पूर्वोत्तर भारतीय राज्य नागालैंड में शनिवार शाम को सुरक्षा बलों द्वारा दो कथित गोलीबारी में बारह लोग मारे गए और 11 अन्य घायल हो गए, जानकारी के अनुसार, गलत पहचान का मामला होने की संभावना है. जिसमें छह नागरिक मारे गए. घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने सुरक्षा बलों के वाहनों में आग लगा दी और हमले में एक जवान की मौत हो गई. आत्मरक्षा में सुरक्षा बलों की गोलीबारी में सात और नागरिक मारे गए. इस घटना में मरने वालों की संख्या में बढोतरी होने की आशंका जताई जा रही है. घटना के बाद से इलाके में माहौल तनावपूर्ण हो गया है. दूसरी ओर, राज्य सरकार ने घटना की जांच के लिए एक उच्च स्तरीय एसआईटी के गठन की घोषणा की है, जबकि भारतीय सेना ने घटना की जांच के लिए कोर्ट ऑफ इंक्वायरी का आदेश दिया है.
Tension in Nagaland's Mon district after 13 civilians and a jawan lost their lives as a counter-insurgency operation went awry.
— ANI (@ANI) December 5, 2021
(Visuals deferred by unspecified time) pic.twitter.com/4t6GmKoUhk
सुरक्षा बलों ने म्यांमार सीमा के पास नागालैंड के ओटिंग गांव के पास 10 से अधिक श्रमिकों को ले जा रही एक पिकअप वैन पर गोलियां चलाईं, जिसमें छह युवकों की मौत हो गई और अस्पताल ले जाते समय दो अन्य घायल हो गए. इस घटना से ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया और उन्होंने सुरक्षा बलों पर हमला कर दिया और उनके वाहनों में आग लगा दी. हमले के खिलाफ आत्मरक्षा में सुरक्षा बलों की गोलीबारी में पांच से अधिक नागरिक मारे गए और छह घायल हो गए. हमले में एक जवान भी शहीद हो गया. पुलिस ने कहा कि वे जांच कर रहे हैं कि क्या यह गलत पहचान का मामला था.
#WATCH Nagaland CM Neiphiu Rio attends funeral service of civilians killed in army's anti-insurgency operation at Oting in Nagaland's Mon pic.twitter.com/PcvIWX4W7Z
— ANI (@ANI) December 6, 2021
सुरक्षा बलों को आतंकी चरमपंथियों के बारे में सूचना मिली थी :
घटना ओटिंग और तिरु गांवों के बीच हुई. पुलिस ने बताया कि घटना शनिवार देर शाम उस समय हुई जब एक कोयला खदान से दिहाड़ी मजदूर पिकअप वैन से घर लौट रहे थे. पुलिस ने कहा कि नेशनल सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ नागालैंड-के (एनएससीएन-के) के यंग डंग समूह के उग्रवादियों के लिए तलाशी अभियान चला रहे असम राइफल्स के जवानों ने कथित तौर पर एक पिकअप वैन पर गोलियां चला दीं, जिसमें छह नागरिक मारे गए थे. मौत की खबर ने ग्रामीणों को सुरक्षा बलों पर हमला करने के लिए प्रेरित किया.
एक महीने में जांच करेगी एसआईटी : गृह मंत्री शाह
नागालैंड के मुख्यमंत्री नेफिउ रियो ने घटना की कड़ी आलोचना की है और लोगों से इलाके में शांति बनाए रखने की अपील की है और कहा है कि घटना की जांच एसआईटी करेगी. नागालैंड के आईजी की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय एसआईटी एक महीने में जांच पूरी करेगी. उधर, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी घटना पर दुख जताया है. अमित शाह ने ट्वीट किया और लिखा, "ओटिंग, नागालैंड में हुई त्रासदी से दुखी हूं. मैं जान गंवाने वालों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं. राज्य सरकार द्वारा गठित एसआईटी घटना की गहन जांच करेगी ताकि पीड़ितों के परिवारों को न्याय मिल सके.
I've spoken to Union Home Minister, he is taking the matter very seriously. We've given financial assistance to affected families. We're asking Central govt to remove AFSPA from Nagaland.This law has blackened the image of our country: Nagaland CM Neiphiu Rio on civilian killings pic.twitter.com/cAFJsExvqE
— ANI (@ANI) December 6, 2021
कानून के तहत उचित कार्रवाई की जाएगी: भारतीय सेना
इस बीच, सेना कोर मुख्यालय ने कहा कि नागालैंड के मोन जिले के तिरु में संभावित चरमपंथी गतिविधियों की विश्वसनीय जानकारी के आधार पर क्षेत्र में एक विशेष अभियान की योजना बनाई गई थी. यह घटना और उसके बाद जो हुआ वह अत्यंत खेदजनक है. इस दुर्भाग्यपूर्ण मौत के कारणों की 'कोर्ट ऑफ इंक्वायरी' के जरिए उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए गए हैं और कानून के तहत उचित कार्रवाई की जाएगी. सेना ने कहा कि ऑपरेशन में सुरक्षाकर्मी भी गंभीर रूप से घायल हो गए.
