दो साल पहले बनी एग्रीकल्चर एक्सपोर्ट पालिसी का क्रियान्वयन करने, अब तीन समितियां का हुआ गठन.. डॉ. नवीन जोशी


स्टोरी हाइलाइट्स

भोपाल: राज्य सरकार ने दो साल पहले घोषित केन्द्र सरकार की एग्रीकल्चर एक्सपोर्ट पालिसी का क्रियान्वयन करने....

दो साल पहले बनी एग्रीकल्चर एक्सपोर्ट पालिसी का क्रियान्वयन करने, अब तीन समितियां का हुआ गठन.. डॉ. नवीन जोशी   भोपाल: राज्य सरकार ने दो साल पहले घोषित केन्द्र सरकार की एग्रीकल्चर एक्सपोर्ट पालिसी का क्रियान्वयन करने के लिये अब तीन समितियों का गठन किया है। पहली समिति शासन स्तर पर बनाई गई है जिसे कार्यकारी समिति नाम दिया गया है तथा इसके अध्यक्ष अपर मुख्य सचिव कृषि विभाग बनाये गये हैं। यही समिति वास्तमविक रुप से उक्त पालिसी का क्रियान्वयन करेगी और राज्य एवं केंद्र के अन्य विभागों के साथ समन्वय स्थापित करेगी। दूसरी निगरानी समिति है जो संभाग स्तर पर बनाई गई हैं और इसके अध्यक्ष संबंधित संभागायुक्त बनाये गये हैं।   यह समिति अपने संभाग के जिलों में उक्त पालिसी के क्रियान्वयन की सतत निगरानी करते हुये प्रगति की रिपोर्ट कार्यकारी समिति को उपलब्ध करायेगी। तीसरी क्लस्टर सुविधा समिति है जो जिला स्तर पर होगी तथा संबंधित जिले के कलेक्टर इसके अध्यक्ष बनाये गये हैं। यह समिति पालिसी को जमीन पर मूर्त रुप देगी। वह निर्यात योग्य कृषि उत्पाद अनुसार, कल्स्टर विकास हेतु ग्राम, विकासखण्ड, उत्पादन क्षेत्र का चयन करेगी।       कृषकों का एफपीओ/एफपीसी का पंजीयन करेगी और उन्हें एपीडा से जोड़ेगी। क्लस्टर में आवश्यक अधोसंरचना का विकास करेगी। निर्यातकों को आकर्षित करने हेतु आवश्यक सुविधायें उपलब्ध करायेगी। ये तीनों समितियां राज्य कृषि मण्डी बोर्ड के एमडी के प्रस्ताव पर बनाई गई हैं क्योंकि वह इस नीति के क्रियान्वयन के लिये नोडल अधिकारी है।