चिकित्सा विशेषज्ञों के 75 प्रतिशत पद अब पदोन्नति से भरे जायेंगे


स्टोरी हाइलाइट्स

चिकित्सा विशेषज्ञों के कुल स्वीकृत 3618 पदों में से 75 प्रतिशत पद पदोन्नति, क्रमोन्नति या चार स्तरीय वेतनमान देकर भरेगी तथा शेष 25 प्रतिशत पद सीधी भर्ती से ही भरे जायेंगे..!

भोपाल: राज्य सरकार अब चिकित्सा विशेषज्ञों के कुल स्वीकृत 3618 पदों में से 75 प्रतिशत पद पदोन्नति, क्रमोन्नति या चार स्तरीय वेतनमान देकर भरेगी तथा शेष 25 प्रतिशत पद सीधी भर्ती से ही भरे जायेंगे। इसके लिये स्वास्थ्य विभाग ने अपने पन्द्रह साल पुराने मप्र स्वास्थ्य राजपत्रित सेवा भर्ती नियम 2007 में बदलाव कर दिया है।

उल्लेखनीय है कि स्वास्थ्य विभाग में निश्चेतना विशेषज्ञ के 385, ईएनटी विशेषज्ञ के 86, मेडिकल विशेषज्ञ के 648, स्त्री रोग विशेषज्ञ के 632, नेत्र रोग विशेषज्ञ के 126, अस्थि रोग विशेषज्ञ के 228, शिशु रोग विशेषज्ञ के 516, पैथालाजिस्ट के 137, रेडियोलाजिस्ट के 98, सर्जरी विशेषज्ञ के 655, क्षय रोग विशेषज्ञ के 53 एवं दंत चिकित्सा विशेषज्ञ के 54 पद स्वीकृत हैं।

बदलाव में यह भी शामिल किया गया है कि चिकित्सा विशेषज्ञों के पदों पर कनिष्ठ श्रेणी, वरिष्ठ श्रेणी एवं प्रवर श्रेणी वेतनमान छह वर्ष की सेवा के बाद तभी स्वीकृत किया जायेगा जबकि कोई विभागीय जांच या न्यायालयीन प्रकरण लंबित न हो तथा इन तीनों वेतनमान के स्वीकृत होने पर भी कर्तव्य की प्रकृति में कोई परिवर्तन नहीं होगा एवं डाक्टर पूर्ववत आपात कर्त्तव्यों का निर्वहन करते रहेंगे।

इसके अलावा, स्वास्थ्य विभाग के अधीन कार्यरत डाक्टर/डेन्टल डाक्टर को राज्य लोक सेवा आयोग द्वारा विज्ञापित विशेषज्ञ पद हेतु विभागीय एनओसी लेने की आवश्यक्ता नहीं होगी किन्तु अन्य विभागों में पदस्थ डाक्टरों को उनके विभागाध्क्ष कार्यालय की एनओसी लेना होगी।