क्या करें कि बीमार न हों?

क्या करें कि बीमार न हों ..What to do to not get sick

क्या आप एक स्वस्थ वजन (18-25 का बीएमआई) बनाए रखने में सक्षम हैं, या आप सफलतापूर्वक अपना वजन कम कर रहे हैं? क्या आप रोजाना फल और सब्जियों की कम से कम 5 सर्विंग खाते हैं? क्या आप सप्ताह में 5 बार 30 मिनट या उससे अधिक व्यायाम करते हैं? नहीं तो सावधान हो जाएँ 

अच्छी सेहत के लिए ये करें 

हर दिन शारीरिक रूप से सक्रिय रहें। साबुत अनाज, दुबले प्रोटीन, सब्जियां, और फलों से भरपूर स्वस्थ आहार लें। पर्याप्त विटामिन डी और कैल्शियम प्राप्त करना सुनिश्चित करें। वजन मेंटेन रखें। अपने दिमाग को तेज करने मानसिक चुनौती दें। कई तरह के पोषक खाद्य पदार्थ खाएं|
आयुर्वेदिक उपाय

Ayurvedic-Newspuranसुबह खाली पेट 2 ग्लास हल्का गर्म पानी नींबू रस एवं एक चुटकी सोंठ मिलाकर ले ... 

दिनभर खौलाया हुआ पानी सोंठ चूर्ण डालकर ही ले, भले वो ठंडा हो या हल्का गर्म। 

सिर-कान को ढंककर (ओस से बचकर) सुबह टहलने निकले! 

आंवला स्वरस + गिलोय स्वरस का सेवन करे। vitamin C युक्त आहार का सेवन/संतरा/अनार जूस/आंवला/नींबू का प्रयोग करे। 

अणु तैल/षडबिन्दु तैल/सरसों तैल : सुबह खाली पेट 4 drops दोनो नाक में डाले ...फिर पानी में हल्दी गरम करके नींबू रस एवं सैंधा नमक एवं एक चुटकी फिटकरी डाल कुल्ला करे ... ये कुल्ला रात में सोते समय भी करे। 

सुबह पूरे शरीर में सरसो तैल/नारियल तैल लगाकर आधा घंटा धूप सेवन करे/ जिनको vitamin D की कमी रहती हो वो 1 tab. Weekly प्रयोग करे ... एक रुई (Cotton) में सरसों तैल लगाकर गुदामार्ग (Anus) पर जरुर लगाये ... खांसी होने पर 2-3 बार लगाये। 

स्नान गर्म किये हुये पानी से उबटन (पतंजलि co.) लगाकर करे! मुनक्का, तुलसी, अजवायन, हल्दी, लौंग, इलायची, दालचीनी, सोंठ, काली मिर्च इत्यादि का फांट (हल्का उबाला हुआ) पुदीन हरा डालकर 2 बार ले। 4 लौंग + 2 गोल मिर्च + एक छोटा दालचीनी + एक इलायची + शोधित हर्रे (पतंजलि)/सैंधा नमक दिन में तीन-चार बार चबाकर खाये ... ये गले में खराश का सर्वश्रेष्ठ घरेलू उपचार है।

दिन में खाना खाने से पहले मूंग, सहिजन (moringa) आदि का Vegetable Soup सोंठ पावडर मिलाकर ले।

भोजन में पुराने अन्न (यव, गेंहू) का प्रयोग करे एवं खाते समय पुराना शहद (मधु) का प्रयोग अवश्य करे। 

खाना खाने के बाद सिर्फ दिन में द्राक्षारिष्ट एवं अश्वगंधारिष्ट  2-2 चम्मच समभाग जल मिलाकर ले ... पित्त प्रकृति एवं जलन की समस्या वाले ना ले। 

सुबह-शाम पूजा के समय घर में देसी घी/पंचगव्य घृत/सरसो तैल/तिल तैल के दीया में देसी कपूर + लौंग + दालचीनी + इलायची + हल्दी का पावडर डालकर जलाये ... लौंग, दालचीनी, इलायची का तैल भी डाल सकते है|

कपड़े  पहनने से पहले उनको भी इस दीप के आस-पास रखे, बिना धुएं के ये पूरे घर को जीवाणु-विषाणु रहित करेगा।

रात में सोने से पहले 150 ml दूध में हल्दी एवं दो काली मिर्च एवं एक चुटकी सोंठ डाल गरम करे, फिर दूध पी ले ...रात में बिस्तर पर जाने से पहले अजवायन एवं पुदीन हरा युक्त पानी का भाप ले, सिर एवं कान को ढंककर सोये। खिड़की के सामने ना सोये।

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