केंद्र सरकार ने संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से बनाई गई पांच सदस्यीय कमेटी को उनकी लंबित मांगों को लेकर एक लिखित प्रस्ताव भेजा है, जिसमें सरकार की तरफ़ से कहा गया है कि पहले आंदोलन वापसी का ऐलान किया जाए उसके बाद मुकदमे वापस होंगे, एमएसपी को लेकर कमेटी बनाई जाएगी और सभी कों मुआवज़ा दिया जाएगा.
Govt's proposal says after we end the movement, then only will they withdraw cases (against farmers)... We're apprehensive about it..Govt should immediately begin with the (cases' withdrawal) procedure. Final decision to be taken at tomorrow's meeting at 2 pm:Samyukt Kisan Morcha pic.twitter.com/dWbrDHnVNn
— ANI (@ANI) December 7, 2021
सिंघु बॉर्डर पर सरकार के इस प्रस्ताव पर दो घंटे से ज्यादा समय तक चली संयुक्त किसान मोर्चा की बैठक में गहन चर्चा हुई. हालांकि सूत्रों का कहना है कि केंद्र के प्रस्ताव पर किसान नेताओं की राय अलग - अलग है. सूत्रों का कहना है कि केंद्र के लिखित प्रस्ताव में केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय कुमार मिश्रा का कोई जिक्र नहीं है. प्रस्ताव पर पहले तो किसान मोर्चा के पांच सदस्यीय कमेटी ने आपस में चर्चा की उसके बाद इस मुद्दे पर बैठक में बातचीत की गई.
Govt proposed that they will agree to our demands and that we should end the protest...but the proposal is not clear. We have our apprehensions which will be discussed tomorrow at 2 pm...Our movement is not going anywhere, will be here...: Rakesh Tikait, BKU pic.twitter.com/t7X2ePbRn5
— ANI (@ANI) December 7, 2021
जानकारी के अनुसार कल इस पर संयुक्त किसान मोर्चा एक बार फिर बैठक कर अपना बयान जारी करेगा. बैठक खत्म होने के बाद किसान नेता कुलवंत संधू ने बताया कि बैठक में अधिकतर मांगों पर सहमित बन गई है और कल किसान मोर्चा का जबाव आ जाएगा. हालांकि मेरा यह बयान किसान मोर्चा का आधिकारिक बयान नहीं है.