छपरा के सारण में नकली शराब से 11 लोगों की मौत हो चुकी है। मंगलवार देर रात 5 लोगों की मौत हो गई थी। वहीं सुबह अस्पताल में भर्ती 6 और लोगों ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। बताया जा रहा है, कि 6 लोगों की हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है। 

छपरा में नकली शराब से हुई मौत को लेकर बिहार विधानसभा के शीतकालीन सत्र में जमकर हंगामा हुआ। बीजेपी ने 11 लोगों की मौत के लिए नीतीश कुमार को जिम्मेदार ठहराया। सदन में विपक्ष के हंगामे से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार नाराज हो गए। गुस्से में उन्होंने बीजेपी विधायकों पर उंगली उठाई और पूछा कि क्या हुआ? ओह चुप रहो। विधानसभा में हंगामे पर सीएम नीतीश कुमार गुस्से से आग-बबूला हो गए। उन्होंने गुस्से में अपना आपा खो दिया और चिल्लाते हुए भाजपा विधायकों को चुप रहने को कहा।

हालाँकि प्रशासन की ओर से शराब से मौत की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन आसपास के लोगों का कहना है कि सभी ने शराब का सेवन किया था। इसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। मामले पर आबकारी मंत्री सुनील कुमार का अजीबोगरीब बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि अंग्रेजों के जमाने में भी जब कानून बनते थे तब भी कानून तोड़े जाते थे। अंग्रेजों ने भी कानून बनाया, लेकिन इसके बाद भी रेप और हत्याएं हो रही हैं ना? निषेध ही है। जब शराब बेची जा रही है तो पुलिस भी कार्रवाई कर रही है। शराब से मौतें दूसरे राज्यों में भी हो रही हैं।

लोगों की माने तो मरने वालों की संख्या और बढ़ सकती है। जहरीली शराब की पीने की सूचना प्रशासन को मिलते ही सदर अस्पताल छावनी में तब्दील हो गया। देर रात तक पुलिसकर्मी और प्रशासनिक अधिकारी भागते नजर आए। हालांकि वह नकली शराब के सेवन पर कुछ भी कहने से कतरा रहे थे।
इस घटना के बाद गांव में कोहराम मच गया। जिला प्रशासन व्यवस्था में हड़कंप मच गया। मढ़ौरा डीएसपी मौके पर पहुंचकर मामले की जांच कर रहे हैं। पुलिस और अन्य अधिकारी अन्य बीमार लोगों को खोजने के लिए क्षेत्र का दौरा कर रहे हैं।