अपनी खुंदक निकालने के लिए प्रमुख सचिव ने किया सीएम को गुमराह, पूर्व आईएएस ने video जारी कर अशोक वर्णवाल पर लगाया आरोप

अपनी खुंदक निकालने के लिए प्रमुख सचिव ने किया सीएम को गुमराह

पूर्व आईएएस ने लगाया अशोक वर्णवाल पर आरोप

वर्णवाल ने कहा “मुझे नहीं पता ना ही मैं परवाह करता हूं”

GANESH PANDEY

ganesh pandey
भोपाल. सेवानिवृत्ति के डेढ़ साल बाद आईएएस आरबी प्रजापति ने यूट्यूब पर एक वीडियो वायरल कर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को वीडियो कांफ्रेंसिंग के समय मंत्रालय में बैठे अपर मुख्य सचिव एवं प्रमुख सचिव किस तरीके से गुमराह करते हैं उसका कथित तौर से खुलासा किया है. इस यूट्यूब वीडियो में प्रजापति ने अपनी पीड़ा को व्यक्त करते हुए प्रमुख सचिव अशोक वर्णवाल पर आरोप लगाया है. तब वर्णवाल खाद्य विभाग के प्रमुख सचिव हुआ करते थे. वर्णवाल द्वारा मुख्यमंत्री शिवराज चौहान को 18 सितंबर 2015 को हुई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में गलत जानकारी दिए जाने पर प्रजापति को न केवल फटकार लगी, बल्कि उन्हें अशोकनगर की कलेक्टरी से भी हटा दिया गया था.

यूट्यूब वीडियो में प्रजापति ने ऐसी घटना का उल्लेख करते हुए इस बात का आरोप लगाया है कि प्रमुख सचिव अशोक वर्णवाल ने क्यों उनके खिलाफ मुख्यमंत्री के कान भरे थे. प्रजापति कह रहे हैं कि जब अशोक वर्णवाल 1998 में गुना कलेक्टर थे, तब उन्होंने एक पेट्रोल पंप की एनओसी जारी करते समय बहुत बड़ी गलती हो गई थी. तत्कालीन कलेक्टर वर्णवाल ने गलत ढंग से भूमि पर पेट्रोल पंप के लिए एनओसी जारी की थी, उसका डायवर्सन आवासीय कार्य के लिए था. जब मैं कलेक्टर बनकर अशोकनगर आया. तब मैंने ही पेट्रोल पंप के लिए गलत ढंग से दिए गए एनओसी की गड़बड़ी का खुलासा किया था.

क्या है पूरा मामला

यूट्यूब में सेवानिवृत्त आईएएस प्रजापत ने खुलासा किया है कि अशोकनगर तहसील के खसरा नंबर 68 की 4 हजार फिट जमीन का डायवर्सन आवासीय परपज के लिए था. भूस्वामी अजीत सिंह ने 7 सितंबर 99 को इंडियन ऑयल के साथ समझौता कर लिया और आवासीय जमीन इंडियन आयल को भेज दिया. पेट्रोल पंप स्थापित करने के लिए इंडियन आयल ने तत्कालीन कलेक्टर अशोक वर्णवाल के समक्ष एनओसी के लिए आवेदन दिया. आवेदन की बिना जांच-पड़ताल के ही तत्कालीन कलेक्टर ने 22 नवंबर 98 निकाला कि यह भूमि डायवर्टेड है. इस बात का उल्लेख नहीं था कि यह भूमि किस कार्य के लिए डायवर्ट किया गया है. यानी तत्कालीन कलेक्टर वर्णवाल ने गलत ढंग से इंडियन ऑयल कंपनी को एनओसी भी दे दी. इंडियन आयल कंपनी ने डीलरशिप देने के लिए एनओसी के लिए आवेदन दिया. मैंने जब पड़ताल की तब खुलासा हुआ कि आवासीय भूमि को कमर्शियल किए बिना ही पेट्रोल पंप लगाने के लिए एनओसी दे दी गई. प्रजापति कहते हैं कि मैंने पूर्व कलेक्टर की गलती को सुधारते हुए इंडियन ऑयल कंपनी और डीलरशिप एजेंसी को नोटिस जारी किया कि 14 सालों का डायवर्सन राशि जमा नहीं किया गया था. इसी बात को लेकर प्रमुख सचिव अशोक वर्णवाल ने अपनी खुंदक मुख्यमंत्री के वीडियो कांफ्रेंसिंग में निकाल ली. प्रजापति कहते हैं कि मुख्यमंत्री चौहान को जिन तीन राशन दुकान संचालकों के खिलाफ एफ आईआर नहीं कराने की शिकायत की थी, 2 महीने पहले ही मेरे द्वारा कराई जा चुकी थी और उनसे दुकान संचालन का अधिकार भी छीन लिया गया था.

किन-किन पदों पर रह चुके हैं प्रजापति


शहडोल में कमिश्‍नर पद से सेवानिवृत्त हुए. लगभग 10 साल तक चंबल संभाग में प्रशासनिक अधिकारी के तौर पर काम कर चुके. प्रजापति चार जिलों में एसडीएम, पांच जिलों में एडिशनल कलेक्टर और तीन जिलों में जिला पंचायत सीईओ रह चुके हैं. वे शिवपुरी में ढाई साल तक अतिरिक्त कलेक्टर के रूप में पदस्थ रहे हैं.

इधर अशोक वर्णवाल ने इस सम्बन्ध में सिर्फ इतना कहा कि “मुझे नहीं पता ना ही मैं परवाह करता हूं”

EDITOR DESK



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