मणिपुर में फायरिंग से 3 की मौत, तनाव के बीच विरोध प्रदर्शन


Image Credit : X

स्टोरी हाइलाइट्स

मुल्लम गांव के पास सुरक्षाबलों ने करीब 11:25 बजे दो शव बरामद किए। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, दोनों आर्मी प्रिंट कपड़ों में थे..!!

मणिपुर के उखरुल जिले में शुक्रवार सुबह दो अलग-अलग फायरिंग घटनाओं में तीन लोगों की मौत हो गई। मुल्लम गांव के पास सुरक्षाबलों ने करीब 11:25 बजे दो शव बरामद किए। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, दोनों आर्मी प्रिंट कपड़ों में थे।

उनके शरीर पर गोली के निशान मिले हैं। दूसरी घटना सिनाकेइथेई गांव की है, जहां 29 साल के एच. जमांग नाम के युवक को हमलावरों ने घात लगाकर मार डाला। अधिकारियों ने शव बरामद कर लिया है। कुकी संगठनों ने आरोप लगाया कि नगा मिलिटेंट्स ने सुबह करीब 5:30 बजे उनके गांवों पर हमला किया।

इसमें गांव के वॉलंटियर्स मारे गए और महिलाओं-बच्चों सहित कई लोग घायल हुए। हमलावरों ने फायरिंग के साथ कई घरों में आग भी लगा दी। हालांकि नगा संगठनों ने आरोपों को बेबुनियाद बताया है। दोनों समुदायों के बीच तनाव का माहौल है।

मेइरा पाईबी की महिलाएं सड़कों पर उतरीं

बम हमले में दो बच्चों की मौत के बाद से ममिपुर में जगह-जगह विरोध-प्रदर्शन चल रहे हैं। 18 अप्रैल से राज्य में पूर्ण बंद लागू है। आम-जनजीवन ठप है। इसी बीच मेइरा पाइबी समूह की महिलाएं सड़कों पर उतर आईं हैं।

हजारों महिलाओं का यह समूह शांति-व्यवस्था के लिए न केवल सड़कों पर प्रदर्शन कर रहा है, बल्कि सामाजिक स्तर पर लोगों को भी जोड़ रहा है। ये महिलाएं दिन में रास्ते रोक रही हैं, धरना दे रही हैं। वहां से न पुलिस निकल सकती है, न कोई और।

वहीं, रात में मशाल रैलियों से इलाकों की पहरेदारी भी कर रही हैं। एक प्रदर्शनकारी महिला ने बताया- घर संभालना, आंदोलन में जाना और रोजी-रोटी की चिंता, तीनों को साथ लेकर चलना चुनौतीपूर्ण है। इसके बावजूद यह मेरी नैतिक जिम्मेदारी है और मैं हर चीज संतुलित कर रही हूं।