राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द ने सोमवार को वायु सेना के ग्रुप कैप्टन अभिनंदन वर्धमान को " वीर चक्र " से सम्मानित किया. पाकिस्तान के खिलाफ अदम्य साहस दिखाने के लिए यह सम्मान दिया गया. तत्कालीन विंग कमांडर अभिनंदन ने अपने मिग-21 विमान में उड़ान भरी, जिसने न केवल पाकिस्तानी वायु सेना के विमानों को भारतीय उपमहाद्वीप में प्रवेश करने से रोक दिया बल्कि पाकिस्तानी लड़ाकू विमान एफ-16 को भी तोड़ दिया. अभिनंदन ने अपने साहस और वीरता से पूरे देश का सम्मान अर्जित किया.

ग्रुप कैप्टन बनने पर बधाई :

विंग कमांडर अभिनंदन कुमार अब ग्रुप कैप्टन बन गए हैं. भारतीय सेना में ग्रुप कैप्टन का पद एक कर्नल के बराबर होता है. वह 51वें स्क्वाड्रन का हिस्सा थे जब अभिनंदन ने एक पाकिस्तानी लड़ाकू विमान को मार गिराया था. वे श्रीनगर के पास अविंतपुरा एयरबेस पर तैनात थे. ग्रुप कैप्टन अभिनंदन के पिता भी वायुसेना में अधिकारी थे और अब सेवानिवृत्त हो चुके हैं.

पाकिस्तानी विमान ने की भारत में घुसपैठ की कोशिश :

बालाकोट हवाई हमले के दूसरे दिन 27 फरवरी को पाकिस्तान वायु सेना के एक विमान ने भारत में घुसने की कोशिश की. मुस्ताद भारतीय वायु सेना ने उनका पीछा किया. विंग कमांडर अभिनंदन उस समय मिग-21 उड़ा रहे थे. अदम्य वीरता का परिचय देते हुए विंग कमांडर ने पाकिस्तान के एफ-16 को तोड़ा. लेकिन बाद में विमान पाकिस्तान सीमा क्षेत्र में दुर्घटनाग्रस्त हो गया. इसके बाद पाकिस्तानी सेना ने उन्हें बंधक बना लिया था. हालांकि भारत की वीरता और साहस कों देखते हुए पाकिस्तान ने करीब 60 घंटे बाद उन्हें रिहा कर दिया.

मिसाइल गिराकर पाकिस्तान के एफ-16 को किया नष्ट :

विंग कमांडर अभिनंद ने अपने साथियों से कहा, "मैं इसका पीछा कर रहा हूं, यह मेरा शिकार है." वहीं, 86 सेकेंड की बेहद करीबी मुठभेड़ शुरू हुई, जिसे 'डॉग फाइट' के नाम से जाना जाता है. उस समय पीछा करने की गति हवा में हर चार सेकंड में 1 किमी और 900 किमी प्रति घंटा थी. आगे-पीछे चलने वाला यह खेल 26,000 फीट की ऊंचाई तक पहुंच गया. अंत में अभिनंदन ने एक मिसाइल गिराकर पाकिस्तान के एफ-16 को नष्ट कर दिया.

पुलवामा का जवाबी हवाई हमला :

फरवरी 2019 में, आतंकवादियों ने जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में एक सैनिक बस को उड़ा दिया. इसके बाद भारत ने पाकिस्तान पर जबावी कार्यवाही करते हुए बालाकोट में एयर स्ट्राइक की. भारतीय लड़ाकू विमानों ने एलओसी पार कर पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में एक आतंकवादी शिविर पर बमबारी की. ऑपरेशन में 12 मिराज विमान शामिल थे. भारत के जवाबी हमले के बाद पाकिस्तान पूरी तरह से कमज़ोर हों गया था.