भोपाल: राष्ट्रीय युवा दिवस पर सामूहिक सूर्य नमस्कार, मन-शरीर के साथ वैचारिक रूप से सशक्त हो-CM


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स्टोरी हाइलाइट्स

स्वामी विवेकानंद जी की जयंती का अवसर, स्वामी जी ने भारतीय दर्शन और संस्कृति को विश्व के समक्ष रखा और भारतीय परंपराओं की विशेषताओं को विश्व पटल पर उजागर करने का महत्वपूर्ण कार्य किया..!!

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने 12 जनवरी शुक्रवार को राष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर सुभाष एक्सीलेंस विद्यालय, शिवाजी नगर में सामूहिक सूर्य नमस्कार कार्यक्रम का शुभारंभ किया। 

इस मौके पर उच्चतर माध्यमिक उत्कृष्ट विद्यालय में सीएम मोहन यादव ने माँ सरस्वती और भारतीय अध्यात्म और संस्कृति को वैश्विक पटल पर स्थापित करने वाले स्वामी विवेकानंद जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। 

सीएम डॉ मोहन यादव ने कार्यक्रम को संबोधित भी किया।

उन्होंने विद्यार्थियों और वहां उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा, आज से 100 साल पहले स्वामी विवेकानंद जी ने कहा था कि 21वीं शताब्दी भारत की होगी... आज हम सब देख रहे हैं कि भारत कदम-कदम पर पल-प्रतिपल अनेकों उपलब्धियां हासिल कर रहा है।

सामूहिक सूर्य नमस्कार के कार्यक्रम में शामिल सभी विद्यार्थियों, शिक्षकगण, शासकीय सेवकों, सभी सम्मानीय प्रतिनिधियों और नागरिकों का मैं स्वागत और अभिनंदन करता हूँ।

सीएम यादव ने आगे कहा, आज स्वामी विवेकानंद जी की जयंती है। स्वामी जी ने भारतीय दर्शन और संस्कृति को विश्व के समक्ष रखा और भारतीय परंपराओं की विशेषताओं को विश्व पटल पर उजागर करने का महत्वपूर्ण कार्य किया। 

आज प्रदेश में योग दिवस और सामूहिक सूर्य नमस्कार के कार्यक्रम में स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा की संस्थाओं के विद्यार्थी हिस्सा ले रहे हैं। इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों की और आम नागरिकों की उपस्थिति सराहनीय है। 

तन-मन और वाणी से  की गई सूर्य उपासना सूर्य नमस्कार है। सूर्य देवता हमें विटामिन डी सहित गतिशील जीवन के लिए ऊर्जा प्रदान करते हैं।

हमारे प्रदेश में शिक्षक बन्धु योग का प्रशिक्षण भी प्राप्त करते हैं इसके लिए प्रशिक्षण केन्द्र संचालित किए जा रहे हैं। देश के अन्य स्थानों पर जाकर भी हमारे शिक्षक योग का प्रशिक्षण लेते हैं।

आज हमारे सामने जो चुनौतियां हैं उन्हें देखते हुए और विद्यार्थियों को कैरियर के चुनाव के लिए मन और शरीर की दृष्टि से सशक्त होना आवश्यक हो गया है।

स्वामी विवेकानंद जी ने भी मन और शरीर की मजबूती के साथ वैचारिक रूप से सशक्त होने पर जोर दिया था। सूर्य नमस्कार स्वामी जी के स्वप्न को साकार करने का माध्यम बना है। 

युवाओं को जीवन में कुछ हासिल करना है तो कठोर परिश्रम आवश्यक है। स्वामी विवेकानंद जी को खेल, प्राणायाम को विद्यालयों के पाठ्यक्रम का अनिवार्य हिस्सा बनाने पर बल देते थे। यही नहीं धर्म, आध्यात्म और संगीत के ज्ञान से भी विद्यार्थी संस्कारित होते हैं।

आज सामूहिक सूर्य नमस्कार के शुभ अवसर पर मैं समाज के सभी वर्गों से अनुरोध करता हूँ कि वे योग को अपनाएं और स्वस्थ्य शऱीर एवं मन के साथ राष्ट्र की सेवा में बेहतर योगदान दें।

आपकी भागीदारी के लिए हृदय से आभार व्यक्त करते हुए मैं आप सभी को पुन: शुभकामनाएं देता हूँ।

कार्यक्रम में मंत्री श्रीमती कृष्णा गौर, श्री राकेश सिंह, श्री राकेश शुक्ला, श्री लखन पटेल और सांसद सुश्री प्रज्ञा ठाकुर भी उपस्थित रहीं।