संघ के एमएफपी पार्क में रॉ मटेरियल के टुकड़े-टुकड़ो में खरीदी पर लगी रोक, बनाई एसओपी


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स्टोरी हाइलाइट्स

आंतरिक क्रय समिति में दो डॉक्टरों के शामिल करने पर उठे सवाल..!!

भोपाल: लघु वनोपज संघ के एमडी बिभाष ठाकुर ने एमएफपी पार्क में रॉ मटेरियल के टुकड़े-टुकड़ो में खरीदी पर रोक लगा दी है। एमडी पहली बार अब खरीदी के एमएफपी पार्क में कच्चा माल क्रय की मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) बनाई है। पहले लिखित एसओपी नहीं थी। इस एसओपी में जो आंतरिक क्रय समिति बनाई है उसमें उत्पादन से संबंधित दोनों डॉक्टरों को लिया गया है। 

जबकि इसमें प्रमाणीकरण अधिकारी या फिर लैब से वैज्ञानिक को समाहित किया जाना चाहिए था। एमएफपी पार्क में रॉ मटेरियल की खरीदी में हुई गड़बड़झाला में डॉक्टरों की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे है। अब समस्त सामग्रियों का भंडार सत्यापन मार्च , जून, सितम्बर, दिसम्बर में उप प्रबंधक (उत्पादन), गोदाम प्रभारी एवं क्वालिटी कंट्रोलर (मैन्युफैक्चरिंग) द्वारा किया जावेगा।

पिछले दिनों एमएफपी पार्क में रॉ मटेरियल की खरीदी से लेकर एक्सपायरीडेट की दवाइयों से जुड़ी खबरें सुर्खियों में रही। इससे बिना हर्बल की छवि भी धूमिल हुई। मौजूदा प्रबंध संचालक ने डैमेज कंट्रोल के अंतर्गत बदलाव की शुरुआत कर दी है। इसी कड़ी में एमएफपी पार्क द्वारा क्रय किए जाने वाले कच्चे माल क्रय की मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) निर्धारित कर दी है। 

इसके पहले लिखित एसओपी नहीं थी। यह मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) एम.एफ.पी. पार्क में कच्चा माल क्रय की प्रक्रिया, कच्चे माल की प्राप्ति, गुणवत्ता परीक्षण, अनुमोदन, भुगतान, भंडारण और अनुश्रवण में शामिल प्रक्रियाओं के अनुक्रम को परिभाषित करता है। इस एसओपी का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कच्चे माल की खरीद कुशलतापूर्वक, पारदर्शी तरीके से और एम.एफ.पी. पार्क की नीतियों एवं म.प्र. भंडार क्रय नियम तथा सेवा उपार्जन नियम-2015 (यथा संशोधित-2022) के अनुपालन में की जाए।

आंतरिक क्रय समिति

आंतरिक क्रय समिति में उप प्रबंधक (उत्पादन) एमएफपी पार्क, क्वालिटी कंट्रोलर (मैन्युफैक्चरिंग) एमएफपी पार्क और मैन्युफैक्चरिंग केमिस्ट, एमएफपी पार्क को शामिल किया है। उत्पादन प्रबंधक द्वारा प्रस्तुत क्रय की जाने वाली सामग्री (कच्चा माल एवं पैकेजिंग मटेरियल) का परीक्षण आंतरिक क्रय समिति द्वारा किया जाएगा। परीक्षण उपरांत आंतरिक क्रय समिति 10 दिन के भीतर मुख्य कार्यपालन अधिकारी, एमएफपी पार्क को मांग पत्र प्रस्तुत करेगी।

