दुनियाभर में प्लास्टिक प्रदूषण और उसको रोकने के लिए निर्देश,  देखें Photos

दुनियाभर में प्लास्टिक प्रदूषण और उसको रोकने के लिए निर्देश,  देखें Photos

पर्यावरण संकट के मामले में देखा जाये तो पूरी दुनिया आज प्लास्टिक से होने वाले प्रदूषण से परेशान है| आज के दौर में दुनिया का सबसे बड़ा पर्यावरण संकट प्लास्टिक प्रदूषण है, जो समुद्री जीवन, जन-जीवों और इंसानी आबादी पर भी असर डाल रहा है| इंसानों के खुद से फेलाया जाने वाला ये प्रदूषण एक दिन खुद मानव समाज के बर्बाद कर देगा| इसलिए प्लास्टिक को बैन करने के साथ विभिन्न स्वच्छता मुहिम के साथ, कई देश इस समस्या के समाधान के लिए कदम उठा रहे हैं| आइये देखते हैं कैसे कुछ देश इस वैश्विक संकट से निपट रहे हैं और धरती को नुकसान पहुंचा रहे प्लास्टिक प्रदूषण को कम करने की सजग कोशिश कर रहे हैं|

 

भारत

देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साल 2022 तक देशभर से सिंगल यूज प्लास्टिक को खत्म करने का लक्ष्य रखा|

स्पेन

अप्रैल 2018 में, एक व्हेल को स्पेनिश बीच पर मृत पाया गया. ऑटोप्सी से पता लगा कि व्हेल के पेट में 29 किलो प्लास्टिक था, जिसने उसके पाचन तंत्र को ब्लॉक कर दिया और उसकी मौत हो गई|

जर्मनी

प्लास्टिकयूरोप्स के मुताबिक, सभी यूरोपीय देशों की तुलना में जर्मनी में प्लास्टिक की सबसे ज्यादा मांग रहती है. उनकी 2018 की प्लास्टिक रिपोर्ट में कहा गया कि यूरोप की कुल प्लास्टिक मांग में जर्मनी का 24.6 फीसदी प्लास्टिक मांग रहती है|



इटली

प्लास्टिक प्रदूषण से निपटने के लिए, लिवोरनो के मछुआरों ने साल 2018 में Arcipelago Pulito नाम की योजना की शुरुआत की. जिसमें वो जाल में फंसी प्लास्टिक को तट पर लाकर रीसाइकल के लिए भेजते थे. एक बार में जाल फेंकने पर कुल मछलियों का 10 फीसदी प्लास्टिक कचरा पकड़ में आता था|



इंडोनेशिया

Ocean Conservancy के मुताबिक, महासागर में आधे से ज्यादा प्लास्टिक कचरा पांच देशों से आता है, जिनमें इंडोनेशिया, चीन, फिलिपिन्स, थाइलैंड और व्येतनाम शामिल है|



न्यूज़ीलैंड

जुलाई 2019 से देश में सिंगल-यूज प्लास्टिक बैग बैन कर दिए गए. पर्यावरण मंत्री ने कहा, न्यूजीलैंड वालों को अपने देश की स्वच्छता की कद्र है और वो इसके लिए मदद करना चाहते है, सिंगल यूज प्लास्टिक बैग के इस्तेमाल पर प्रतिबंध से ये मुमकिन हो पाएगा|



ग्रीस

देश के सभी स्टोर्स पर 1 जनवरी 2018 से प्लास्टिक बैग के लिए पैसा लेने की शुरुआत की गई| गौर करने वाली बात ये है कि, इस देश का महज 16 फीसदी कचरा ही रीसाइकल होता है,जो यूरोपियन यूनियन के 44 फीसदी के औसत से बेहद कम है| ये रिपोर्ट एसोसिएटेड प्रेस की एक न्यूज रिपोर्ट में प्रकाशित की गई थी|



अफगानिस्तान

22 अप्रैल 2018 को वर्ल्ड अर्थ डे के मौके पर, अफगानिस्तान ने दूसरे देशों केसाथ मिलकर हशमत खान लेक पर एंड प्लास्टिक पॉल्यूशन नाम से एक स्वच्छता कार्यक्रम की शुरुआत की|



श्रीलंका

श्रीलंका ने 1 जनवरी 2018 को CleanSeas मुहिम से जुड़ने के बाद सिंगल यूज प्लास्टिक प्रोडक्ट को बैन किया. श्नीलंका इस मुहिम का हिस्सा दिसंबर 2017 में यूएन एन्वायरमेंट असेंबली में बना, जो नाइरोबी, केन्या में आयोजित की गई थी. इस देश का लक्ष्य अपने समुद्रतट और महासागर को साल 2030 तक प्रदूषण मुक्त बनाना है|



बांग्लादेश

यह दुनिया का पहला देश था जिसने पतले प्लास्टिक बैग पर साल 2002 में प्रतिबंध लगाया था|



इंग्लैंड

सरकार ने वर्ल्ड ओशियन्स में अप्रैल 2018 और अक्टूबर 2018 में 81.5 मिलियन डॉलर की मदद का भरोसा दिया जिससे प्लास्टिक प्रदूषण से निपटा जा सके. जिसमें 250 संस्थाओं ने Ellen MacArthur Foundation’s New Plastics Economy Global Commitment पर हस्ताक्षर किए जिससे वैश्विक स्तर पर प्लास्टिक प्रदूषण से निपटा जा सके|


 

 


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