भोपाल: वन विभाग ने लंबे समय से सर्किल में रिक्त पद पर पदस्थापना के आदेश जारी किए हैं. अभी भी लंबे समय से वन मंडलों में डीएफओ के पद खाली पड़े हैं. जारी आदेश के तहत वन विभाग ने बालाघाट में पदस्थ सीसीएफ नरेंद्र कुमार सनोडिया को सीसीएफ इंदौर के पद पर स्थानांतरित किया.
सनोडिया के अलावा बृजेंद्र झा को मुख्य वन संरक्षक कार्य आयोजना होशंगाबाद से क्षेत्र संचालक पन्ना टाइगर रिजर्व और जे देवा प्रसाद वन संरक्षक पीसीसीएफ मुख्यालय से वन संरक्षक कार्य आयोजना छिंदवाड़ा के पद पर स्थानांतरित किया गया.
आईएफएस अधिकारियों के तबादले:
ग्वालियर वर्किंग प्लान सबमिट करने के बाद संजीव कुमार झा को वन संरक्षक छतरपुर सर्किल में पदस्थ किया गया. इसके अलावा सुरेंद्र कुमार सिंह तिवारी वन संरक्षक उत्पादन वन मंडल से वन संरक्षक होशंगाबाद सर्किल और महेंद्र सिंह सोलंकी को मध्य प्रदेश राज्य वन विकास निगम भोपाल में पदस्थ किया गया.
लंबी प्रतीक्षा के बाद हुई पदस्थापना-
9 महीने की लंबी प्रतीक्षा के बाद गुरुवार को राज्य शासन ने आदेश जारी कर ओंकार सिंह मर्सकोले को विदिशा डीएफओ के पद पर पदस्थ किया गया. भारत सरकार ने 20 जनवरी को मर्सकोले को आईएफएस अवार्ड दिया था तब से अब तक वे सहायक संचालक पिपरिया सतपुरा टाइगर रिजर्व होशंगाबाद के पद पर पदस्थ थे. गुरुवार को जारी आदेश में भोपाल सर्किल के अतिसंवेदनशील वन मंडल विदिशा के डीएफओ पद पर पदस्थ किया गया है. यानी डीएफओ का पद मर्सकोले के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है. विदिशा वन मंडल के लटेरी क्षेत्र में संगठित टिंबर माफिया के द्वारा सर्वाधिक वन कटाई हो रही है. अवैध कटाई पर रोक लगाना आसान नहीं है.
सेंगर को मिली क्लीन चिट-
वन विभाग ने एपीएस सेंगर के खिलाफ चल रही विभागीय जांच को नस्तीबद कर दिया है. विभागीय जांच में क्लीन चिट मिलने के बाद सेंगर को वन संरक्षक के पद पर पदोन्नत करते हुए वन संरक्षक के पद पर पदस्थ कर दिया गया है. सेंगर जब टीकमगढ़ में पदस्थ है तब वे अपने आवास के बिजली बिल रेस्ट हाउस के बिल के नाम पर भुगतान करते थे. मामला प्रकाश में आने के बाद जमा कराया गया. इसके बाद उन्हें क्लीन चिट दे दी गई. 26 दिसंबर 2020 को हुई डीपीसी में विभागीय जांच के चलते उनका लिफाफा बंद कर दिया गया था.