उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर के पुजारी के 17 वर्षीय बेटे की अचानक मौत हो गई, बताया जा रहा है, कि उसे साइलेंट अटैक आया था। उज्जैन में शहर भर में रंग पंचमी मनाई गई। हर वर्ष की भांति इस बार भी महाकालेश्वर मंदिर की झांकी बड़ी धूमधाम से निकाली गई।
इस समारोह में महाकालेश्वर मंदिर के सहायक पुजारी मंगेश गुरु का पुत्र मयंक भी शामिल हुआ। बताया जा रहा है कि मयंक की तबीयत सुबह से ही ठीक नहीं थी। रंगपंचमी के मौके पर आयोजित ध्वज चल समारोह में मंगेश ने बनेटी घुमाकर कलाबाजी का प्रदर्शन भी किया। कलाबाजी करते हुए उन्हें घबराहट महसूस हुई। अपने साथियों के साथ मस्ती में डूबा मयंक चंद मिनट बाद ही सबको छोड़कर चला गया।
जानकारी के अनुसार मयंक के पिता मंगेश शर्मा 18 साल से भगत सिंह पार्क के सामने सिंहपुरी में रहते थे। बताया जा रहा है, कि मयंक 11वीं कक्षा का छात्र था। उनके पिता मंगेश शर्मा महाकालेश्वर मंदिर में पुजारी हैं और मयंक भी उनके साथ पूजा करते थे।
परिजनों ने बताया कि मयंक रंग पंचमी के मौके पर समारोह में शामिल होने को लेकर काफी उत्साहित था। वह शाम 5 बजे तैयार होकर दोस्तों के साथ पहुंच गया था। मयंक महाकालेश्वर मंदिर से शुरू हुए चल समारोह में शामिल थे और गुदरी चौराहे पर मयंक ने जोश के साथ अपनी बनेटी भी लहराई। इसके बाद मयंक घर लौट गया। इसके बाद उसे घवबराहट शुरु हो गई। उसने अपने परिवार वालों को इस बारे में बताया। परिजन उसे लेकर अस्पताल पहुंचे, जहां चिकित्सक ने मयंक को मृत घोषित कर दिया। बताया जा रहा है कि मयंक की मौत साइलेंट अटैक से हुई है।