केंद्रीय मंत्री मीनाक्षी लेखी ने लगाया गंभीर आरोप कहा- वे किसान नहीं मवाली हैं, टिकैत बोले- मवाली किसान नहीं..

केंद्रीय मंत्री मीनाक्षी लेखी ने लगाया गंभीर आरोप कहा- वे किसान नहीं मवाली हैं, टिकैत बोले- मवाली किसान नहीं..
नई दिल्ली: कृषि कानूनों के खिलाफ जारी किसान आंदोलन का नया चरण गुरुवार से शुरू हो गया है. दिल्ली के जंतर-मंतर पर किसान प्रदर्शनकारियों ने किसान संसद का उद्घाटन किया. किसान संगठनों के अनुसार, जब तक संसद का मानसून सत्र जारी रहेगा, वे हर दिन ऐसी किसान संसद का आयोजन करेंगे. सिंधु, टिकरी और गाजीपुर सीमा से बसों में गुरुवार सुबह किसानों की भीड़ जंतर-मंतर पहुंची. दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पर सिर्फ 200 किसानों को प्रदर्शन की इजाजत दी है. किसान सुबह 11:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक वहां प्रदर्शन कर सकेंगे.

किसान आन्दोलन जंतर मंतर

किसान नेता मंजीत सिंह राय ने जानकारी देते हुए कहा था कि, सिर्फ 200 किसान संसद के आगे कृषि क़ानूनों के ख़िलाफ़ प्रदर्शन के लिए जाएंगे.  जंतर मंतर पर हमारी बसें रुकेंगी वहां से हम पैदल जाएंगे. जहां पर भी हमें पुलिस रोकेगी वहीं पर हम अपनी संसद लगाएंगे. जिन किसानों के आईकार्ड बन गए हैं वे सबसे पहले जाएंगे. साथ ही उन्होंने केंद्र पर आरोंप लगते हुए कहा कि, पुलिस जानबूझकर हमें यहां वह घुमा रही है. पुलिस हमारा समय बर्बाद कर रही हैं. हमारा रूट पहले से ही फ़िक्स था.हमे बसों के जरिए सिंघु बॉर्डर से जंतर मंतर जाना था फिर उतरकर पार्लियामेंट जाना था लेकिन अब पुलिस कह रही है कि मुख्य रास्तों से नहीं बल्कि कॉलोनी से जाए. साथ ही सरकार ने भारी मात्रा में पुलिस बल भी लगाया.

साथ ही अखिल भारतीय किसान सभा के महासचिव हन्नान मोल्लाह ने 'किसान संसद' से प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कहा कि, अब किसानों की बात संसद नहीं मान रही है इसलिए हमने सभी सांसदों को चिट्ठी लिखी है कि आप हमारे वोट से जीते हैं तो ऐसा करें कि हम वोट देते समय आपकों याद रखें. अगर आप ईमानदार हैं तो हमारा सवाल उठाएं. आज हम 'किसान संसद' के साथ यहाँ आए है. उन्होंने आगे कहा कि, यह 13 अगस्त तक लगातार चलेगा. रोज 200 किसान सिंघु बॉर्डर से पार्लियामेंट आएंगे और यहाँ पर 'किसान संसद' के रूप में किसानों के मुद्दे पर बातचीत होगी। आज 'किसान संसद' में सबसे पहले APMC कानून पर चर्चा हुई. इसके बाद हम कानून को किसान संसद में खारिज करेंगे और संसद से अपील करेंगे कि 'किसान संसद' की बात मानकर कानून खारिज करे. हन्नान मोल्लाह ने आगे कहा कि, देश की सरकार किसान विरोधी सरकार के रूप में काम कर रही है. क्योंकि देश में किसानों को प्रदर्शन करते 8 महीने से ज्यादा हो गए हैं लेकिन सरकार के पास उनसे बात करने का भी समय नहीं है. आज हमने संसद के सदस्यों को कहा है कि वह इस विषय पर दबाव डाले ताकि सरकार किसानों से जल्द बात करें. 

आज इस मुद्दे पर शिरोमणि अकाली दल की नेता हरसिमरत कौर बादल ने भी सरकार पर आरोप लगते हुए कहा कि, यह केंद्र सरकार सिर्फ और सिर्फ किसान विरोधी है. देश का किसान पिछले 8 महीनों से विरोध प्रदर्शन कर रहा हैं. सरकार कहती है कि किसान हमसे बात करें लेकिन शर्तें यह है कि क़ानून वापस नहीं होंगे. जब सरकार खुद ही कृषि क़ानून वापस नहीं चाहती है तो किसान आपसे क्या बात करेंगे.

आज एक बार फिर केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने खुले मन से किसानों के साथ चर्चा करने की बात कहते हुए कहा कि, हमने किसानों से नए कृषि क़ानूनों के संदर्भ में बात की है. किसानों को कृषि क़ानूनों के जिस भी प्रावधान मे आपत्ति हैं वे हमें बताए, केंद्र सरकार आज भी खुले मन से किसानों के साथ चर्चा करने के लिए तैयार है और हमेशा रहेंगी. 
 


केंद्र सरकार में मंत्री  मीनाक्षी लेखी ने कृषि क़ानूनों के विरोध में प्रदर्शन कर रहे किसान संगठनों पर गंभीर आरोप लगते हुए कहा कि, वे किसान नहीं मवाली हैं. सभी कों इसका संज्ञान भी लेना चाहिए, क्योंकि ये आपराधिक गतिविधियां हैं, जो कुछ 26 जनवरी को हमने देखा वो भी शर्मनाक था, वह सभी आपराधिक गतिविधियां थी. विपक्ष पर आरोप लगाते हुए कहा कि, विपक्ष ऐसी चीजों को बढ़ावा दे रहा है.

किसान नेता राकेश टिकैत ने केंद्रीय मंत्री मीनाक्षी लेखी के बयान पर आपत्ति जताते हुए कहा कि, मवाली किसान नहीं हैं, किसान के बारे में ऐसी बात नहीं कहनी चाहिए.किसान देश का अन्नदाता है. हमारा शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन करने का ये भी एक तरीका है. जब तक संसद चलेगी हम यहां आते रहेंगे. अगर सरकार चाहेगी तो जल्द ही बातचीत शुरू हो जाएगी. साथ ही जंतर-मंतर पर पहुंचने के बाद किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि हम सदन के बहार भी आवाज उठाएंगे और सदन के अंदर भी विपक्ष को अपनी आवाज उठानी चाहिए. 


यह भी जानें: राकेश टिकैत : अगस्त से यूपी के हर जिले में शुरू होगा आंदोलन, जल्द होगी आंदोलन की रणनीति तैयार..  

 


हमारे बारे में

न्‍यूज़ पुराण (PURAN MEDIA GROUP)एक कोशिश है सत्‍य को तथ्‍य के साथ रखने की | आपके जीवन में ज्ञान ,विज्ञान, प्रेरणा , धर्म और आध्‍यात्‍म के प्रकाश के विस्‍तार की |
News Puran is a humble attempt to present the truth with facts. To spread the light of knowledge, promote scientific temper, inspiration, religion and spirituality in your life.


संपर्क करें

0755-3550446 / 9685590481



न्‍यूज़ पुराण



समाचार पत्रिका


श्रेणियाँ