शहर के अस्पतालों में आग से निपटने के इंतजामों की पड़ताल अब निगम की टीम के साथ 8 विशेषज्ञ डाक्टरों की टीम भी करेगी। सीएमएचओ ने इन डॉक्टरों को नामित कर दिया है। इस टीम ने पड़ताल की शुरुआत आज सुबह 10 बजे से कर दी है। ये अलग अलग अस्पतालों में जा रहे हैं और वहां इंतजामों को देख रहे हैं। इस आधार पर रिपोर्ट तैयार करेंगे और शासन को प्रेषित करेंगे। भोपाल सीएमएचओ डॉ. प्रभाकर तिवारी की ओर से शुक्रवार शाम को संयुक्त बैठक बुलाई गई थी। जिसमें निगम के अधिकारियों ने भी हिस्सा लिया था। जिसमें यह तय हुआ कि संयुक्त जांच आठ टीमें करेंगी।

प्रत्येक में एक विशेषज्ञ डॉक्टर, निगम के विशेषज्ञ अधिकारी, कर्मचारी और स्वास्थ्य विभाग से एक कार्यालयीन कर्मचारी होंगे। भोपाल में ये जांचें जबलपुर के एक निजी अस्पताल में हुई आग लगने की घटना के बाद की जा रही है। डॉ. तिवारी ने बताया कि 349 अस्पतालों ने एनओसी ली है। इसी सभी में आग बुझाने के इंतजामों को नए सिरे से देखा जाएगा। कमी मिलने पर ठोस कार्रवाई की जाएगी। 

इधर, हमीदिया में निगम कर्मियों ने बताए आग बुझाने के तरीके

हमीदिया अस्पताल के 250 से अधिक स्वास्थ्य कर्मी व सुरक्षाकर्मियों को निगम की टीम ने शुक्रवार आग बुझाने के तरीके बताए हैं। यह भी बताया कि जब आग बड़ी हो और उसे बुझा पाने में असमर्थ हो तो पूर्व से निर्धारित योजना के तहत खुद बाहर निकले और मरीजों को भी बाहर निकाल लें। तब तक नगर निगम को सूचना भी दे दें, ताकि समय रहते दमकल व दल मौके पर पहुंच जाएं। किसी भी तरह की देरी न करें। आग किसी भी वजह से लगी हो, उसे छुपाने व दबाने की कोशिशें बिल्कुल न करें। फतेहगढ़ फायर स्टेशन के निरीक्षक शक्ति कुमार तिवारी व फायरमैन सफी उद्दीन खान दलबल के साथ हमीदिया पहुंचे थे। शक्ति कुमार तिवारी ने स्वास्थ्यकर्मी व सुरक्षाकर्मियों को बताया कि बिजली उपकरणों के बाक्स में आग लगी हो तो उसे बुझाने के लिए सीओटू से भरे सिलेंडर का उपयोग करें। यदि यह मौजूद न हो तो एबीसी पाउडर वाला फायर यंत्र का उपयोग करें। पानी का उपयोग बिल्कुल न करें। आग यदि कम्प्यूटर व आइटी वाले सेक्शन में लगी हो तो बुझाने के लिए सीओटू से भरे भरे सिलेंडर का उपयोग करें।