MP Politics: मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव की तारीख के ऐलान के साथ ही मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की एक तस्वीर अचानक सुर्ख़ियों में आ गई. जिस पर अब सियासत शुरू हो गई है. ऐसा इसलिए क्योंकि चुनावी तारीखों के ऐलान के समय बीते दिनों सीएम शिवराज हरिद्वार और ऋषिकेश दौरे पर अचानक चले गए थे. 

जिसको लेकर अब सियासत काफ़ी तेज़ है. दरअसल, सीएम शिवराज ने हाल ही में अपने ऑफिशियल ट्विटर हैंडल से एक तस्वीर शेयर की. जिसमें वह गंगा किनारे किताब लिए दार्शनिक अंदाज में बैठे नज़र आ रहे हैं. अब इस फ़ोटो पर कमलनाथ ने तंज़ कसा हैं.

BJP ने GST लगाकर धार्मिक भावनाओं के साथ किया खिलवाड़-

पूर्व सीएम कमलनाथ ने ट्विटर पर पोस्ट शेयर करते हुए लिखा, मुख्यमंत्री जी को ये ज्ञात होना चाहिए कि जिस पूजनीय गंगा माँ के किनारे शांति की तलाश में वो कैमरे की टीम के साथ गये, उस गंगा माँ के ‘गंगाजल’ पर उनके दल की भाजपा सरकार द्वारा ही जीएसटी लगाकर धार्मिक भावनाओं के साथ खिलवाड़ किया गया है.

कमलनाथ ने आगे लिखा, मुझे आशा है कि भाजपा में भी जो कुछ अच्छे नेता और समर्थक बचे हैं, वो भी ‘गंगाजल पर जीएसटी’ लगाने के हमारे इस विरोध का समर्थन करेंगे. भाजपा ने पहले राजनीति को व्यवसाय बना दिया, अब गंगा के पवित्र जल को भी व्यापार समझकर उस पर भी टैक्स लगा रही है. ‘गंगाजल’ पर टैक्स लगाना भाजपा का आध्यात्मिक भ्रष्टाचार है.

CM शिवराज के इस दौरे पर सियासत-

बता दें कि बीते दिनों सीएम शिवराज सहपरिवार ऋषिकेश और हरिद्वार के दौरे पर गए थे. उन्होंने टिहरी जिले के बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित गूलर दोगी में स्थित आनंद काशी रिजॉर्ट में रात्रि विश्राम भी किया. इस दौरान उन्होंने बीती शाम मां गंगा की पूजा आरती की.

वहीं, अगले दिन सुबह योग और ध्यान भी किया. उसी दिन सीएम शिवराज पौड़ी जिले के थाना लक्ष्मण झूला क्षेत्रांतर्गत परमार्थ निकेतन आश्रम पहुंचे, स्वामी चिदानंद सरस्वती मुनि से भी भेंट की. उन्होंने इसी दौरे की एक तस्वीर भी शेयर की थी जिसके ज़रिये कमलनाथ ने भाजपा पर निशाना साधा हैं.