भोपाल: राज्य के वन विभाग द्वारा कूनों राष्ट्रीय उद्यान श्योपुर में दक्षिण अफ्रीका एवं नामीबिया से चीता लाकर उसकी पुनस्र्थापना की जा रही है। चीता मानव वन्यप्राणी द्वन्द को कम करने के लिए राष्ट्रीय उद्यान के बफर क्षेत्र के प्रत्येक ग्राम में 3 से 4 युवा आदिवासियों का चीता मित्र दल गठित किया गया है। प्रधानमंत्री के राष्ट्रीय उद्यान के संभावित भ्रमण के दौरान युवा आदिवासियों के चीता मित्र दल को प्रधानमंत्री से मिलवाने की तैयारी की जा रही है।
वन विभाग ने बताया कि चीता मित्र दल की सेवा पूर्णत: स्वैच्छिक है। इस दल के सदस्यों से सक्रिय सहयोग लेने हेतु उन्हें यूनिफार्म, लाउड स्पीकर उपलब्ध कराने के साथ-साथ उन्हें चीता के स्वभाव एवं उसके विभिन्न पहलुओं पर व्यवहारिक प्रशिक्षण देकर कुशल बनाना है। ग्रामीणों एवं वन विभाग के मध्य चीता मित्र दल के सदस्य एक सेतु का काम करेंगे तथा वन एवं वन्यप्राणियों विशेषकर चीता को क्षति पहुंचाने वाली गुप्त सूचनाओं से वन विभाग को नियमित रूप से अवगत करायेंगे।
चीता मित्र दल का मुख्य कार्य राष्ट्रीय उद्यान की परिधि में स्थित ग्रामों में नियमित रूप से भ्रमण कर चीते के प्रति जन-जागरूकता पैदा करना है। चीता मित्र दल के सदस्यों द्वारा ग्रामीणों के बीच जाकर उन्हें तेंदुआ एवं चीता के मध्य अंतर बताकर समझाईश दी जाना है, जिससे ग्रामीण चीते को भली-भांति पहचान सकें। दल दवारा ग्रामीणों में चीते के प्रति जागरूकता बढ़ाने से चीते का संरक्षण होगा तथा किसी आकस्मिक अथवा अप्रिय घटना की स्थिति निर्मित होने पर उसका त्वरित निराकरण करने में सहायता मिलेगी।