म.प्र.वन विभाग: नियम विरुद्ध तबादले करने पर 2 सीसीएफ सहित 5 आईएफएस को नोटिस- गणेश पाण्डेय

म.प्र.वन विभाग: नियम विरुद्ध तबादले करने पर 2 सीसीएफ सहित 5 आईएफएस को नोटिस- गणेश पाण्डेय

गणेश पाण्डेय

GANESH PANDEY 2भोपाल. वन विभाग में जंगलराज चल रहा है. कोई किसी की नहीं सुन रहा है. नियम कायदे कानून को धता बताकर सब मनमानी करने पर तुले हैं. हाल ही में वन वन प्रमुख डॉ राजेश श्रीवास्तव ने नियम विरुद्ध तबादले करने पर दो मुख्य वन संरक्षक और तीन डीएफओ को कारण बताओ नोटिस जारी किया है. दो सीसीएफ वन मंत्री विजय शाह के करीबी बताए जा रहे हैं.

वन बल प्रमुख राजेश श्रीवास्तव ने बैतूल सर्किल के प्रभारी सीसीएफ एवं एपीसीसीएफ मोहन मीणा, मुख्य वन संरक्षक (सामाजिक वानिकी), पश्चिम बैतूल डीएफओ मयंक चंडीवाल, उत्तर बैतूल डीएफओ पुनीत गोयल और दक्षिण बैतूल डीएफओ प्रभुदास गेब्रियाल को नियम विरुद्ध तबादला करने के लिए कसूरवार मानते हुए कारण बताओ नोटिस जारी किया है. सभी आईएफएस अफसरों को जवाब देने के लिए 15 दिन का समय दिया है. दिलचस्प पहलू यह है कि इन अफसरों का जवाब मिलने से पहले ही वन बल प्रमुख राजेश श्रीवास्तव सेवानिवृत्त हो जाएंगे. नए वन बल प्रमुख इन अफसरों को अभय दान देते हैं अथवा कार्रवाई करेंगे, यह उनके विवेक पर निर्भर करता है.

mp forest department

किसने- कितने अधिकारियों को किए तबादले 
वन बल प्रमुख द्वारा दिए गए नोटिस में साफ तौर पर लिखा है कि प्रभारी मुख्य वन संरक्षक एवं अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक मोहन मीणा ने 6 अक्टूबर 20 से अब तक 57 कर्मचारियों के स्थानांतरण किए हैं. यहां यह भी उल्लेखनीय है कि मोहन मीणा द्वारा किए गए तबादले को लेकर विधानसभा प्रश्नोत्तरी में विभाग द्वारा 72 कर्मचारियों की कार्य आवंटन और पदस्थिति बदले जाने की पुष्टि की गई थी. नोटिस में कहा गया है कि प्रभारी मंत्री के अनुमोदन के बिना ही तबादले किए गए. इसी प्रकार मुख्य वन संरक्षक (सामाजिक वानिकी) अनिल सिंह ने 7 दिसंबर 20 से अब तक 10 कर्मचारियों के तबादले नियम विरुद्ध किए हैं. उत्तर बैतूल डीएफओ पुनीत गोयल ने 1 अगस्त 19 से अब तक 21 कर्मचारियो के स्थानांतरण किए हैं. दक्षिण बैतूल डीएफओ प्रभूदास गेब्रियल ने 4 फरवरी 20 से अब तक 13 कर्मचारियों को इधर-उधर किया है. पश्चिम बैतूल डीएफओ मयंक चांडीवाल ने 4 फरवरी 20 से अब तक 1 दर्जन से अधिक कर्मचारियों के कार्यों में फेरबदल स्थानांतरण नीति के विरुद्ध किया है.

नियम विरुद्ध तबादले की सजा भुगत रहे हैं रावत
अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (समन्वय) एलएस रावत जब छतरपुर में मुख्य वन संरक्षक के पद पर पदस्थ थे तब उन्होंने भी स्थानांतरण नीति के विरुद्ध स्थानांतरण किए थे. स्थानांतरण नीति का उल्लंघन करने पर रावत के खिलाफ लोकायुक्त में प्रकरण दर्ज है और वह प्रधान मुख्य वन संरक्षक के पद पर प्रमोट होने से वंचित हो गए हैं. उनका मामला भारत सरकार को भेज दिया गया है. कमोवेश ऐसे ही कृत्य प्रभारी मुख्य वन संरक्षक बैतूल मोहन मीणा, मुख्य वन संरक्षक सामाजिक वानिकी अनिल सिंह सहित 5 आईएफएस अधिकारियों ने किए हैं. सवाल उठता है क्या इनके खिलाफ भी लोकायुक्त में प्रकरण दर्ज किए जाएंगे.? दिलचस्प पहलू यह है कि वन बल प्रमुख राजेश श्रीवास्तव ने अफसरों को नोटिस तब दिए जब उनकी सेवा के दिनो का काउंटडाउन शुरू हो गया है.

मुझे नोटिस नहीं मिला है
उत्तर बैतूल के डीएफओ पुनीत गोयल ने कहा है कि 'मुझे अभी तक नोटिस नहीं मिला है. मैंने स्थानांतरण नीति के विरुद्ध कोई तबादले नहीं किए हैं.' जबकि मयंक चांडीवाल बताते हैं कि 'विधिवत रूप से नोटिस की कॉपी नहीं मिली है. मैंने तबादले सीसीएफ के आदेश के परिपालन में वनरक्षकों के किए थे. कुछ कर्मचारियों की जरूर कार्य आवंटन किए थे. तब प्रभारी मंत्री नहीं बनाए गए थे. कार्यों की आवश्यकता को देखते हुए यह कदम उठाए थे.'

Priyam Mishra



हमारे बारे में

न्‍यूज़ पुराण (PURAN MEDIA GROUP)एक कोशिश है सत्‍य को तथ्‍य के साथ रखने की | आपके जीवन में ज्ञान ,विज्ञान, प्रेरणा , धर्म और आध्‍यात्‍म के प्रकाश के विस्‍तार की |
News Puran is a humble attempt to present the truth with facts. To spread the light of knowledge, promote scientific temper, inspiration, religion and spirituality in your life.


संपर्क करें

0755-3550446 / 9685590481



न्‍यूज़ पुराण



समाचार पत्रिका


श्रेणियाँ