आज भारत के संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अम्बेडकर की 66वीं पुण्यतिथि है। आज महापरिनिर्वाण का 66वां दिन है। उन्होंने अपना पूरा जीवन गरीब, उत्पीड़ित और पिछड़े वर्गों के उत्थान और जातिवाद के उन्मूलन के लिए समर्पित कर दिया। इसलिए उनकी पुण्यतिथि को महापरिनिर्वाण दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस मौके पर राजधानी दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद समेत कई वरिष्ठ नेताओं ने संसद भवन में सभा को संबोधित किया और डॉ. भीमराव अम्बेडकर को श्रद्धांजलि दी।
भारत रत्न बाबासाहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर को उनके महापरिनिर्वाण दिवस पर सादर श्रद्धांजलि।
— Narendra Modi (@narendramodi) December 6, 2021
Tributes to Dr. Ambedkar Ji on Mahaparinirvan Diwas. pic.twitter.com/e3ieIbG4Me
गृह मंत्री अमित शाह ने ट्वीट करते हुए लिखा,भारत रत्न बाबासाहेब आम्बेडकर जी ने भारत को एक ऐसा प्रगतिशील व सर्वसमावेशी संविधान दिया जिसने पूरे देश को एकता के सूत्र में बांधने के साथ-साथ देश के हर नागरिक को अपना जीवन संवार कर देश के विकास में भागीदार बनने की प्रेरणा दी। उनके विचार व आदर्श सदैव हमें प्रेरित करते रहेंगे।
भारत रत्न बाबासाहेब आम्बेडकर जी ने भारत को एक ऐसा प्रगतिशील व सर्वसमावेशी संविधान दिया जिसने पूरे देश को एकता के सूत्र में बांधने के साथ-साथ देश के हर नागरिक को अपना जीवन संवार कर देश के विकास में भागीदार बनने की प्रेरणा दी।
— Amit Shah (@AmitShah) December 6, 2021
उनके विचार व आदर्श सदैव हमें प्रेरित करते रहेंगे। pic.twitter.com/vVWaj4vtCw
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ट्वीट करते हुए लिखा, मैं महापरिनिर्वाण दिवस पर बाबासाहेब भीम राव अंबेडकर को नमन करता हूं। न्यू इंडिया के निर्माण में उनके योगदान को हमेशा याद किया जाएगा।
क्या कहा बीजेपी अध्यक्ष ने ?
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने ट्वीट करते हुए लिखा, भारत रत्न डॉ भीमराव आंबेडकर जी ने समरसता और राष्ट्रीय एकता की भावना को पिरोकर संविधान का सृजन किया। मोदी सरकार द्वारा देश के नवनिर्माण में उनके बताए सिद्धांतों की महत्वपूर्ण भूमिका है। बाबासाहेब की पुण्यतिथि पर उन्हें नमन करता हूँ।
कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने भी ट्वीट करते हुए लिखा, 'संविधान संदेश है समता का, संविधान संदेश है न्याय का, आइए संगठित होकर किसानों, मजदूरों, युवाओं, श्रमिकों, महिलाओं एवं वंचित तबकों के संवैधानिक अधिकारों पर हो रहे हमलों के खिलाफ संघर्ष की आवाज बुलंद करें। बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर जी के 'संविधान जिंदाबाद' के संदेश को मजबूत करें।