किसान आंदोलन का नेतृत्व कर रहे राकेश टिकैत ने मोदी सरकार के तीन कृषि कानूनों को वापस लेने के फैसले पर प्रतिक्रिया दी है. केंद्र की मोदी सरकार द्वारा तीन कृषि कानूनों वापस लेने के बावजूद भी किसानों का आंदोलन जारी रहेगा. संयुक्त किसान मोर्चा के नेता राकेश टिकैत ने आंदोलन जारी रखने की घोषणा की है. राकेश टिकैत का कहना है कि संसद में तीन कृषि कानूनों को निरस्त किए जाने तक आंदोलन जारी रहेगा.

राकेश टिकैत ने स्पष्ट किया कि सरकार को किसानों के अन्य मुद्दों पर भी बात करनी चाहिए. उन्होंने कहा, 'आंदोलन तुरंत वापस नहीं लिया जाएगा, हम उस दिन का इंतजार करेंगे. जब संसद में कृषि कानूनों को निरस्त किया जाएगा. सरकार को MSP के साथ-साथ किसानों के अन्य मुद्दों पर भी चर्चा करनी चाहिए.

इससे पहले मोदी सरकार ने गुरु पर्व के मौके पर किसानों की मांगों कों सुनते हुए तीन कृषि कानूनों को वापस लेने का ऐलान किया था. पीएम मोदी ने आज देश के नाम अपने संदेश में कृषि कानून को लेकर बेहद अहम ऐलान किया. किसान आंदोलन का नेतृत्व करने वाले नेता हमेशा स्पष्ट रहे हैं कि उनका आंदोलन केवल तीन कृषि कानूनों के खिलाफ नहीं है. किसान आंदोलन ने हमेशा MSP पर कानून बनाने की अपनी मांग को दोहराया है. इसके अलावा इसमें कृषि से जुड़े अन्य सुधारों का भी उल्लेख है.

आपको बता दें कि पिछले साल मोदी सरकार ने तीन कृषि कानून लागू किए थे. पंजाब, हरियाणा और यूपी के किसानों ने उनके खिलाफ आंदोलन शुरू कर दिया। और दिल्ली के सिंघू और टिकरी बॉर्डर पर एक साल तक आंदोलन चलता रहा. किसानों ने अब सीमा पर रहने का फैसला किया है.