चेन्नई की निशा रामासामी ने बेटी की खातिर बनाना शुरू किये थे डेवलपमेंटल खिलौने आज उनका व्यवसाय बन गया   

चेन्नई की निशा रामासामी ने बेटी की खातिर बनाना शुरू किये थे डेवलपमेंटल खिलौने आज उनका व्यवसाय बन गया   

Nisha Ramasamy of Chennai started making toys for her daughter’s developmental toys became her business today

माँ आखिर माँ होती है| वह अपने बच्चों की खुशहाली के लिए कुछ भी करने को तैयार रहती है| ऐसा कुछ हुआ 2016 में निशा रामासामी के साथ| उनकी तीन महीने की बेटी को स्किन से जुड़ी समस्या एटोपिक डर्मेटाइटिस हुई जिसमें त्वचा लाल हो जाती है और उस पर खुजली होती है। इस बीमारी का कारण पता किया तो लगा कि इस बच्ची को प्लास्टिक के खिलौनों से एलर्जी है।


चेन्नई में रहने वाली निशा एक मॉन्टेसरी टीचर हैं। जब उसने अपनी बेटी को घुटनों के बल इधर-उधर चलते और कई चीजों के साथ खेलते हुए देखा तो उसे ये लगा कि क्यों न कुछ ऐसे खिलौने बनाए जाए जिससे बेटी को स्किन एलर्जी होने का डर न रहे। अपनी इसी सोच के साथ निशा ने कारपेंटर की मदद से लकड़ी के खिलौने बनाए।

अरिरो वुडन टॉयज की पूरी टीम के साथ निशा।
मार्केट में न्यू बोर्न से लेकर तीन साल तक के बच्चों के लिए मिलने वाले खिलौनों की संख्या काफी कम है।  निशा का मानना है  - ''यही वो उम्र होती है जब एक शिशु का विकास होता है और वो बोलना और चलना सीखता है। इसलिए इस उम्र के बच्चों का खास ध्यान रखा जाना चाहिए''। 

इस उम्र के बच्चों को कोई भी इन्फेक्शन बहुत जल्दी होता है| बच्चे हर खिलोने को मुह में डालते हैं| जिससे उन्हें बीमार होने का ज्यादा डर लगा रहता है|  तब निशा ने नीम की लकड़ी से शिशु के लिए टीथर और रेटल्स बनाना शुरू किया। निशा के अधिकांश मिलने-जुलने वाले लोग भी पैरेंट्स हैं। उन्हें निशा का ये क्रिएशन बहुत पसंद आया। उन्होंने अपने बच्चों के लिए भी निशा को इसी तरह के खिलौने बनाने के ऑर्डर दिए। यहीं से निशा के फाउंडेशन 'अरिरो वुडन टॉयज' की शुरुआत हुई। निशा ने पति वसंत के साथ मिलकर 2018 में इसे शुरू किया।

निशा द्वारा डिजाइन किए खिलौने बनाते कारीगर।अपने स्टार्ट अप को आगे बढ़ाने के लिए उन्होंने बहुत साडी जगह से जानकारी ली | इसके लिए वह  स्वीडन, इंडोनेशिया और चीन की यात्रा भी करी और वहां बनने वाले खिलौनों के बारे में जाना। इन्होंने ये भी जाना कि इन खिलौनों पर किस तरह का पेंट होता है और इन्हें स्टोर करके अधिक समय तक कैसे रखा जाता है।

शिशुओं के लिए निशा ने कुछ इस तरह के टीथर डिजाइन किए हैं।
इन सब जगह से जानकारी लेने के बाद उन्होंने लोकल कारीगरों को खिलौने बनाने से जुड़ी कई बारीकियों को सीखाया। अपने स्टार्ट अप के जरिये निशा नौनिहालों के लिए पजल्स, रेटल्स, टीथर्स, स्लाइडर्स, स्टेप स्टूल और इंडोर जिम एसेसरीज डिजाइन करती हैं। उनके बनाए प्रोडक्ट्स अमेजन और फ्लिपकार्ट सहित 20 प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं। फिलहाल निशा के इस स्टार्ट अप से 200 कारीगरों को रोजगार मिल रहा है। इन खिलोनों से अब बहुत से पेरेंट्स खुश है|


हमारे बारे में

न्‍यूज़ पुराण (PURAN MEDIA GROUP)एक कोशिश है सत्‍य को तथ्‍य के साथ रखने की | आपके जीवन में ज्ञान ,विज्ञान, प्रेरणा , धर्म और आध्‍यात्‍म के प्रकाश के विस्‍तार की |
News Puran is a humble attempt to present the truth with facts. To spread the light of knowledge, promote scientific temper, inspiration, religion and spirituality in your life.


संपर्क करें

0755-3550446 / 9685590481



न्‍यूज़ पुराण



समाचार पत्रिका


श्रेणियाँ