भोपाल: अपर नर्मदा जोन जबलपुर के मुख्य अभियंता राम मणि शर्मा ने भोपाल स्थित जल संसाधन मुख्यालय को भेजी अपनी ताजा रिपोर्ट में कहा है कि बरगी व्यपवर्तन परियोजना की निर्माणाधीन स्लीमनाबाद टनल में वर्तमान में टीबीएम यानि टनल बोरिंग मशीन, नगर बसाहट के नीचे क्रियाशील थी किन्तु उसकी बियरिंग क्षतिग्रस्त हो गई है जिसके बदलने हेतु लगभग 400 टनन वजन की टीबीएम को बाहर निकालने एवं बियरिंग बदलकर पुन: मशीन चालू करने की एक बड़ी चुनौती समक्ष आ गई है। नगर बसाहट के नीचे टनलिंग कार्य के समय भवनों को क्षति होने से बचाना भी बहुत बड़ी चुनौती है जिसके लिये पृथक उपाय किये जा रहे हैं।

रिपोर्ट में बताया गया है कि 2 लाख 45 हजार हेक्टेयर रूपांकित सैंच्य रकबे की निर्माणाधीन बरगी व्यपवर्तन परियोजना की 197 किमी लंबी मुख्य नहर का निर्माण (स्लीमनाबाद टनल को छोडक़र) पूर्ण हो चुका है। लगभग 12 किमी लंबी स्लीमनाबाद टनल में अब तक 9.66 किमी का निर्माण कार्य पूर्ण हो गया है, 2.29 किमी शेष है। टनल मार्ग की भू-गर्भीय संरचना हेट्रोजिनियस होने के साथ-साथ वॉटर टेबिल भी काफी ऊंचा है जिसके कारण कार्य प्रगति बाधित हो रही जबकि टनलिंग कार्य दोनों छोर से दो टनल बोरिंग मशीन से प्रगतिरत है। 

भू-गर्भीय जटिलता के कारण टनलिंग कार्य मशीन के अधिक मात्रा में क्षतिग्रस्त हो रहे हैं, जिससे मरम्मत कार्य करने में अत्याधिक समय जाया हो रहा है। सिंक होल बनने पर पानी, मिट्टी एक साथ टनल में प्रवेश कर जाती है जिससे लोको चालन हेतु डाली गई रेल में कीचड़ जम जाता है एवं लोको संचालन प्रभावित हो जाता है। साफ-सफाई कर लोको संचालन पुन: प्रारंभ करने में भी अत्याधिक समय लग रहा है। 

विद्यमान भू-गर्भीय संरचना एवं हाई वॉटर टेबिल के कारण एक ओर जहां कार्य प्रगति बढ़ाना एक बड़ी चुनौती है वहीं दूसरी ओर इन परिस्थितियों के कारण मशीन के कटर्स में हो रही अत्याधिक क्षतियों के कारण वित्तीय बोझ भी बढ़ता जा रहा है। तथापि ऐसी चुनौतीपूर्ण स्थिति से पार पाने हेतु विभाग एवं निर्माण एजेंसी दृढ़ संकल्पित हैं एवं रबी सत्र में कृषकों के खेतों में पानी पहुंचाने के पूरे प्रयास किये जा रहे हैं।