है। समुद्र-तल से इसकी ऊंचाई लगभग 3,980 मीटर है। यह दर्रा ही लाहौल स्पीति घाटी को कुल्लू घाटी से अलग करता है। यह दर्रा व्यास नदी का उद्गम स्थल भी है। गर्मी के मौसम में मनाली से केलौंग के लिए नियमित बसे भी चलती हैं।

सोलंग घाटी

कोठी मार्ग पर रोहतांग के समीप स्थित यह घाटी बर्फ से ढके पहाड़ों तथा अद्भुत ग्लेशियरों के लिए प्रसिद्ध है। इस घाटी में स्कीइंग के लिए अच्छी ढलाने हैं। यह घाटी मनाली से लगभग 13 किलोमीटर दूर है।

राहला फाल

यह झरना कोठी से 6 किलोमीटर दूर है। समुद्र-तल से इसकी ऊंचाई 2,509 मीटर है। यह झरना सैलानियों को बरबस ही आकर्षित करता है।

व्यास कुंड

यह हिमाचल प्रदेश की प्रमुख नदी व्यास का उद्गम स्थल है। कहा जाता है कि यहां महर्षि व्यास ने तपस्या की थी, जिसके बाद यहां का नाम व्यास पड़ा।

मनाली कैसे जाएं?

मनाली कुल्लू से मात्र 40 किलोमीटर दूर है। यह दूरी स्थानीय बसों और टैक्सी द्वारा तय की जा सकती है।

 

 

 

 

 

 


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