असम राइफल्स कैंप में नागरिकों का हंगामा :
नागालैंड के मोन जिले में नागरिकों की मौत से नाराज भीड़ ने रविवार दोपहर नागालैंड के मोन जिले में असम राइफल्स कैंप और कोन्याक यूनियन के कार्यालय पर धावा बोल दिया. उस समय असम राइफल्स के जवानों की गोलीबारी में एक नागरिक की मौत हो गई थी. भीड़ ने हत्या में शामिल लोगों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की थी. नागालैंड सरकार ने भड़काऊ वीडियो, चित्र और संदेशों के प्रसार को रोकने के लिए मोबाइल, इंटरनेट और डेटा सेवाओं पर प्रतिबंध लगा दिया. फिर भी तोड़फोड़ के वीडियो वायरल हुए. विरोध में, पूर्वी नागालैंड पीपुल्स ऑर्गनाइजेशन (ईएनपीओ) ने क्षेत्र के छह आदिवासी समूहों से राज्य के सबसे बड़े पर्यटन मेले हॉर्नबिल महोत्सव में अपनी भागीदारी वापस लेने का आग्रह किया. उन्होंने आदिवासी समूहों से त्योहार स्थल पर सुरक्षा बलों के खिलाफ काले झंडे लहराने का भी आग्रह किया.
नागरिकों की मौत पर विपक्ष ने गृह मंत्रालय पर हमला बोला :
इस घटना के गहरे परिणाम सामने आ रहे हैं. कांग्रेस नेता राहुल गांधी समेत विपक्षी दलों ने गृह मंत्रालय पर सवाल उठाए हैं. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि सरकार को जवाब देना चाहिए कि गृह मंत्रालय क्या कर रहा है. कांग्रेस ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर कहा कि नागालैंड की घटना की खबर चौंकाने वाली है. उत्तर पूर्व में हिंसा की पुनरावृत्ति एक स्पष्ट संकेत है कि मोदी सरकार राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा करने और कानून व्यवस्था बनाए रखने में विफल रही है. तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी और एआईएमआईएम नेता असदुद्दीन ओवैसी ने भी घटना को लेकर सरकार की आलोचना की.
नगालैंड फायरिंग की घटना संसद के शीतकालीन सत्र में गूंज उठी :
नगालैंड फायरिंग की घटना आज संसद के शीतकालीन सत्र में भी गूंज उठी. लोकसभा और राज्यसभा में विपक्षी दलों ने इस मुद्दे को उठाया. राज्यसभा में विपक्षी दलों ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से स्पष्टीकरण की मांग की है. विपक्ष के हंगामे के चलते राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई. दूसरी ओर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद में विभिन्न मुद्दों पर चर्चा करने के साथ-साथ नागालैंड में फायरिंग के मुद्दे पर वरिष्ठ कैबिनेट मंत्रियों की बैठक बुलाई थी. साथ ही इन मुद्दों पर संसद में सरकार की क्या नीति होगी ? इस पर भी चर्चा हुई. लोकसभा में कांग्रेस समूह के नेता अधीर रंजन चौधरी ने नागालैंड में फायरिंग का मुद्दा उठाया. चौधरी ने कहा, निर्दोष नागरिकों को असम राइफल्स के जवानों ने मार गिराया. चौधरी ने मांग की है कि केंद्रीय गृह मंत्री इस मामले में स्पष्टीकरण दें.
Rajya Sabha adjourned till 12 pm today, amid demand by the Opposition MPs for the Union Home Minister's statement over #NagalandFiring pic.twitter.com/yRZNyNkf2p
— ANI (@ANI) December 6, 2021
संसद में बयान देंगे अमित शाह :
एएनआई के मुताबिक केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज संसद की विशेष संयुक्त बैठक को संबोधित करेंगे. सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने लोकसभा में एक प्रस्ताव पेश कर नागालैंड गोलीबारी पर चर्चा की मांग की है. नागालैंड में गोलीबारी की घटना बेहद संवेदनशील मुद्दा है. यह घटना दुर्भाग्यपूर्ण है. यह कैसे हुआ राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने मांग की कि केंद्रीय गृह मंत्री संसद के दोनों सदनों में स्पष्टीकरण दें.