नई दिल्ली :सरकार ने आज नई दिल्ली में संविधान दिवस के अवसर पर कार्यक्रम आयोजित किए हैं. संसद भवन के सेंट्रल हॉल में आयोजित समारोह के दौरान राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मौजूद थे. हालांकि कांग्रेस समेत एक दर्जन से ज्यादा राजनीतिक ताकतों ने संविधान दिवस के कार्यक्रम से दूरी बना ली है.

अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री ने महात्मा गांधी और बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर को नमन किया. प्रधानमंत्री ने कहा, "यह संविधान दिवस मनाया जाना चाहिए ताकि हम मूल्यांकन कर सकें कि हमारा मार्ग सही है या नहीं. हमारा संविधान सिर्फ कई अनुच्छेदों का संग्रह नहीं है, हमारा संविधान हजारों वर्षों की एक महान परंपरा है, एक अखंड धारा है, उस धारा की आधुनिक अभिव्यक्ति है. संविधान का मसौदा तभी तैयार किया गया था जब राष्ट्रीय हित सर्वोपरि था.

प्रधानमंत्री ने बिना नाम लिए कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि, इस कार्यक्रम का आयोजन दिल्ली सरकार या प्रधानमंत्री ने नहीं किया. इस कार्यक्रम का आयोजन लोकसभा के अध्यक्ष द्वारा किया गया था जिसे सदन का गौरव माना जाता है. आज बाबासाहेब अम्बेडकर की 125वीं जयंती थी. हम सभी ने महसूस किया कि इससे बड़ा पवित्र अवसर और क्या हो सकता है कि बाबासाहेब अंबेडकर ने स्मृति ग्रंथ के रूप में हमारे देश को जो दर्शन दिया था, उसे हम हमेशा याद रखें. आज का दिन इस सदन से बाबासाहेब कों नमन करने का है.

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज का दिन बापू, बाबासाहेब अंबेडकर, डॉ. राजेंद्र प्रसाद जैसे दूरदर्शी गणमान्य व्यक्तियों को श्रद्धांजलि देने का दिन है. यह स्वतंत्रता आंदोलन में अपनी जान गंवाने वालों को श्रद्धांजलि देने का दिन है. उन्होंने 26/11 के हमलों को भी याद करते हुए कहा, 'आज का दिन हमारे लिए भी एक दुखद दिन है, जब दुश्मनों ने मुंबई में आतंकी हमले को अंजाम दिया. देश के वीर जवानों ने आतंकियों से जवाब देते हुए अपने प्राणों की आहुति दे दी. आज मैं भी उन बलिदानों को नमन करता हूं. कार्यक्रम के दौरान लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने देश के संविधान और संवैधानिक मूल्यों पर चर्चा की. उन्होंने कहा "हमारे संविधान का पूरी दुनिया में सम्मान किया जाता है.