भोपाल: प्रदेश के चार वन ग्राम ऐसे हैं जिन्हें राजस्व ग्राम बनाने की कार्यवाही अब तक राज्य सरकार नहीं कर पाई है। इसमें डिण्डौरी के धुण्डीसरई वन ग्राम में ग्रामीणों के विरोध के कारण सर्वे का कार्य आरंभ नहीं हो पाया है जबकि नर्मदापुरम के वन ग्राम बारासेल की पत्रावली उपलब्ध नहीं होने से डिजिटाईशेन का कार्य नये सिरे से किया जा रहा है। इसी प्रकार, नरसिंहपुर के वन ग्राम गणेशनगर को खत्म कर दिया गया है।
पेंच टाइगर रिजर्व के वन ग्राम कर्मा झिरी में विस्थापन की कार्यवाही प्रचलित है। उल्लेखनीय है कि प्रदेश के कुल 792 वन ग्रामों को राजस्व ग्राम में परिवर्तित किया जाना है। अब तक 729 वन ग्रामों में सर्वे की कार्यवाही पूर्ण हो गई तथा 62 वन ग्रामों में सर्व की कार्यवाही प्रगतिरत है और एक वन ग्राम बचा है। कुल 698 वन ग्रामों का डिजिटाईजेशन किया जा चुका है तथा 93 वन ग्रामों की कार्यवाही प्रगतिरत है और एक वन ग्राम शेष है।
डॉ. नवीन आनंद जोशी