राज्य के विशाल वन क्षेत्रों को आगजनी से सुरक्षित रखने के लिए वन विभाग ने इस वित्तीय वर्ष 2025-26 में 70 करोड़ रुपये व्यय करने की योजना बनाई है। पिछले वर्ष 2024-25 में इस कार्य पर ₹32 करोड़ 54 लाख का व्यय हुआ था।

वन मुख्यालय भोपाल की संरक्षण शाखा के प्रधान मुख्य वन संरक्षक (PCCF) मनोज अग्रवाल ने बताया कि वर्ष 2024 में प्रदेश के वनों में 14,787 आगजनी की घटनाएं दर्ज की गई थीं। इनमें से लगभग 1,400 से 1,800 घटनाएं प्राकृतिक कारणों जैसे बिजली गिरने या स्वमेव उत्पन्न दहन से हुईं, जबकि 12,000 से 13,000 घटनाएं मानवजनित (मेनमेड) थीं। इसके अतिरिक्त लगभग 500 प्रकरणों में फायर लाइन हटाने की घटनाएं भी सामने आईं।

वन विभाग ने आग पर शीघ्र नियंत्रण हेतु एक उपग्रह आधारित फायर अलर्ट सिस्टम विकसित किया है। यह प्रणाली उपग्रह से प्राप्त सिग्नल के माध्यम से आग लगने की सूचना तत्काल संबंधित क्षेत्रीय अधिकारियों को एसएमएस अलर्ट द्वारा भेजती है, जिससे त्वरित कार्रवाई कर नुकसान को न्यूनतम किया जा सके।