भोपाल। राज्य सरकार ने पन्ना जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ चिकित्सा अधिकारी डा. निर्मल कुमार सलूजा के खिलाफ भ्रष्टाचार से संबंधित एक प्रकरण में लोकायुक्त को अभियोजन की स्वीकृति प्रदान कर दी है। इसकी स्वीकृति लोकायुक्त ने दो साल पहले 16 दिसम्बर 2020 को मांगी थी।
यह है आरोप :
शिकायतकर्ता महेश सिंह ने डॉ. जसूजा मेडिकल के विरूद्ध एक रिश्वत मांग संबंधी शिकायती पत्र पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त सागर के समक्ष प्रस्तुत किया था कि उसकी पुत्री मृतिका राजाबेटी की पीएम रिर्पोट देने ओर उसमें हत्या के तथ्य लिखने के एवज में रिश्वत की मांग की गई। शिकायती पत्र के सत्यापन हेतु आरोपी व शिकायतकर्ता के बीच रिश्वत संबंधी वार्तालाप को गोपनीय ढंग से टेपांकित कराया गया, जिसमें एक गोंद से चिपका हुआ लिफाफा एक डिजीटल वॉयस रिकार्डर तथा इस वॉयस रिकार्डर में शिकायतकर्ता तथा अनावेदक के मध्य रिश्वत मांग संबंधी वार्ता रिकार्डेड होना बताया गया है।
जिसमें शिकायतकर्ता से बातचीत के दौरान डॉ. जसूजा द्वारा 2 लाख रूपये रिश्वत मांग करने की पुष्टि हुई। 5 मार्च 2018 को लोकायुक्त पुलिस ने भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत केस दर्ज किया। प्रकरण की विवेचना प्रारम्भ कर ट्रेप कार्यवाही की ग्रई। शिकायतकर्ता महेश सिंह से 1 लाख रुपये रिश्वत लेते हुए आरोपी को रंगे हाथ पकड़ा गया।