भोपाल: पन्ना उत्तर वन मंडल के जंगल में फंदे पर लटकने से बाघ की मौत के मामले में तीनों शिकारियों को गिरफ्तार कर लिया गया. उनके खिलाफ वन्य प्राणी एक्ट की धारा 9 के तहत पीओआर पंजीबद्ध किया गया है. इसके साथ ही गति में लापरवाही बरतने के आरोप में डिप्टी रेंजर और फॉरेस्ट गार्ड को निलंबित किया गया. अपराधियों को पकड़वाने में डॉग स्क्वायड की अहम भूमिका रही है.
मुख्य वन संरक्षक छतरपुर संजीव झा ने बताया कि घटना के प्रकाश में आने के 24 घंटे के भीतर ही विभाग की टीम ने शिकारियों को धर दबोचा है. बुधवार को डॉग स्क्वायड की मदद से नेपाल सिंह को गिरफ्तार किया गया था. गुरुवार को दोपहर बाद मुख्य आरोपी इंदल सिंह और सहायक आरोपी सतपाल सिंह को भी गिरफ्तार कर लिया गया है.
उनके खिलाफ वन्य प्राणी एक्ट के तहत मामला पंजीबद्ध किया गया. उसके साथ ही बन्ना और बन्नी प्राणियों की सुरक्षा में लापरवाही बरतने वाले डिप्टी रेंजर अजीत खरे और फॉरेस्ट गार्ड अरुण त्रिवेदी को निलंबित कर दिया है. संभवत पहली बार ऐसा हुआ कि शिकार के मामले में वन विभाग की टीम ने ताबड़तोड़ कार्रवाई होते हुए घटना प्रकाश में आने के 24 घंटे के भीतर ही तीनों शिकारियों को धर दबोचा.
उल्लेखनीय है कि जंगली सूअर के लिए लगाए गए क्लच वायर के फंदे में फंस कर टाइगर की मौत के मामले को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गंभीरता से लिया. बुधवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए लिए गए बैठक में वन अधिकारियों को शिकारियों के पकड़े के लिए निर्देश दिए थे.