वन मेले में किए गए एमओयू पर होगी खरीदी

आंतरिक क्रय समिति द्वारा प्रस्तुत मांग अनुसार सामग्री के क्रय हेतु मुख्य कार्यपालन अधिकारी, एमएफपी-पार्क द्वारा अनुमोदन किया जावेगा। सर्वप्रथम कच्चा माल वन धन केन्द्रों अथवा प्राथमिक वनोपज सहकारी समितियों से प्राप्त करने के प्रयास किये जायेंगे। वन धन केन्द्रों अथवा प्राथमिक वनोपज सहकारी समितियों हेतु क्रय दर वन मेला में किये गए एमओयू के आधार पर निश्चित किया,जावेगा। जिन कच्चे माल की एमओयू दर नहीं है उनकी दर संघ मुख्यालय द्वारा गठित समिति द्वारा एमएसपी को ध्यान में रखकर निश्चित किया जावेगा। शेष सामग्री हेतु निविदा आमंत्रित करने हेतु नस्ती निविदा शाखा को अंकित की जाएगी।

संघ मुख्यालय स्तर पर गठित समिति

निविदा शाखा द्वारा निविदा आमंत्रित करने की समस्त कार्यवाही सुनिश्चित की जावेगी। इस हेतु संघ मुख्यालय द्वारा गठित समिति को निविदा के खोले जाने एवं निराकरण हेतु सूचना पत्र जारी किया जाएगा। समिति द्वारा निविदा के खोले जाने एवं निराकरण करने का कार्य किया किया जाएगा। समिति म.प्र.भंडार क्रय नियमों के अंतर्गत वित्तीय प्रावधानों एवं स्वीकृतियों का अनुपालन सुनिश्चित करते हुए अपनी अनुशंसाएं मुख्य कार्यपालन अधिकारी, एमएफपी. पार्क को प्रस्तुत करेगी। इस समिति में अपर प्रबंध संचालक (विकास) / कार्यकारी संचालक (विकास) / प्रबंधक (विकास),  प्रबंधक (वित्त),  उप प्रबंधक (संपदा), उप प्रबंधक (एमएफपी पार्क) को शामिल किया गया है।

सीईओ के वित्तीय अधिकार निर्धारित

संघ के प्रबंध संचालक बिभाष ठाकुर ने वित्तीय अधिकार भी निर्धारित कर दिए है। इसके अनुसार मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा 10 लाख रुपए तक की समस्त सामग्रियों (प्रत्येक सामग्री 10 लाख तक की) का अनुमोदन किया जावेगा। 10 लाख रुपए से अधिक परन्तु 20 लाख से कम की सामग्री का अनुमोदन प्रबंध संचालक से प्राप्त किया जावेगा। राशि 20 लाख से अधिक की प्रत्येक सामग्री का अनुमोदन प्रशासक से प्राप्त किया जावेगा। यदि निविदा का निराकरण नहीं होता है तो पुनः निविदा आमंत्रित करने की कार्यवाही की जावेगी।

क्वालिटी कंट्रोल के लिए बना एक्शन प्लान

मंत्रालय में हुई एक बैठक में क्वालिटी कंट्रोल के लिए एक्शन प्लान बनाया गया है। इसके तहत वनौषधियों की गुणवत्ता के निर्धारण के लिये गठित की जाने वाली समिति में माईक्रो बायोलाजिस्ट, केमिस्ट, बाटनिस्ट, क्वालिटी कण्ट्रोलर एवं मेनुफक्चरिंग केमिस्ट रखे जायेंगे। बैठक में एक्शन प्लान के तहत बताया गया है कि वनौषधियों के गुणवत्ता सुधारने के लिये आंतरिक प्रयोगशाला फेल सामग्री की पुनः, मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाओं में जांच कराई जायेगी। इसमें भी वनौषधी के फंग्स होने पर उसे विनष्ट किया जायेगा या उसे संबंधी प्रदायकर्त्ता एजेन्सी को वापस किया जायेगा। 

अब मेडिकल एजेंट रखे जाएंगे

एमएफपी पार्क द्वारा समस्त शासकीय संस्थानों में औषधियों की आपूर्ति हेतु संस्थान अभिकर्त्ता की नियुक्ति की जायेगी और आय बढ़ के लिये खुदरा व्यापार को बढ़ाने का प्रयास कि जायेगा। इसके अतिरिक्त प्राथमिक वनोपज समिति के माध्यम से कच्ची जड़ी-बेटियों का अधिक अधिक क्रय किया जायेगा।