भगवान श्री राम और माता सीता की कुलदेवी की पूजा के साथ शुरू हुआ मंदिर निर्माण अनुष्ठान का शुभारंभ

भगवान श्री राम और माता सीता की कुलदेवी की पूजा के साथ शुरू हुआ मंदिर निर्माण अनुष्ठान का शुभारंभ

अयोध्या (Ayodhya) में आज से राम मंदिर का भूमि पूजन शुरू हो गया है। माता सीता की कुलदेवी हर छोटी देवकाली और भगवान राम की कुलदेवी बड़ी देवकाली की पूजा कर अनुष्ठान का शुभारंभ किया गया। अयोध्या (Ayodhya) में स्थित दोनों धर्म स्थलों पर राम मंदिर ट्रस्ट के सदस्य राजा विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र ने यजमान की राम मंदिर भूमि का पूजन शुरू किया।
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पूजन के साथ ही राम जन्मभूमि में भी विभिन्न धार्मिक आयोजनों की शुरुआत हो गई है। राम नगरी अयोध्या (Ayodhya) में स्थित छोटी देवकाली मंदिर सप्त सागर के पूर्वी भाग में स्थित है। नवरात्रि में इनका पूजन-अर्चन का विधान है। 

विवाह के बाद भगवान श्री राम के साथ अयोध्या (Ayodhya) आई सीता ने अपने कुलदेवी की पूजित प्रतिमा भी साथ लेकर आई थीं। माना जाता है कि प्रतिदिन कुलदेवी की पूजा आराधना के लिए उन्होंने प्रतिमा की स्थापना इसी स्थल पर की थी।
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सैकड़ों सालों से अयोध्या (Ayodhya) वासी और श्रद्धालु छोटी देवकाली स्थल को माता सीता से पूजित प्रतिमा मानकर पूजन अर्चन करते हैं। इसी तरह से अयोध्या (Ayodhya) के बेनीगंज में स्थित बड़ी देवकाली को भगवान राम की कुलदेवी कहा जाता है। सूर्यवंशी महाराजा सुदर्शन द्वारा इसे द्वापर युग में स्थापित किया माना जाता है। इन्हें शीतला देवी के नाम से भी जाना जाता है। मंदिर में मां काली, लक्ष्मी और माता सरस्वती के विग्रह स्थापित हैं।

गणेश पूजन के बाद 4 अगस्त को राम अर्चना होगा। हनुमान (Hanuman Ji) गढ़ी में सुबह 8 बजे हनुमान (Hanuman Ji) पूजन और निशान का पूजन होगा। हनुमान (Hanuman Ji) जी महाराज वर्तमान अयोध्या (Ayodhya) के अधिष्ठता है इसलिए सबसे पहले हनुमान (Hanuman Ji) जी की पूजा की जाती है। निशान पूजा अखाड़ों के निशान की पूजा होती है। उनकी पूजा का भी उतना ही महत्व होता है जितना हनुमान (Hanuman Ji) जी के निशान की पूजा का महत्व है। निर्वाणी अखाड़े के ईष्ट देव हनुमान (Hanuman Ji) जी है और उनके यह निशान हैं, इसलिए 4 अगस्त को निशान और हनुमान (Hanuman Ji) दोनों की पूजा होगी।

5 अगस्त को 9 ब्राह्मण पूजन करवाएंगे। इस दौरान सभी 21 ब्राह्मण शामिल रहेंगे। ब्राह्मण की देखरेख में पूजन होगा। भूमि पूजन में संकल्प लिया जाता है। पूजा किस उद्देश्य से की जा रही है, यह संकल्प में बताया जाता है। PM Modi पूजा करेंगे तो वह संकल्प भी लेंगे। समाज कल्याण के लिए, विश्व के मंगल के लिए और रामंदिर के निर्माण लिए,  दुनिया में राम की मर्यादाओं की स्थापना के लिए भी पूजा में संकल्प लिया जाएगा। 5 अगस्त का भूमि पूजन का कार्यक्रम करीब 40 मिनट का होगा।

पूजन में कुल 21 ब्राह्मण शामिल होंगे। ये ब्राह्मण अलग-अलग पूजा-विधियों के ज्ञाता माने जाते हैं। भूमि पूजन प्रांगण में पूजा-अर्चना लगातार चल रही है। 4 अगस्त को भूमि पूजन प्रांगण में पूजन के 108 दिन पूरे हो जाएंगे और 5 अगस्त को 109 वां दिन होगा। इस दौरान प्रतिदिन वहां वेदपाठ हो रहा है।

विष्णु और लक्ष्मी जी का पूजन हो रहा है। विष्णु सहस्त्र नाम, राम रक्षा और अघोर मंत्र हो रहा है। अघोर मंत्र यानी शंकर जी की आराधना कर उनके प्रसन्न करने के मंत्रों का जाप होता है। हर दिन वास्तुशास्त्र की दृष्टि से, ग्रह और नक्षत्र की दृष्टि से पूजन हो रहा है और हवन भी हो रहा है।

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