प्रदेश में पैट्रोल-डीजल से संचालित दस साल पुराने ऑटो-रिक्शा को परमिट नहीं दिया जायेगा: डॉ. नवीन जोशी

प्रदेश में पैट्रोल-डीजल से संचालित दस साल पुराने ऑटो-रिक्शा को परमिट नहीं दिया जायेगा

डॉ. नवीन जोशी
भोपाल। शिवराज सरकार प्रदेश में नया प्रावधान करने जा रही है जिसके तहत पैट्रोल-डीजल से चलने वाले दस साल पुराने ऑटो-रिक्शा को परमिट नहीं दिया जायेगा। इसके लिये परिवहन विभाग के माध्यम से ऑटो-रिक्शा विनियमन योजना 2021 जारी की गई है जिन्हें शीध्र प्रभावशील कर दिया जायेगा। यह कवायद जबलपुर हाईकोर्ट द्वारा वर्ष 2013 में दिये तत्सम्बधी निर्णय एवं पर्यावरण को दृष्टिगत की जा रही है।

उक्त नवीन योजना में दस साल पुराने पेट्रोल-डीजल ऑटो-रिक्शा के लिये यही सुविधा दी गई है कि वे सीएनजी यानि कम्पे्रस्ड नेचुरल गैस में परिवर्तित कर दिये जाते हैं तो उन्हें परमिट प्रदान कर दिया जायेगा।

Auto-Rickshaw

नहीं लगा पायेंगे म्युजिक सिस्टम :

नई योजना में कहा गया है कि ऑटो रिक्शा में म्युजिक सिस्टम नहीं लगाया जा सकेगा और न ही चालक धुम्रपान या अन्य नशा करते हुये वाहन चला पायेगा। प्रत्ये ऑटो रिक्शा में व्हीकल ट्रेकिंग डिवाईस यानि वीटीडी लगाना जरुरी होगा जिससे परिवहन विभाग के सेन्ट्रल सर्वर से उसका इन्टीग्रेशन हो सके। चालक को निर्धारित ड्रेस भी पहनना होगी। ये ऑटो रिक्शा चार कलर के होंगे। एक, ऊपरी भाग पीला तथा नीचला भाग काला। दो, ऊपरी भाग लाल और नीचला भाग काला। तीन, ऊपरी भाग हरा एवं नीचला भाग काला। चार, ऊपरी भाग नीला एवं नीचला भाग काला। इससे यह पता चल सकेगा कि किये नगरीय क्षेत्र में, किसे ग्रामीण क्षेत्र में, किसे नगरीय निकाय सीमा के बाहरी क्षेत्र आदि में परमिट दिया गया है। ऑटो रिक्शा में पीछे तीन ही सवारी बैठाई जा सकेगी। इससे ज्यादा सवारी बैठाने पर वाहन चालक के साथ-साथ उसके स्वमी पर भी अधिकतम एक हजार रुपये जुर्माना लगाया जा सकेगा।

ई-रिक्शा व कार्ट को बढ़ावा :

उक्त नई योजना में माल ढोने वाले ई-कार्ट एवं सवारी ढोने वाले ई-रिक्शा को बढ़ावा दिया गया है। तीन पहिया वाले इन इलेक्ट्रिक वाहनों पर परमिट के शुल्क से पूर्णतया छूट है। लेकिन ये 4 हजार वाट से अधिक के नहीं हो सकेंगे। हालांकि ई-वाहनों की सबसे बड़ी समस्या यह है कि उनकी बैटरी बहुत जल्दी खत्म हो जाती है तथा बैटरी की लागत ई-वाहन की लागत का 70 प्रतिशत तक रहती है।

विभागीय अधिकारी ने बताया कि हाईकोर्ट के आदेश पर ऑटो-रिक्शा विनियमन योजना 2021 जारी की गई है। इसमें इनकी संख्या एवं रुट अलग से निर्धारित किये जायेंगे तथा पैट्रोल-डीजल से संचालित ऑटो रिक्शा को विनिर्माण की तिथि से दस साल तक ही परमिट दिया जायेगा।

जलसंसाधन विभाग में ठेकेदारों को अनियमितत भुगतान पर जांच कमेटी बनी

भोपाल। राज्य शासन ने जलसंसाधन विभाग के अंतर्गत निर्माणाधीन सिंचाई परियोजनाओं में सामग्री के विरुध्द किये गये भुगतान की अनियमितताओं की जांच हेतु अपर मुख्य सचिव जल संसाधन एसएन मिश्रा की अध्यक्षता में जांच कमेटी का गठन किया है। इस कमेटी में मुख्य अभियंता बोधी जल संसाधन भोपाल तथा अधीक्षण यंत्री प्रशासन जल संसाधन भोपाल सदस्य नियुक्त किये गये हैं। कमेटी दो माह में अपना जांच प्रतिवेदन शासन को प्रस्तुत करेगी।


Priyam Mishra



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