छत्तीसगढ़ में एक बड़ा नक्सली हमला हुआ है। जिसमें 10 जवान और एक ड्राइवर शहीद हो गए। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि किसी को बख्शा नहीं जाएगा। गृहमंत्री अमित शाह ने सीएम बघेल से की बात की है।
दंतेवाड़ा में हुए IED ब्लास्ट में 11 जवान शहीद हो गए। इसमें डीआरजी के 10 कर्मचारी और एक ड्राइवर शामिल है। दंतेवाड़ा के अरनपुर में आईईडी ब्लास्ट में एक जवान शहीद हो गया। नक्सलियों और पुलिस के बीच मुठभेड़ जारी है। छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल ने कहा कि यह बेहद दुखद है। शोक संतप्त परिवारों के प्रति मेरी संवेदनाएं। यह लड़ाई अपने अंतिम चरण में है।
नक्सलियों को बख्शा नहीं जाएगा। DRG का मतलब डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड होता है, ये छत्तीसगढ़ पुलिस के स्पेशल फोर्स होते हैं जिनकी भर्ती सिर्फ नक्सलियों से लड़ने के लिए की जाती है। इनमें सरेंडर करने वाले नक्सली और बस्तर में पले-बढ़े लोग शामिल हैं। नक्सलियों के खिलाफ अब तक इन जवानों को सबसे बड़ी कामयाबी मिली है। ऐसे में यह बड़ा नुकसान है।
सूत्रों के मुताबिक केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री से फोन पर बात की और उन्हें हर संभव मदद का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को जो भी जरूरत होगी मुहैया कराई जाएगी।
इससे पहले कितनी बार नक्सली हमले हो चुके हैं?
6 अप्रैल 2010 को छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में नक्सली हमला हुआ था, जिसमें 76 जवान शहीद हुए थे।
25 मई 2013 को, ज़ीरम घाटी में एक कांग्रेस प्रवीण यात्रा पर हमला हुआ, जिसमें कांग्रेस के शीर्ष नेताओं सहित 30 से अधिक लोग मारे गए।
11 मार्च 2014 को सुकमा जिले के तहकवाड़ा में नक्सली हमला हुआ. जिसमें 15 जवान शहीद हो गए।
12 अप्रैल 2014 को छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले के दरभा में नक्सली हमला हुआ था। जिसमें पांच जवानों समेत 14 लोग शहीद हो गए।
11 मार्च 2017 को सुकमा के भज्जी इलाके में नक्सली हमले में सीआरपीएफ के 12 जवान शहीद हो गए थे।
24 अप्रैल, 2017 को सुकमा में माओवादियों के हमले में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के 25 जवान शहीद हो गए थे।
21 मार्च 2020 को सुकमा जिले के मिनपा में जवानों पर नक्सली हमला हुआ था, जिसमें 17 जवान शहीद हो गए थे।
23 मार्च 2021 को छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में जवानों से भरी बस पर हमला किया गया, जिसमें 5 जवानों की मौत हो गई।
4 अप्रैल 2021 को छत्तीसगढ़ के बीजापुर और सुकमा जिले की सीमा पर नक्सली हमला हुआ था, जिसमें 22 जवान शहीद हो गए थे।