भोपाल: अब प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित पशु वध शालाओं में कोढ़ रोग से ग्रस्त व्यक्ति भी प्रवेश कर सकेगा। इसके लिये राज्य के पंचायत विभाग ने 24 साल बाद नियमों में बदलाव कर दिया है।
दरअसल राज्य सरकार ने 24 साल पहले मप्र ग्राम पंचायत पशु वध यााला का विनियमन नियम 1998 बनाये थे जिसके नियम 22 में प्रावधान था कि कोई भी व्यक्ति, जो कोढ़, जख्म या किसी अन्य चर्मरोग या किसी संक्रामक या सांसर्गिक रोग से ग्रस्त हो, पशु वध शाला के परिसरों में प्रवेश नहीं करेगा।
चूंकि कालांतर में कोढ़ रोग ठीक होने की दवायें एवं उपचार आ गया इसलिये इस रोग से ग्रस्त व्यक्ति के लिये निषेध की जरुरत नहीं रह गई। इसके लिये राज्य सरकार ने 28 अगस्त 2020 को उक्त नियमों में कोढ़ शब्द को विलोपित करने का प्रारुप जारी किया गया और अब दो साल बाद नियमों में कोढ़ शब्द को विधिवत रुप से हटाने का नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है।